ग्राम पंचायत मोखड़ा में तड़वी पटेल सरपंच व सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने डीजे व अंग्रेजी दारू पर लगाई रोक

झाबुआ. जिले की मेघनगर जनपद की ग्राम पंचायत मोखड़ा के तड़वी पटेल सरपंच व स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आदिवासी समाज के कई सामाजिक कार्यकर्ता महंगे डीजे व महंगी अंग्रेजी शराब पर रोक को लेकर बैठक में सम्मिलित हुए, इस बैठक के लिए गांव के तड़वी ने पूरे गांव में आदिवासी समाज की परंपरा अनुसार तेढ़ा भिजवा गांव के सम्मानीय बड़े बुजुर्गों सभी को बुलाया गया. गांव के जागरूक युवाओं ने गांव में दहेज कम करने डीजे व अंग्रेजी दारू पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कहीं, वही गांव के बड़े बुजुर्गों व गांव के स्थानीय नागरिकों का सीधा सीधा कहना है कि जब से डीजे की शुरुआत हमारे आदिवासी समाज में हुई तब से लेकर अब तक हमारी आदिवासी संस्कृति को बहुत नुकसान हुआ है. डीजे के चलन ने समाज में बरसों से चले आ रहे आदिवासी वाद्य यंत्र जैसे मांदल थाली और कुंडी शहनाई इन सभी गुमनाम कर दिया है, वही आदिवासी समाज की संस्कृति के अनुसार होने वाले नाच गान को भी भूलते जा रहे हैं. वर्तमान समय में आदिवासी समाज में डीजे का चलन समाज के युवाओं पर सिर चढ़कर बोल रहा है तो वही इससे आदिवासी समाज की संस्कृति को भी काफी नुकसान होता जा रहा है. इसी विषय को लेकर ग्राम पंचायत मोखड़ा में बैठक रखी गई थी बैठक में आदिवासी परिवार के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपनी बात रखीl मेघनगर जयस अध्यक्ष माधूसिंह सिंह डामोर ने दहेज, विदेशी दारू और डीजे के द्वारा समाज में हो रहे नुकसान के बारे में बताया l वही भील सेना संगठन की और से दिनेश वसुनिया ने अपनी बात रखते हुए बताया कि महंगे डीजे व महंगी विदेशी शराब के कारण आदिवासी समाज की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होने की बात कही l बैठक में उपस्थित समाज जन आदि बैठक में उपस्थित. जयस कार्यकर्ता रमसू डांगी, पप्पू मुनिया, खून सिंह भूरिया, मुकेश भूरिया, राकेश मुनिया, करण मकोडिया, ओम प्रकाश मेडा, तड़वी, सरपंच, पंच आदि उपस्थित रहे.

Leave a Reply