मनासा तहसील का भ्रष्ट पटवारी कमल किशोर चौधरी को हुई 4 वर्ष का सश्रम कारावास भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश अजय सिंह ठाकुर ने सुनाया एक विशेष फैसला

नीमच:—अजय सिंह ठाकुर विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) नीमच के द्वारा फरियादी के पक्ष में फैसला कराने के नाम पर ₹20000 की रिश्वत लेने वाले आरोपी पटवारी कमल किशोर पिता चमन लाल चौधरी उम्र 50 वर्ष निवासी 177 शिक्षक कॉलोनी नीमच रोड मनासा तहसील मनासा जिला नीमच को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7/13(१) (डी) सहपठित धारा 13 (2) के अंतर्गत दोषी पाते हुए 4 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹20000 जुर्माना से दंडित किया गया विशेष लो अभियोजक विवेक सोमानी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी बाबूलाल धाकड़ निवासी चौकड़ी का होकर उसके द्वारा दिनांक 11/03/2015 को लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में उपस्थित होकर आवेदन दिया गया कि उसकी ग्राम चौकड़ी में बाड़े से लगी हुई जमीन है जिस के संबंध में छोगालाल धाकड़ से विवाद चल रहा है जिस के संबंध में तहसील न्यायालय में प्रकरण लंबित है इस संबंध में वह हल्का नंबर 46 एवं 47 टप्पा कुकड़ेश्वर कीप पटवारी कमल किशोर चौधरी से मिला था जिसके द्वारा फैसला उस के पक्ष में कराये जाने हेतु उससे ₹20000 रिश्वत की मांग करी थी आवेदन पर से फरियादी को आवेदन की सत्यता की जांच हेतु एक वॉइस रिकॉर्डिंग जिया था जिसमें आरोपी द्वारा फरियादी से ₹20000 रिश्वत की मांग की जाने की रिकॉर्डिंग प्राप्त होने पर अपराध पंजीकृत कर टेप दाल का गठन निरीक्षक कमल निरवाल द्वारा दिनांक 13/03/015 को आरोपी द्वारा फरियादी को ₹20000 रिश्वत लेने के लिए तहसील कार्यालय मनासा के पास पुरोहित होटल में बुलाया जहां पर फरियादी ने ₹20000 आरोपी को देखकर होटल से बाहर निकल कर टेप गर्ल को इशारा किया जिस पर से टेप दल द्वारा आरोपी की जैकेट से ₹20000 जप्त कर शेष विमोचन पूर्ण कर अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया अभियोजन द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष विचारण के दौरान फरियादी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराए आरोपी द्वारा ₹20000 रिश्वत लेकर प्रमाणित कराकर उसको कठोर दंड से दंडित किए जाने का निवेदन किया गया माननीय विशेष न्यायालय द्वारा आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7/13(1) (डी) सह पठित धारा 13 (2) के अंतर्गत दोषी पाते हुए 4 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹20000 जुर्माना से दंडित करते हुए जुर्माने की रकम ₹20000 को फरियादी को प्रतीक कर के रूप में प्रदान किए जाने का आदेश भी दिया गया न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोग अभियोजक विवेक सोमानी ए डी पी ओ द्वारा किया गया

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