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स्कीम छह की भूमि का सीमांकन कराने फिर भेजा प्रस्ताव
– कलेक्टर के प्रस्ताव के कई बिन्दुओं का निगम आयुक्त ने किया खंडन, प्रमुख सचिव को भेजा पत्र


रीवा। शहर के स्कीम नंबर छह की भूमि का सीमांकन कराने के लिए नगर निगम आयुक्त ने एक बार फिर नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि शासकीय भूमि का नामांतरण नगर निगम के नाम पर करने के साथ ही सीमांकन कराने के लिए कलेक्टर को निर्देशित करें। इस पत्र में निगम आयुक्त ने हाल ही में कलेक्टर द्वारा प्रमुख सचिव को भेजे गए प्रस्ताव के कई बिन्दुओं का खंडन भी किया है।

कलेक्टर ने स्कीम नंबर छह से जुड़े मामले में प्रमुख सचिव द्वारा मांगी कई रिपोर्ट में जवाब प्रस्तुत किया है। जिसमें तीन महीने का समय जांच के लिए मांगा गया है। कलेक्टर ने कई ऐसे बिन्दुओं का इसमें उल्लेख किया है, जो भूमि अधिग्रहण के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया को सवालों में खड़ा करता है।

स्कीम में 28.80 एकड़ शासकीय भूमि का अधिग्रहण किए जाने पर कहा है कि राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के अनुसार शासकीय भूमि के आवंटन के लिए आवेदन देना था। नगर सुधार न्यास अधिनियम में शासकीय भूमि का अधिग्रहण किए जाने का प्रावधान नहीं है। इस पर निगम आयुक्त ने अपने जवाब में कहा है कि शासकीय भूमियों का अर्जन नगर सुधार न्यास अधिनियम 1960 की विभिन्न धाराओं के तहत किया गया है। इसलिए शासकीय भूमियों का अर्जन त्रुटिपूर्ण नहीं है। 
कलेक्टर ने भू-अर्जन की प्रक्रिया को पूर्णता तक नहीं पहुंचाए जाने का भी उल्लेख किया है। जिस पर निगम आयुक्त ने जवाब दिया है कि प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण नहीं है। इसी के तहत ही तत्कालीन संभागायुक्त प्रभांशु कमल के निर्देश पर रामावतार गुप्ता का मकान इसी परिपेक्ष्य में गिराया गया था। इसके बाद तत्कालीन संभागायुक्त मनोज गोयल ने कलेक्टर को अनियमित नामांतरण निरस्त करने और निगम के नाम नामांतरण की कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसी में तत्कालीन तहसीलदार सुरेश अग्रवाल पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी।

तत्कालीन कलेक्टर विनोद कुमार ने 99 नामांतरण के प्रकरण निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की, जिस पर नवंबर 2006 में तत्कालीन कलेक्टर डीपी आहूजा ने नामांतरण निरस्त कर दिया। उक्त भूमि निगम के नाम हो चुकी है। मुआवजा वितरण की त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया होने का भी निगम आयुक्त ने जवाब दिया है कि नियम के तहत मुआवजा वितरित हुआ था।


– 55 पेज की भेजी गई रिपोर्ट
निगम आयुक्त ने अपने जवाब में चार पेज का पत्र भेजा है, साथ ही संदर्भ के लिए 55 पेज की रिपोर्ट भी भेजी है। जिसमें भूमि का अधिग्रहण, उसके बदले दिए गए मुआवजे, अवैध कब्जे सहित अन्य प्रमुख बिन्दुओं की जानकारी है। इसकी प्रति कलेक्टर को भी भेजी गई है, जिसमें कहा गया है कि भूमि के नामांतरण और उसके सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कराएं।

– वर्जन
ग्रामीण क्षेत्र में होने की वजह से निगम आयुक्त के पत्र का अवलोकन नहीं कर पाया, इसलिए उसे देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। शासन से मार्गदर्शन मांगा है, जैसा भी निर्देश मिलेगा कार्रवाई करेंगे।
ओमप्रकाश श्रीवास्तव, कलेक्टर रीवा

स्कीम छह की भूमि के नामांतरण और सीमांकन के लिए प्रमुख सचिव को पत्र दिया है। जिसमें भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया विधि अनुसार हुई थी, इसकी जानकारी दी है। कलेक्टर से भी मांग की है कि भूमि के सीमांकन और नामांतरण की कार्रवाई पूरी कराएं।
सभाजीत यादव, आयुक्त नगर निगम

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