वृद्ध आश्रम नीमच पर अधिकारी कर रहे हैं मनमानी

नीमच:—-गत दिनों देखा गया है कि नीमच वृद्ध आश्रम में गुरुवार 15 /10/ 2020 को मांगीलाल जय सिंह लोहार सरवानिया मंसानी कुमार 65 वर्ष कई महीनों से वृद्धा आश्रम में रह रहा था उसकी मृत्यु हो गई मृत्यु होने के बाद अधिकारियों ने ना तो उस व्यक्ति का कोरोना टेस्ट कराया नाही पोस्टमार्टम करवाया और उस की डेड बॉडी उसके परिवारों को सौंप दी गई जबकि वृद्ध आश्रम के अधिकारियों का कर्तव्य बनता है कि उक्त आदमी की किस कारण से मृत्यु हुई है उसका पता लगाया जाए ऐसा नहीं करते हुए इन लोगों ने अपनी मनमानी का एक सबूत दिया है जब हमारी टीम उक्त अधिकारी के पास पहुंची तो अधिकारी का कहना था कि हमने कोई भी जांच नहीं कराई है क्योंकि हमें जांच कराना उचित नहीं लग रहा था उक्त व्यक्ति की मृत्यु मात्र पेट दर्द के कारण हुई है इसलिए हमने जांच कराना एवं पोस्टमार्टम कराना उचित नहीं समझा मृतक की डेड बॉडी उसके परिजनों को सौंप दी गई हमारी जवाबदारी यहीं पर खत्म होती है क्या शासन-प्रशासन इसको सही मानती है जब उपचार के दौरान अन्य किसी की अस्पताल में मृत्यु होती है तो उसका उपचार करने से पहले कोरोना टेस्ट किया जाता है मृत्यु होने के बाद पोस्टमार्टम भी किया जाता है मगर वृद्धा आश्रम के इस शरणार्थी की मृत्यु के बाद कोई जांच नहीं की गई अधिकारी इसकी जांच करें एवं दोषियों को दंडित करें यह उक्त व्यक्ति को आश्रम में छोड़ कर गया था उसका कहना है

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