भाटीपुर पी एम एस अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की अधिक्षिका ने अपने पति के दोस्तों के लिए छात्रावास में ही बकरे की बलि देकर पति के दोस्तों की भूख मिटाई छात्राओं ने किया मीडिया के सामने खुलासा अब देखना है कि उच्च अधिकारी कार्यवाही करते हैं या लीपा पोती


ग्वालियर के अंतर्गत आने वाली पी एम एस अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास थाटीपुर की छात्राओं ने आज मीडिया को दी जानकारी में बताया कि विगत दिनों चाय का एक और छात्रावास की छात्रावास अधीक्षिका ने रात करीब 1:30 से 3:00 के बीच थाटीपुर के छात्रावास भवन से हमारा पूरा सामान ऊपर से नीचे रोड पर फेंका और हमें जबरदस्ती रात में भरकर सीपी कॉलोनी के छात्रावास भवनों में ले गए वहां के भवनों में किसी प्रकार की कोई जगह नहीं थी क्योंकि सीपी कॉलोनी में 2 भवन 50 – 50 सीट के मान से बने हुए हैं जिसमें दोनों छात्रावास भवनों में पूर्व से ही 50 50 छात्राओं छात्रावास वर्ष 2015 से संचालित हैं सीपी कॉलोनी में एक भवन में पीएमएस कन्या छात्रावास 2015 से ही है दूसरा सीनियर कन्या छात्रावास दूसरे भवन में संचालित है इस प्रकार पूरी सौ छात्राएं क्षमता के हिसाब से निवासरत थी इनमें से एक भवन में जो गांधीनगर मैं संचालित था इस छात्रावास को भी पूर्व से रह रही छात्रावासों के साथ ही एक भवन में शिफ्ट कर दिया इस प्रकार 100 छात्राओं के मान से बने दोनों भवनों में 150 छात्राएं भेड़ बकरियों की तरह भर दी विभाग के सहायक आयुक्त ने इस पर विचार ही नहीं किया की 100 छात्राओं की जगह में 150 छात्रा कैसे रहेंगे अभी हाल ही में थाटीपुर के छात्रावास को जो 50 सीटर है उसको भी सीपी कॉलोनी के भवनों में ही शिफ्ट किया जा रहा था जिसका छात्रों ने डटकर विरोध किया क्योंकि सीपी कॉलोनी में सौ छात्राओं के लिए जगह है पूर्व से ही 150 छात्राएं रह रही हैं 2 छात्रावास भवनों में 3 छात्रावास संचालित कर दिए चौथा थाटीपुर को भी शिफ्ट किया जा रहा था तो 200 छात्राओं कैसे रहेंगे यह न तो विभाग के प्राचार्य जो सहायक आयुक्त के प्रभार में हैं उन्होंने देखा और नहीं पूर्व में छात्रावास एक और शिफ्ट किया उन अधिकारियों ने देखा विभाग के अधिकारियों को और जो थाटीपुर की अधीक्षक है उसको अनुसूचित जाति जनजाति की छात्राओं के भविष्य का कोई ध्यान नहीं है केवल अधिकारियों की और इनकी जेबें भर रहे हैं छात्राओं ने कहा है कि हम थाटीपुर थाने एसपी कार्यालय कलेक्टर कार्यालय भी हो कर आ गए लेकिन पता नहीं प्रशासन दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने में क्यों डर रहा विभाग के प्राचार्य जो सहायक आयुक्त के प्रभार में हैं उन्हें मानव अधिकारों का भी ज्ञान नहीं है दूरदराज से आई हुई छात्राओं को रात्रि में परेशान करना रात्रि में छात्रावास भवन खाली करना भवन की लाइट कटाना भवन का पानी बंद करना भवन के रजाई गद्दे पलंग पंखे सभी वर्कर सीपी कॉलोनी में ले जाने वाले प्राचार्य जो सहायक आयुक्त के प्रभार में हैं और अधीक्षिका के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है इतना ही नहीं कन्या छात्रावास में पुरुष वर्ग का प्रवेश प्रतिबंधित है लेकिन इनके पति और इनके दोस्त जो कहीं से भी छात्रावास के कमरों में घुस जाते हैं और छात्राओं से गंदी गंदी बातें करते हैं इसकी शिकायत भी छात्राओं ने प्रशासन से लिखित में की है विभाग के प्राचार्य जो सहायक आज के प्रभार में हैं उनके द्वारा छात्राओं को कलेक्टर से नहीं मिलने दिया लड़कियां छात्रावास में 3 दिन भूखी प्यासी बगैर पानी के बगैर लाइट के रही हैं आज भी बगैर पंखे बगैर गद्दे बगैर पलंग के थाटीपुर के छात्रावास में रहने के लिए मजबूर हैं क्योंकि पूरा सामान सीपी कॉलोनी में छात्रावास की अधीक्षिका और सहायक आयुक्त ने पहुंचा दिया है छात्राओं