एक दिन की कलेक्टर बनेगी ये बहादुर बेटी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था सम्मानित,

कटनी। स्कूल से घर लौट रहीं दो नाबालिग बच्च्यिों के साथ छेडख़ानी करने वाले मनचलों से सड़क पर ही मोर्चा लेने वाली बेटी अर्चना केवट के जज्बे की सराहना पूरा समाज कर रहा है। स्थानीय पुलिस और समाज के अलग-अलग वर्गों द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद बीते 6 फरवरी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अर्चना को सम्मानित कर 51 हजार रुपये नगद पुरस्कार प्रदान किया था, और अब आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन ने अर्चना को एक दिन का सांकेतिक कलेक्टर बनाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों की बैठक, आयोजनों में होंगी अतिथि बहादुर बेटी अर्चना केवट को एक दिन का कलेक्टर बनाने का निर्णय जिला प्रशासन ने लिया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि 8 मार्च को अन्र्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अर्चना जिले की एक दिन की कलेक्टर होंगी। इस दिन वे टाईम लिमिट की बैठक में विभिन्न विभागों का रिव्यू करेंगी। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम शीरो में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल होंगी। अर्चना विभिन्न शासकीय कार्यों को भी संभालेंगी। अर्चना बतौर कलेक्टर सोमवार 8 मार्च को प्रात: 10.30 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक लेंगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे ग्राम पंचायत चाका में अन्र्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में शामिल होंगी। इसके बाद अन्र्तराष्ट्रीय महिला दिवस के जिलास्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने दोपहर 1 बजे बस स्टेंड स्थित ऑडिटोरियम पहुंचेंगी। दोपहर 3 बजे वन स्टॉप सेन्टर का निरीक्षण और शाम 4 बजे बालिका गृह का निरीक्षण करेंगी। मनचलों को सबक सिखाने की कहानी, अर्चना की जुबानी उस घटना के बारे में अर्चना बतातीं हैं कि 12 जनवरी को कैमोर से साइकिल से घर लौटते समय एसीसी कॉलोनी के समीप दो छोटी लड़कियां रास्ते में मिलीं। दोनों रो रहीं थी, उन्होंने बताया कि दो लड़के उन्हे छेड़ रहे हैं। अर्चना उन दोनों बेटियों के साथ हुईं और बोली कि ऐसा कुछ भी हो तो बिना डरे विरोध करें। वे उन बेटियों के साथ घर जा रहीं थीं तभी दोनों शोहदे वापस रास्ते में मिल गए। इतना ही नहीं दोनों सामने आकर खड़े हो गए और दो बेटियों के अलावा अर्चना से भी अभ्रदता करने लगे। तब अर्चना ने बिना डरे दोनों लड़कों से भिंड गईं। इस बीच अर्चना पर जब दोनों लड़के भारी पडऩे लगे तब दोनों बेटियां दौड़कर आसपास के लोगों को बुलाने चलीं गईं। यह देखकर दोनों शोहदे भागने लगे तो अर्चना ने एक लडऩे को पकड़ लिया और तब तक नहीं छोड़ा जब तब तक अन्य लोग पहुंच नहीं गए। शोहदे को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया और पुलिस ने दूसरे साथी को भी पकड़कर कार्रवाई की। 

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