बिना गेहूं खरीदी राशि भुगतान करने पर तीन पर एफआइआर, राशि रिकवर

DG NEWS RAJGARH

राजगढ़ से कल्पना कीर की रिपोर्ट

राजगढ़ । बिना गेहूं खरीदे ही किसानों को फर्जी बिल प्रदान करना एवं फर्जी तौल पत्रक के आधार पर राशि भुगतान करने के मामले में अंततः प्रशासन द्वारा संस्थान के तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दी है। साथ ही जिन किसानों के खातों में 3 लाख से अधिक राशि का गलत तरीके से भुगतान किया गया था वह राशि फिर से रिकवर कर ली है।

उल्लेखनीय है कि नरसिंहग़ढ तहसील के सौभागपुरा गेहूं उपार्जन केंद्र पर कुछ कर्मचारियों द्वारा किसानों से मिली भगत करते हुए उनसे उनके पंजीयन एकित्रत करते हुए इस भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था। जिसमें पहले 17 किसानों के पंजीयन एकित्रत किए गए थे एवं उसके बाद फर्जी रसीद कटटे से उक्त किसानों के पंजीयन पर गेहूं क्रय करना बता दिया गया। कर्मचारियों द्वारा इस बीच एक फर्जी कटटा निकालते हुए उक्त कटटे की रसीदों से किसानों से पहले गेहूं खरीदना बताया एवं उस कटटे के साथ ही मिली भगत करते हुए गेहूं नहीं खरीदने के बावजूद तौल कांटे पर गेहूं तौल बताते हुए फर्जी तौल पत्रक भी तैयार कर दिया गया था। इसके बाद उक्त रसीद कटटे व फर्जी तौल कटटे के आधार पर धरातल पर गेहूं खरीदे बिना ही कागजों में गेहूं खरीदी बताते हुए संबंधित 17 किसानों के खातों में 23 लाख 812 रुपये का भंगतान करने की तैयारी कर ली गई थी। इतना ही नहीं तीन किसानों के खातों में तो 3 लाख 46हजार से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया था। मामला उजागर होने के बाद 20 लाख रुपये की राशि किसान निकाल पाते इसके पहले ही एसडीएम अमन वैष्णव ने कार्रवाई करते हुए उक्त खातों को होल्ड करवा दिया था, जिसके चलते उक्त राशि का भुगतान नहीं हो सका, जबकि जिन तीन किसानों के खातों में राशि भुगतान की थी उनसे 3 लाख 46 हजार से अधिक की राशि की रिकवरी कर ली गई है। इसी के साथ अब शिकायत के आधार पर पुलिस ने केंद्र प्रभारी महेंद्र शर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर पवन राजपूत व तुलावटी प्रियांशु ठाकुर के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है

स्टॉक मिलान के दौरान उजागर हुआ था मामला

यह पूरा का पूरा फर्जीवाड़ा 3 से 14 मई 2021 के बीच में हुआ है। उसी समय संबंधित अधिकारियों द्वारा सौभागपुरा केंद्र का सामान्य निरीक्षण किया तो देखा गया कि कागजों में जितनी खरीदी बताई जा रही है उतना माल मौके पर स्टॉक में नहीं है। ऐसे में खरीदी की रसीदें चेक की तो सामने आया कि एक ऐसी रसीद बुक का भी उपयोग गेहूं खरीदी में किया गया है, जो विभाग द्वारा न तो जारी किया गया है ओर न ही उक्त रसीद बुक के सीरियल नंबरों का अन्य बुकों के नंबर से मिलान हो रहा है। ऐसे में संदेह होने पर तौल पत्रक आदि चेक किए तो ग़डबड़ी होना साफ नजर आई। इसके बाद प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। जिसकी जांच सिरे से एसडीएम श्री वैष्णव द्वारा कराई गई। ऐसे में अब बीएल यादव, प्रशासक मार्केटिंग सोसायटी के प्रतिवेदन पर यह प्रकरण दर्ज किया गया है

इनका कहना है

गेहूं खरीदी मामले में केंद्र प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर व तुलावटी के खिलाफ धोखाधड़ी को लेकर मामला दर्ज किया है। अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है

रविंद्र चावरिया टीआई नरसिंहगढ

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