एक मई से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू, वन परिक्षेत्र अधिकारी ने पड़ों का किया निरीक्षण, तीन रुपए रखी एक गड्‌डी की कीमत

सीधी जिले के आदिवासी अंचलों में लोगों की आजीविका का साधन अलग-अलग प्रकार से हो सकता है, लेकिन वह सभी आजीविका का साधन वनों से निर्भर है। वन से प्राप्त होने वाले सभी सामग्री को इकट्ठा करके भेजना इनका मुख्य व्यवसाय होता है। इसी क्रम में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शासन के दिशा-निर्देश के अंतर्गत किया जाता है। जिस पर आदिवासी और ग्रामीण अंचल क्षेत्र के लोग संग्रहित करते हैं और शासन को बेचते हैं।

3 रुपए रखा एक गड्डी का मूल्य

शाखाकर्तन कार्य के चलते तेंदूपत्ता अच्छे गुणवत्ता, बिना कटे-फटे, बिना माता के दाग वाले पत्ते इस वर्ष तैयार हुए हैं। इस वर्ष गर्मी होने के कारण पिछले वर्षों की अपेक्षा जंगलों में अच्छी गुणवत्ता के तेंदूपत्ता तैयार हुए हैं। जिसका लाभ तेंदूपत्ता संग्राहकों को होगा। इस वर्ष शासन ने एक गड्डी जिसमें 50 पत्ते आते है उसकी कीमत तीन रुपए रखी है।
तेंदूपत्ता सीजन 2022 में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए समितियों को‌ एक मई से रोकड़ पाल, प्रबंधक, फड मुंशीयों को निर्देशित किया गया है। तेंदूपत्ता समिति में फड़ों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य किया जा रहा है।

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