हनीट्रैप गिरोह के आरोपियों की जमानत हुई खारिज.. अपने आपको बताते थे पत्रकार आप क्यों हुए रफूचक्कर

  • बीज व्यवसायी को ब्लैकमेल कर ऐंठे थे ढाई लाख रुपये
  • अपने आप को बताते थे पत्रकार, अब हुए रफूचक्कर
    नीमच। पूर्व में जिले में हुए हनीट्रैप के आरोपियों की जमानत खारिज हो गई है। ये आरोपित गिरोह बनाकर भोले-भाले लोगों को विश्वास में लेकर कुकृत्य को अंजाम देते थे। ज्ञात हो कि नीमच के एक प्रसिद्ध बीज व्यवसायी ने थाना नीमच कैंट में हनीट्रैप का मामला दर्ज कराया था। शिकायत पर पुलिस ने मामले में हनीट्रैप करने वाले गिरोह के सदस्य कथित फ़र्ज़ी पत्रकार नरेंद्र गेहलोत सहित कुल सात साथियों को गिरफ्तार किया था। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थी। रिमांड के दौरान गिरोह ने एमपी व राजस्थान के कई क्षेत्रों में हनीट्रैप की वारदातों करना कबूला था। साथ ही इसमें मुख्य कथित सरगना दिलीप उर्फ प्रदीप पिता मनोहर भारद्वाज निवासी ग्राम खेरमालिया थाना छोटीसादड़ी और अविनाश पिता कुबेरकान्त जाजपुरा निवासी जवाहर नगर नीमच के होने के बात भी कबूली। पुलिस द्वारा इनके ठिकानों पर कई बार दबिशें दी लेकिन शातिर अपराधी गिरोह के पकड़े जाने पर पहले से ही फरार हो गए थे। इस मामले में कुल 09 आरोपी है जिसमे 07 गिरफ्तार हो चुके है जिन्हें 25 अक्टूबर को जिला जेल कनावटी भेज दिया गया था। आरोपी नरेंद्र गेहलोत ने जमानत के लिए पूर्व में भी याचिका की थी लेकिन वह खारिज़ हो गई थी। उसके बाद उसने हाईकोर्ट इंदौर में अर्जी दी लेकिन माननीय न्यायाधीश द्वारा अपराध की संगीनता को देखते हुए सबकी ज़मानत खारिज़ कर दी है।

अपने आप को बताते थे पत्रकार-
हनीट्रैप गिरोह के सदस्यों ने पुलिस पुछताछ में स्वयं को पत्रकार बताकर हनीट्रैप की वारदात को अंजाम देने की बात बताई थी। पत्रकार बताने पर उनके द्वारा भोले भाले लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसाने की कूटरचना गिरोह द्वारा की जाती थी। लेकिन पुलिस द्वारा पता लगाने पर सभी फ़र्ज़ी पत्रकार निकले। नरेंद्र के घर से अखबार के फ़र्ज़ी बिल, मोहरें व अन्य फ़र्ज़ी दस्तावेज भी बरामद हुए थे।

पत्रकार को फंसाने की कोशिश में हुआ था मामला उजागर-
हनीट्रैप का सिलसिला एमपी व राजस्थान के कई क्षेत्रों में लगातार जारी था लेकिन गिरोह द्वारा नीमच के एक प्रमुख समाचार पत्र के पत्रकार अरुण यादव को निशाना बनाना चाहा लेकिन जागरूक पत्रकार ने ही गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया था। पत्रकार यादव ने झूठे गंभीर आरोपों में फंसाने, धमकाने, मारपीट करने व एक्ट्रोसिटी एक्ट में गिरोह सदस्यों के खिलाफ थाना नीमच कैंट में प्रकरण दर्ज कराया था। यह मामला एसपी सूरज कुमार वर्मा तक पंहुचा तो उन्होंने तत्काल ही आरोपितों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए जिस पर पुलिस ने सात आरोपियों को पकड़ लिया था।

About Surendra singh Yadav

View all posts by Surendra singh Yadav →

Leave a Reply