राशि के अभाव में बिजली लाइन कटी…पेयजल योजना हो रही प्रभावित… ग्रामीण परेशान


झाबुआ। कोरेना की महामारी मध्य प्रदेश सरकार पर किस तरह भारी पड़ रही है इसका ताजा उदाहरण बंद पड़ी पेयजल योजना से लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री पेयजल योजना के अंतर्गत विकासखंड पेटलावद के ग्राम बनी में माही परियोजना के अंतर्गत स्थित प्लांटेशन की बिजली का बिल नहीं भरने से बिजली विभाग द्वारा लाइन काट दी गई है इसके कारण कई गांव के ग्रामीण पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं इस तरह प्रभावित गांव रामनगर, रायपुरिया, मोहनकोट नारंदा, मुंडत, वारखेड़ा, कल्याणपुरा, संदला, केसरिया, भगोर, गुनदीपाडा है।
अब यहां पर प्रश्न उठता है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र जी मोदी ने 2023 तक नल जल मिशन के अंतर्गत हर घर तक पानी पहुंचेगा यह लक्ष्य रखा है और पूर्व में भी मुख्यमंत्री पेयजल योजना के अंतर्गत अनगिनत राशि खर्च की जा चुकी है,अब आगे क्या होगा यह तो वर्तमान स्थिति के हिसाब से भविष्य के गर्त में छुपा है क्या यह योजना भी सिस्टम के हिसाब से हर योजना की तरह साबित होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान फिजूल खर्ची पर रोक लगाने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो अगर ऐसे में पेयजल योजना पर भी राशि व्यर्थ खर्च की जा रही है तो इसका जवाबदार कौन है इस पर चिंतन करना सभी समाजसेवियों का कर्तव्य बनता है।

यह बोले जवादार -:
इस संबंध में पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री ने चर्चा के दौरान बताया कि राशि का आवंटन नहीं हो रहा है, डेढ़ करोड़ की राशि बाकी है, इसलिए बिल हम नहीं भर पाए हैं। इस संबंध में मेरी वरिष्ठ अधिकारियों से भी चर्चा हुई है जैसे ही राशि आती है हम बिल भर देंगे जिससे समस्या का निदान हो जाएगा।

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