जागरूकता फैलाने और छात्रवृत्ति प्राप्त करने में मदद के लिए एक्शनएड एसोसिएशन के द्वारा शुरू किया गया ,,आओ मिलकर स्कॉलरशिप पाएं,, अभियान

झाबुआ। बच्चों के समावेशी और सतत विकास के लिए शिक्षा सबसे बड़ा साधन है। गरीब और वंचित समूह के छात्र-छात्राओं की शिक्षा ना रुके और बच्चे अपनी शिक्षा पूरी करने में सक्षम बन सके, इसी उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकारों के द्वारा चलाई जा रही अनेक प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाएं लेकिन उन योजनाओं की जानकारी के अभाव एवं आवेदन की प्रक्रिया से रूबरू ना होने के कारण आज भी कई बच्चे इन योजनाओं के लिए योग्यता रखते हुए भी उनका लाभ नहीं ले पाते और पूरी तरह से वंचित रह जाते हैं। इस वास्तविकता को मध्येनजर रखते हुए एक्शनएड एसोसिएशन के द्वारा आज ,,आओ मिलकर स्कॉलरशिप पाएं,, अभियान की शुरुआत की गई, यह अभियान लगातार दो महीने 1 सितंबर से 31 अक्टूबर 2021 तक मध्य प्रदेश सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में चलाया जाएगा। जागो जनमत से बातचीत करते हुए एक्शनएड एसोसिएशन भोपाल की कार्यक्रम अधिकारी अनामिका राय के द्वारा यह बताया गया इस अभियान के तहत देश के विभिन्न राज्यों में संस्था से जुड़े साथी एवं स्वैच्छिक संगठन , समुदाय के लोगों साथ मिलकर गरीब और वंचित समूह के छात्र छात्राओं को अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देंगे और उन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने में उनकी मदद करेंगे।
एक्शनएड एसोसिएशन के द्वारा विगत 2 वर्षों से यह अभियान व्यापक पैमाने पर चलाया जा रहा है और देश भर में अब तक हजारों बच्चों को संस्था ने राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं से जोड़ा है।
एक्शनएड एसोसिएशन ने देश के करीब 150 जिलों के कार्यकर्ताओं को छात्रवृत्ति योजनाओं और उसे किस प्रकार प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में उन कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया है ,
जो अपने-अपने जिलों के अलग-अलग इलाकों और शैक्षणिक संस्थाओं में जाकर छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देने का काम करेंगे और उन्हें आवेदन भरने के लिए प्रोत्साहित करते हुए सक्रिय रूप से उनकी मदद भी करेंगे।
साथ ही संस्था द्वारा छात्रवृत्ति संबंधी समस्याओं को लेकर राज्य तथा केंद्र सरकार के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनके समाधान के लिए वकालत की जाएगी।
इस अभियान के दौरान एकत्रित की गई समस्याओं के आधार पर सरकार को मौजूदा पॉलिसी में आवश्यक बदलाव के लिए सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे और मांग की जाएगी कि छात्रवृत्ति सिर्फ योजना बन कर न रह जाए इसे एक कानूनी रूप दिया जाए।

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