चुनाव आयोग ने निकालें आचार संहिता के बेहद सख्त नियम इसमें नहीं होगा कोई समझौता उल्लंघन करने वाले को मिलेगा दंड

चुनाव में प्रत्याशियों को रेगुलेट करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा सख्त नियम बनाए जाते हैं आचार संगीता के नाम से भी जाना जाता है आदर्श आचरण संहिता भी कहते हैं |
आदर्श आचरण संहिता की प्रभावशीलता के दौरान मतदान समाप्त होने के समय से 48 घंटे पूर्व से शराब की दुकानें बंद रखी जाती हैं इस अवधि में किसी भी अभ्यर्थी या उसके समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा न तो शराब खरीदी जाएगी और ना ही उसे किसी को पीस या वितरित की जाएगी, यह नियम इसलिए लागू किया जाता है कि कोई भी चुनाव प्रत्याशी मतदाताओं को शराब और दारु बंद करके लुभा न सके |
इसके अलावा किसी भी अभ्यर्थी या उसके समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा किसी व्यक्ति की भूमि भवन हाथी अधिकार का उपयोग झंडा टांगने पोस्टर चिपकाने नारे लिखने आदि प्रचार कार्यों के लिए उसकी अनुमति के बगैर नहीं किया जाना चाहिए शासकीय एवं सार्वजनिक भवन उनके अहाते या अन्य परिसंपत्तियों का उक्त प्रयोजन हेतु उपयोग पूर्णता प्रतिबंधित रहेगा इसे संपत्ति विरूपण कहते हैं इसे रोकने के लिए बकायदा जिला निर्वाचन अधिकारी यानी कि कलेक्टर के द्वारा समिति भी गठित की जाती है जो कि इसके उल्लंघन पर प्रत्याशियों पर कार्यवाही भी करती है |
किसी भी दल या अभ्यर्थी द्वारा या उसके पक्ष में लगाए गए झंडे या पोस्टर दूसरे दलिया अभ्यर्थी के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाए जाने चाहिए राजनीतिक दलों अथवा उम्मीदवारों द्वारा मतदाताओं को दी जाने वाली पहचान पर्चियां सादे कागज पर होनी चाहिए और उन में उम्मीदवारों का नाम या चुनाव चिन्ह नहीं होना चाहिए पर्ची में मतदाता का नाम उसके पिता पति का नाम वार्ड क्रमांक मतदान केंद्र क्रमांक तथा मतदाता सूची में उसके सरल क्रमांक के अलावा और कुछ नहीं लिखा जो होना चाहिए|
यह थे आदर्श आचरण संहिता की प्रभावशीलता के दौरान कुछ मूलभूत नियम जिन्हें जानना आपके लिए बहुत जरूरी है तभी तो आप बनेंगे जागरूक मतदाता |

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