भगोर में रही प्रथम भोंगरर्य्या मेले की धूम….झूला चकरी का लिया आनंद

झाबुआ . विगत 2 वर्षों बाद भगोरिया पर्व के शुरुआत के प्रथम दिन भगोर में भगोरिया का आनंद लेते हुए ग्रामीण देखें गए. ज्ञात रहे कि कोरोना की वजह से सामूहिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा था. सालो बाद भगोर में पहली बार यह मौका आया, जब भोंगर्य्या मेले का प्रथम दिन इस मेले का आयोजन रहा। ग्राम के तेजाजी चौराहे पर दिन के आगमन से ही बाहर से आये दुकानदारों ने अपनी दुकानें जमा ली थी और पंचायत द्वारा एक निश्चित सीमा रेखा तय कर अंडर लाइन डाली गई, उसी पर दुकान संचालित हो रही थी। मेले में ज्यादातर कुल्फी ओर ठंडे की दुकानें लगी , वही महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधनों, शीतल पेय, गोदने वाले, बच्चो के खिलौने, प्लास्टिक के बर्तन बेचने वालों, सब्जी भाजी की दुकानों की भी भरमार रही।
मेले में 5 झूले ओर 3 से 4 चकरिया लगी, जिस पर पूरे दिन झूल कर ग्रामीणों ने आनंद उठाया। भगोर मेले में हर वर्ष की अपेक्षा इस बार लोगो की भीड़ कम नजर आयी इसकी मुख्य वजह मेले का प्रथम दिन ओर लोगो के खेतों में गेहूं की कटाई में व्यस्त रहना रही। एक जैसी दुकानो की अधिकता की वजह से बाहर से आये दुकानदार को ज्यादा खरीदी का लाभ नही मिल पाया। ग्राम पंचायत द्वारा बैठने हेतु टेंट की व्यवस्था और पीने के पानी के लिए ग्राम में 4 जगह पेयजल टेंकर की व्यवस्था की गई थी। इस बार बाहर से कोई राजनीतिक पार्टी के नेता अपने समर्थकों के साथ नजर नहीं आए और नही किसी ग्राम के लोगो ने शाम 4 बजे तक ढोल मांदल की थाप पर अपनी गैर निकाली। वहीं दूसरी ओर कालीदेवी में भी भगोरिया पर्व हर्षोल्लास के साथ ढोल मांदल एवं झूला चकरी का आनंद लेते हुए मनाया गया. भगोर में कल्याणपुरा थाने की ओर से पुलिस प्रशासन और ग्राम कोटवार आदि दिन भर मुस्तेद रहे,ओर कोई भी अप्रिय घटना नही घटी।

Leave a Reply