बद्रीविशाल मंदिर ट्रस्ट की अरबों रूपए की जमीन की बंदरबाट, नहीं कर पाया प्रशासन जमीन का अधिग्रहण

नीमच। मनासा के बरसों पुराने बद्रीविशाल मंदिर ट्रस्ट की अरबो रूपए की जमीन की बंदरबाट का मामला सामने आया है। एस डी एम न्यायालय ने पिछले वर्ष मंदिर ट्रस्ट से जुडी हुई जमीन को अधिग्रहण किए जाने के आदेश दिए थे, लेकिन एक साल बाद भी जिला प्रशासन उक्त जमीन को अपने कब्जे में नहीं ले पाया है, इधर बीते माह से मनासा बायपास पर स्थित करीब पांच एकड जमीन पर भू माफियाओं द्वारा कॉलोनी काटने का काम शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि पंकज मामा सहित मनासा के कुछ दलालों ने मिलकर उक्त मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर कॉलोनी काटकर करोडों रूपए अर्जित करने की योजना बनाई है और योजना के तहत जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। मौके पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। मनासा प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, मंदिर से जुडी हुई जमीन की बंदरबाट का मामला जल्द ही तूल पकडने वाला है। समाजसेवी और धर्म प्रेमी लोगों में मंदिर की जमीन को हडपने को लेकर आक्रोश पनप रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन भू माफियाओं पर कब एक्शन लेता है।
21 जुलाई 2021 को मनासा कोर्ट ने सुनाया था फैसला—
बद्रीविशाल मंदिर ट्रस्ट की जमीन को अधिग्रहण किए जाने का फैसला 21 जुलाई 2021 को एस डी एम न्यायालय ने सुनाया था। इस आदेश के बाद भू माफियाओं के मंसूबो पर पानी फिर गया था, लेकिन भू माफियाओं ने सांठगाठ कर उक्त जमीन को हडपने लोगों को झांसे मे लेकर भूखंड बेचने की योजना बनाई है, कुछ ही दिन पहले यहां पर बाउंड्रीवाल का काम शुरू किया गया है।
खाटू श्याम मंदिर की नींव रखी थी,प्रशासन ने खदेड दिया था—
18 जुलाई 2021 को भाटखेडी नाका बायपास पर भू माफियाओं ने खाटू श्याम मंदिर बनाने के बहाने उक्त जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें खदेड दिया था और बाद में जगह बदलना पडी थी। बद्रीविशाल मंदिर की जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर कर बेचने का काम फिर से शुरू हो गया है।

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