राजस्थान कांग्रेस का यह भीतरी संकट अब दरअसल भारतीय लोकतंत्र का संकट बन चुका है

संपादकीय।
गहलोत एवं पायलेट के बीच के राजनीतिक झगड़े की वजहें चाहे जो भी रही हों और इसके लिए चाहे जिसे भी जिम्मेदार ठहराया जाए, लेकिन इसके कारण प्रदेश की निर्वाचित सरकार अनिश्चय, अनिर्णय और असमंजस की स्थिति में फंसी हुई है। वह भी ऐसे समय, जब न केवल देश के तमाम राज्यों में बल्कि औरों के पहले से राजस्थान में कोरोना ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा है, आमजनता समस्याओं से जूझ रही है, जीवन ठहरा हुआ है, स्वास्थ्य संकट चुनौती बना हुआ है।

सरकारें, प्रशासनिक और स्वास्थ्य तंत्र अपनी पूरी ताकत लगाकर भी हालात को काबू में नहीं ला पा रहे हैं, यह समय राजनीतिक स्वार्थों का नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक कौशल से जन-समस्याओं को सुलझाने एवं उनके लिये राहत बनने का है। लेकिन राजस्थान की चुनी हुई सरकार एवं उसके नेता अपने राजनीतिक धर्म को भूल कर आपस में झगड़ रहे हैं, दोनों धड़े परस्पर विरोधी दावे कर रहे हैं। पायलट और उनके समर्थक विधायकों ने पार्टी छोड़ने की बात अब तक नहीं कही है, इसलिए इसे कांग्रेस का अंदरूनी झगड़ा ही माना जाएगा। इसके लिये कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व की अपरिपक्वता, अनिर्णय की स्थिति एवं नेतृत्व की ढ़िली पकड़ भी सामने आ रही हैं। राजस्थान में कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने में भाजपा की भूमिका जैसे आरोपों में भी सचाई दिखाई नहीं देती, कांग्रेस अपनी नाकामयाबियों को छुपाने के लिये भाजपा को बदनाम करती हुई दिखाई दे रही है। क्योंकि जो कुछ हो रहा है, वह कांग्रेस पार्टी के अंतर्कलह का नतीजा है। कांग्रेस दो खेमों में बंटी हुई है। गहलोत कांग्रेस पार्टी में नए लोगों को बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते हैं। राजस्थान की जनता ने जिस व्यक्ति को मुख्यमंत्री की कुर्सी का दावेदार मानते हुए मतदान किया था, उसे दरकिनार करके गहलोत पिछले दरवाजे से सत्ता पर काबिज हो गए।


प्रदेश कांग्रेस की इन विषम एवं विसंगतिपूर्ण स्थितियों के लिये किसी अन्य दल को कैसे दोषी ठहरा सकता है? कांग्रेस के नौजवान जमीनी नेता जिस तरह पार्टी की कमजोर नीतियों के कारण एक-एक कर किनारा करते जा रहे हैं या फिर राजनीतिक रूप से हाशिये पर धकेले जा रहे हैं, क्या इसके बावजूद कांग्रेस बेहतर भविष्य के सपने देख सकती है? कांग्रेस को अपनी कमियों के लिये दूसरों पर दोषारोपण से बचना चाहिए और अपने घर को दुरुस्त करना चाहिए।

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