रोजगार सृजन करने वाली औद्योगिक इकाइयों को पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री श्री चौहान

रोजगार सृजन करने वाली औद्योगिक इकाइयों को पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री श्री चौहान

खरगौन जिले में 200 करोड़ रूपये की लागत से शुरू होगा काटन मिलांज यार्न उत्पादन
अगले वर्ष करीब 3 हजार लोग जुड़ जाएंगे रोजगार से

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में यार्न और फ्रेबिक निर्माण उद्योग के विकास के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी। नई इकाइयों की स्थापना से रोजगार भी सृजित होते हैं। ऐसी इकाइयों को आवश्यक सुविधाएँ प्रदाय करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के जनजाति बहुल जिलों और उद्योगों के विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्रों में नवीन औद्योगिक इकाइयाँ सम्पूर्ण अर्थ-व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाती हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान से आज निवास पर उद्योगपतियों से साप्ताहिक भेंट में मराल ओवरसीज लिमिटेड के चेयरमेन श्री शेखर अग्रवाल, एचईजी के कार्यकारी निदेशक श्री मनीष गुलाटी और असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट श्री मनोज ठक्कर ने भेंट की।

200 करोड़ के निवेश से मिलेगा 3 हजार लोगों को रोजगार

मुख्यमंत्री श्री चौहान को जानकारी दी गई कि प्रस्तावित निवेश से खरगोन जिले के ग्राम खाल बुजुर्ग में विद्यमान टेक्सटाइल इकाई में उपलब्ध भूमि पर विस्तार के अंतर्गत काटॅन मिलांज यार्न उत्पादन प्रस्तावित है। प्रस्तावित पूंजी निवेश 200 करोड़ रुपए है। वर्तमान में कॉटन यार्न एवं कॉटन फ्रेबिक का उत्पादन किया जा रहा है। नवीन निवेश के फलस्वरूप प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 3 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। रोजगार में महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। कॉटन मिलांज यार्न का उत्पादन जुलाई 2023 से प्रारंभ होने की आशा है। खरगोन में गत तीन दशक से मराल ओवरसीज लि.(एलएनजे भीलवाड़ा ग्रुप की कंपनी) संचालित है। नोएडा में इनकी परिधान निर्माण इकाई भी है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री मनीष रस्तोगी भी उपस्थित थे।

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