ने मांग की है कि पूरे सामान को थाटीपुर के भवन में वापस मंगाया जाए थाटीपुर के भवन में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं अभी चुका द्वारा अपने पति और उसके यारों को खुश करने के लिए सीपी कॉलोनी में बकरा कटवाया गया छात्राओं ने बकरा काटते हुए फोटो भी प्रेस को उपलब्ध कराया गया है जो सीपी कॉलोनी के छात्रावास कैंपस में खड़े पेड़ पर बकरे को टांग कर उसकी खाल उतारी जा रही है गई है थाटीपुर अधीक्षिका जो हमें सीपी कॉलोनी में ले जाना चाहती है अधीक्षिका खड़ी होकर पति और उनके दोस्तों की पार्टी के लिए उनके द्वारा बकरा कटवाया जा रहा है । सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा हम छात्राओं को कलेक्टर महोदय से नहीं मिलने दिया हम 45 छात्राएं कार्यालय कलेक्ट्रेट में 11:00 बजे से 4:30 बजे तक रही वहां पर सहायक आयुक्त तो आ गए उन्होंने हमें डराया धमकाया और जातिगत अपमानित किया चमार नीच हरिजन वनवासी आदिवासी कह कर अपमानित किया गया है इसकी लिखित शिकायत भी छात्राओं द्वारा अजाक थाने में की गई है लेकिन अजाक थाने वालों ने आवेदन ले लिया और प्राप्ति दे दी गई लेकिन एफ आई आर दर्ज नहीं की गई छात्राओं ने वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन लिखकर मांग की है कि हमारे आवेदन पर से एफ आई आर दर्ज की जाए जबकि नियम है कि कोई भी फरियादी थाने लिखित या मौखिक एफ आई आर दर्ज कराने शिकायत करने आता है तो उसकी f.i.r. लिखी जाए मीडिया के माध्यम से f.i.r. न लिखने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई करने की मांग की है छात्राओं ने अधीक्षक छात्राओं को डरा रही है कि मेरे पति बहुत ऊँची पहुँच वाले हैं इसलिए मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि हमें सहायक आयुक्त का संरक्षण प्राप्त है छात्राओं ने मीडिया को बताया है कि आज पुनः प्रशासन से मांग की गई है लिखित में की अधिक्षिका को थाटीपुर में पदस्थ करने के आदेश को निरस्त किया जाए और आदेश करने वाले स्थानांतरण प्रतिबंध होने के बाद आदेश करने वाले सहायक आयुक्त को भी निलंबित किया जाए साथी छात्राओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही कार्रवाई नहीं की गई तो मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा छात्राओं ने मीडिया को यह भी बताया है कि अधिक्षिका के पति उनके घर वालों को फोन लगाकर धमकी दे रहे हैं कि आप अपनी लड़कियों को रोको हमारी शिकायत न करें नहीं तो छात्रावास से नाम निरस्त करा देंगे वह हम पावरफुल लोग हैं कॉलेज से भी नाम कटवा देंगे लाइफ बर्बाद हो जाएगी इसलिए कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की गई है छात्राओं ने अभी मीडिया को बताया है कि वर्तमान में नगर निगम पंचायत के चुनाव में विधानसभा लोकसभा के चुनाव में जो लोग खड़े होंगे और हमारी मदद नहीं कर रहे हैं ऐसे लोगों के विरुद्ध भी हम मतदान के लिए अपने परिवार रिश्तेदार दोस्त यारों से अपील करेंगे कि ऐसे लोगों को आप चुनाव न जिताएं जो हमारी समस्याओं का निराकरण नहीं कर रहे हैं और चुनाव के समय वोट मांगने आएंगे इसलिए इन्हें वोट मांगने आए तो अपने घरों से भगाएं इसका भी प्लान छात्राएं बना रही है
फोटो संलग्न कर न्याय और सुरक्षा की मांग की जा रही है।
उक्त घटनाक्रम की सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग की प्रताड़ना के चलते पीएमएस अनुसूचित जाति जनजाति कन्या छात्रावास ग्वालियर की छात्राओं को बिना पंखा, पलंग के भेड़ बकरियों की तरह रहने को मजबूर है। मामला के विरुद्ध सहायक आयुक्त से लेकर अजाक थाना ग्वालियर में भी आवेदन दिया है लेकिन अभी तक न ही एफआईआर दर्ज हुई और न ही किसी वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया है।

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