हे! पान-गुटखा के तलबदारों..आपका ही शहर है सार्वजनिक स्थलों को तो बख्श दो

हे! पान-गुटखा के तलबदारों..आपका ही शहर है सार्वजनिक स्थलों को तो बख्श दो


– शहर में जगह-जगह पान गुटखा खाने वाले मार रहे पिचकारी
– जुर्माने के प्रावधान के बावजूद नगर निगम ने दे रखी है ढील, सख्ती की जरूरत

Rewa towners eating paan gutkha are dirty, swachhta survey 2020


रीवा। शहर के कचरे को साफ करने के इंतजाम तो नगर निगम ने कर लिया है। लोगों ने भी अपनी आदत में सुधार किया और खुले में कचरा फेंकने से परहेज करने लगे। इन सबके बीच पान-गुटखा खाने वालों की आदत में सुधार नहीं आया और वह शहर की खूबसूरती को बदरंग करते जा रहे हैं। ऐसे लोगों की आदत में परिर्वतन लाने के लिए किसी तरह का प्रयास भी अब तक नहीं किया गया।

इस कारण शहर की चाहे खूबसूरत इमारतें हों या फिर अन्य सार्वजनिक स्थल वहां पर पानी और गुटखे की पीक के दाग जरूर नजर आते हैं। सरकारी दफ्तर हों या फिर प्राइवेट बिल्डिंग हर जगह पान-गुटखे के छीटे दिख रहे हैं। इतना ही नहीं सड़कों को भी गंदा कर रहे हैं। दूसरे शहरों की तुलना में रीवा में पानी और गुटखा खाने वालों की औसत संख्या अधिक है। जिसकी वजह से अधिक मात्रा में गंदगी फैल रही है।

अब स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की तैयारी में नगर निगम प्रशासन जुटा है, ऐसे में बड़ी चुनौती शहर के प्रमुख स्थानों पर पान-गुटखे की पीक के दाग भी हैं। सार्वजनिक शौचालयों में भी इस तरह की गंदगी रहती है लेकिन वहां पर सफाई के प्रयास किए जाते हैं।
– देवताओं की प्रतिमाओं को भी नहीं बख्श रहे
पान की पिचकारी मारने वालों से दीवारों और भवनों को बचाने के लिए लोग प्रयास भी कर रहे हैं। इसके लिए देवी-देवताओं की तस्वीरें भी लगाई जा रही हैं ताकि उस स्थान पर पान-गुटखा खाकर लोग थूंकें नहीं। संजयगांधी अस्पताल का जब निर्माण हुआ तो उसे गंदगी से बचाने की बड़ी चुनौती थी। इसलिए सभी सीढिय़ों से लगे दीवारों पर देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की टाइल्स लगाई गई। इसे दरकिनार करते हुए थूकने वालों ने दीवार के साथ ही देवताओं के चित्र भी गंदे कर डाले।
– पान की दुकानों में पीकदान नहीं
तीन वर्ष पहले नगर निगम ने शहर के व्यवसाइयों को डस्टबिन बनाने के लिए प्लास्टिक की बाल्टियां बांटी थी। इन्हें पान की गुमटियों के पास भी रखाया गया था। ताकि पान-गुटखा खाने वाले उसमें कचरा डालने के साथ ही थूंक भी सकें। इनदिनों शहर में कहीं पर भी ऐसी व्यवस्था दुकानदारों की ओर से नहीं की गई है, जहां पर पीकदान का इंतजाम किया गया हो।
– जुर्माना लगाने की कार्रवाई नहीं कर रहा निगम
नगर निगम के पास जुर्माना लगाने का भी अधिकार है। इसका उपयोग बहुत कम अवसरों पर किया जाता है। जिसकी वजह से लोगों की मनमानी और भी बढ़ती जा रही है। निगम ने जुर्माना लगाने की जो दर तय कर रखी है, उसमें 100 रुपए उन लोगों से लेने का प्रावधान किया है जो सार्वजनिक स्थल पर थूकते हैं। पूर्व में कुछ लोगों पर जुर्माना लगाया गया था लेकिन अब निगम इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
– —-


शहर को गंदा करने पर जानिए महिलाओं की राय


शहर को एक ओर स्वच्छता में अच्छी रैंक दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पान-गुटखा वाले गंदा कर रहे हैं। जब तक स्वच्छता को धर्म से नहीं जोड़ा जाएगा तब तक लोग जहां मन होगा थूकते रहेंगे। इस पर प्रशासन के साथ समाज को भी ध्यान देना होगा।
अरुणा पाठक, वार्ड एक


मोहल्ले में कचरा कलेक्शन और सड़कों की सफाई तो ठीक है। लेकिन अस्पताल एवं अन्य प्रमुख स्थानों की दीवारों पर पान-गुटखा वाले गंदगी कर रहे हैं। इन्हें समझाइश देने का पहले प्रयास किया जाए, इसके बाद भी नहीं सुधरें तो जुर्माना लगाया जाए।
विमला सिंह, वार्ड नौ


स्वच्छता के लिए प्रशासन जागरुकता के कार्यक्रम तो चला रहा है लेकिन अब तक उसका लोगों के मन तक सीधा प्रभाव पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है। जानते हुए भी लोग गंदगी करते हैं, ऐसे लोगों पर सख्त बरती जाए और जुर्माना लगाया जाए।
मोहिनी अग्निहोत्री, निपनिया वार्ड एक


शहर में स्वच्छता को लेकर बीते कुछ समय से माहौल बन रहा है। इसमें केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है कि वह सफाई कराए और लोग गंदा करते रहें। समाज के हर वर्ग को इस कार्य में शामिल होकर रीवा को स्वच्छ बनाने में सहयोग देना चाहिए।
संगीता केशरवानी, बरा वार्ड १२nagar nigam rewa Rewa Rewa news

About डीजी न्यूज़ मध्य प्रदेश

View all posts by डीजी न्यूज़ मध्य प्रदेश →

Leave a Reply