सट्टेबाजों का लाकडाउन अनलॉक हुआमंदसौर के बड़े सट्टा किंगों का राजस्थान सीमा के राजपुरिया में जमावड़ा

मध्यप्रदेश व राजस्थान पुलिस को सट्टेबाजों का मकड़जाल चुनौती दे रहा है

युवा व जागरूक एसपी सिद्धार्थ चौधरी जी क्या इस गोरखधंधे को बंद करवा कर युवा पीढ़ी का भविष्य बचवाएगे

उज्जैन संभाग ब्यूरो चीफ एस एस यादव✍️

मंदसौर यह सच है कि कोरोनावायरस के चलते बाजारों में आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है, लेकिन सट्टा, जुआ, घोड़ी दाना, हाजिर वल्ली आदि ऐसे खेल है जो पैसों के लालच में युवा पीढ़ी को अपनी और आकर्षित कर रहे हैं पैसों से पैसों का खेल है सट्टा अंक ,घोड़ी दाना, जुआ , हाजिर वल्ली सुना है कि विगत महीने पूर्व देश का मशहूर सट्टा किंग रतन खत्री का मुंबई में निधन हो गया था उसके बाद ऐसा लगता था कि देश में सट्टा अंक का कारोबार ब्रेक हो जाएगा यानी बंद हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ देश में आज भी ऐसी विपरीत परिस्थिति में भी सट्टा कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है अपने मंदसौर जिले की ही चर्चा करें तो मंदसौर में 10 से 12 बड़े सट्टा किंग है उनके संपर्क राजस्थान की सट्टा मंडी निंबाहेड़ा मध्य प्रदेश की सट्टा मंडी रतलाम तक सूत्र जुड़े हुए हैं जिनका सट्टा यहां के जरिए मुंबई तक पहुंचता है जानकार सूत्र का कहना है कि मंदसौर जिले का सट्टा प्रतिदिन का करीब 25 लाख से अधिक का कारोबार होता है हां यह जरूर है कि लॉकडाउन के चलते एक डेढ़ महीने तक सट्टा कारोबार प्रभावित रहा है लेकिन इसके चलते भी सट्टा किंगों की जान निकल आई और अब वह नए-नए रास्ते अपना रहे हैं वह कहते हैं कि हराम का पैसा किस को बुरा लगता है जानकार सूत्रों का कहना है कि मंदसौर के 10 से 12 सट्टा किंग इकट्ठा होकर मध्यप्रदेश व राजस्थान सीमा के बीच में राजपुरिया गांव में अपना डेरा डाले हुए हैं यहां से प्रतापगढ़, निंबाहेड़ा ,रतलाम तक सट्टा अंक धड़ल्ले से उतारा जा रहा है पूर्व में भी राजपुरिया गांव सट्टेबाजों की कर्म स्थली रहा है मंदसौर का एक सट्टा किंग यहां पार्टनरशिप में अन्य सट्टेबाजों को इकट्ठा कर रहा है यह कांग्रेसी शासन में 3 महीने पहले कांग्रेसी नेताओं का सहारा ले रहा था और अब जब भाजपा की सरकार वापस आई तो यह भाजपा का गुणगान करके नए-नए आईडिया लेकर नए-नए सट्टेबाजों को इकट्ठा कर रहा है जो गंभीर जांच का विषय है युवा व जागरूक एसपी श्री सिद्धार्थ चौधरी जी से जनता को कई अपेक्षा है वह पुलिस कार्यप्रणाली में कसावट लाने हेतु प्रयासरत है लेकिन उनमें गुंडा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इन सट्टेबाजों पर भी कठोर कार्यवाही करना चाहिए और इनका गोरखधंधा बंद करवाना चाहिए क्योंकि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा में स्थित राजपुरिया गांव इन दिनों सट्टेबाजों का मुख्य केंद्र बिंदु बना हुआ है यहां पर सट्टा चालू होते ही मंदसौर व आसपास के गांवों प्रतापगढ़ व आसपास के गांवों के सटोरिए सट्टा लगाने आ रहे हैं लॉकडाउन में भी सट्टा बाजार अनलॉक हो गया जिसने युवा पीढ़ी को अपनी ओर आकर्षित कर लिया ऐसी मंदी के दौर में भी युवा पीढ़ी रुपयों के लालच में सट्टा खेल रही है जिन से उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है आशा है कि युवा व जागरूक एसपी श्री सिद्धार्थ चौधरी जी इस दिशा में कठोर कार्यवाही करेंगे ।

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