राजस्थान में अभी नहीं खुलेंगे स्कूल, मेडिकल एक्सपर्ट ने सीएम को दी राय, जब तक बच्चों की वैक्सीन न आए, तब तक स्कूल बुलाना ठीक नहीं


जयपुर।

कोरोना की तीसरी लहर सितंबर में आने की आशंका जताई जा रही है। सबसे ज्यादा बच्चों के प्रभावित होने की आशंका है। तीसरी लहर को कैसे कंट्रोल किया जाए, इसको लेकर विशेषज्ञ डॉक्टर्स संग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चर्चा की। इसमें विशेषज्ञों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल तब तक न खोलने का सुझाव दिया, जब तक बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं आ जाती। विशेषज्ञों के इस सुझाव के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश में स्कूल नहीं खुलेंगे।
मुख्यमंत्री गहलोत की बैठक में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. सुधीर भंडारी, सीनियर श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह, एसएमएस मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक विभाग के प्रोफेसर और जेके लोन हॉस्पिटल जयपुर सीनियर डॉक्टर डॉ. एमएल गुप्ता सहित अन्य विशेषज्ञों ने स्कूल खोलने के मामले में अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चों के लिए वैक्सीन की उपलब्धता और बचाव के समस्त उपायों के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन नहीं आ जाती तब तक स्कूल खोलने ठीक नहीं रहेगा। बैठक में उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में भी बड़ी संख्या में छोटे बच्चे संक्रमित हुए, जिनमें कुछ बच्चों में मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेट्री सिंड्रोम (एमआईएस-सी) के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को बचाने के लिए वैक्सीन बहुत जरूरी है।
*डेढ़-दो महीने न खोले तो ज्यादा बेहतर*
सीनियर श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि अगस्त आखिरी या सितंबर तक कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी। ऐसे में डेढ़-दो महीने अगर स्कूल नहीं खोलेंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा। क्योंकि स्कूलों में बच्चे न तो मास्क हर समय लगाकर रखते और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ठीक से पालन कर पाते। उन्होंने बताया कि कोविड की दूसरी लहर के बाद बिना लक्षण दिखे (असिम्प्टोमेटिक) संक्रमित हुए कुछ बच्चों में पोस्ट कोविड लक्षण देखने को मिले हैं। ऐसे में हमें अगर बच्चों को बचाना है तो ज्यादा सतर्क रहना होगा।

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