कोरोना काल में मनासा शून्य से शिखर तक का सफर””

कोरोना वॉलिंटियर समीर मंसूरी की जुबान

दुनिया में एक ऐसा वायरस बीमारी आई कि जिसने पूरी दुनिया को झकझोर और चौका दिया और उस बीमारी का नाम है कोरोना वायरस कोविड-19। इस बीमारी में ने पूरी दुनिया और देश मैं संकट की स्थिति में ला दिया। यह बीमारी अन्य देशों में तो फेल ही रही थी। इसके साथ-साथ इस बीमारी ने अपना प्रकोप भारत में भी दिखाना शुरू किया तो तथा इसके केस बढ़ने लगे तो सरकार ने इसके प्रकोप को कम करने के लिए देश में लॉकडाउन लगाना पढ़ा ।फिर भी इसके केस कम नहीं हो रहे थे।

आइए जानते थे मनासा में कोरोना वायरस का कितना प्रकोप और कितनी भयानक स्थिति थी और और किस प्रकार कोरोना पर विजय प्राप्त की।

मनासा में कोरोना की पहली लहर
कोरोना वायरस अपना प्रकोप विदेशों में तो दिखाई दे रहा था। साथ में यह भारत के अन्य शहरों में भी इसका प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा । और साथ में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ने लगा इसी बीच मनासा में कोरोना का पहला केस सामने आया तो मनासा में डर का माहौल बन गया। और लोगों के मन में भ्रम और डर बैठ गया। इस पहले केस से मनासा में डर का माहौल बन गया। और लोग डरने लगे। और साथ में पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया। क्योंकि इस बीमारी की ना तो कोई दवाई थी और ना ही कोई इलाज था उस टाइम पर इसका बचाओ ही इसका उपाय था । इसलिए सभी इस बीमारी से डर रहे थे। क्योंकि देश में लॉक डाउन लग रहा था। तो मनासा में भी लॉक डाउन लग रहा था। लेकिन लोग इसे हंसी मजाक में टाल देते थे। और घर से बाहर निकला करते थे इसी बीच पुलिस प्रशासन और अन्य कोरोना वॉलिंटियर एवं कोरोना योद्धा गली गली में जाकर लोगों को घर में रहने की सलाह देते थे। और साथ में कोरोना के बचाव के नियमों का पालन करवाते और साथ में जो इन नियमों का पालन नहीं करते उन्हें शक्ति के साथ पालन करवाते। मनासा में केस के साथ-साथ मौतों का आंकड़ा भी बढ़ने लगा तो और ज्यादा लोग डरने लगी लेकिन प्रशासन स्वास्थ्य विभाग एवं कोरोना वॉलिंटियर एवं कोरोना योद्धाओं ने सभी का आत्मविश्वास बनाया और उन्हें बताया कि कोरोना के नियमों का *पालन ही इसका बचाव है कोरोना के केसेस कम
होने लगे और पुलिस प्रशासन स्वास्थ्य विभाग कोरोना वॉलिंटियर एवं कोरोना योद्धा अन्य सामाजिक संस्थाओं के निस्वार्थ भाव का परिणाम यह हुआ कि मनासा में कोरोना के केस कम होने लगे और मनासा कोरोना से मुक्त हो गया।

कोरोना की दूसरी लहर

कोरोना की पहली लहर खत्म होने के बाद लोग कोरोना से बचाव के नियमों का पालन नहीं करने लगे। और मास्क और सेनीटाइजर का उपयोग भी नहीं करने लगे। प्रशासन और अन्य स्वास्थ्य विभाग और वैज्ञानिकों के लाख समझाने एवं चेतावनी के बाद भी लोग नहीं समझे। जिसका परिणाम यह हुआ कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने सभी को झकझोर और अपना प्रकोप बहुत अधिक दिखाना शुरू कर दिया । कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना वायरस के केसेस तो बढ़ ही रहे थे साथ ही साथ मौतों का आंकड़ा भी बहुत तेजी से बढ़ रहा था। जो कि बहुत चिंता का विषय था। फिर से देश में लॉकडाउन लगाना पड़ा। और बड़ी चिंता का विषय तो यह था कि इसका प्रकोप शहर तो शहर गाँवो में भी बहुत अधिक देखने को मिलने लगा कोरोना की दूसरी लहर में कैसेस बढ़ने लगे और मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा था। तो धीरे-धीरे ऑक्सीजन, बेड एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं की कमी आने लगी और देश में स्वास्थ्य सुविधाएं एवं उपचार के साधनों की कमी के कारण देश में हाहाकार और लूटमार मच गई।ऑक्सीजन एवं बेड की अनुपलब्धता के कारण बहुत से लोगों को मौत का सामना करना पड़ा। क्योंकि केसेस बहुत ज्यादा आ रहे थे और स्वास्थ्य सुविधा एवं मेडिकल स्टाफ की कमी के कारण मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा था। नीमच जिले में सबसे ज्यादा अगर केस और मौतों का आंकड़ा कहीं बढ़ रहा था तो वह मनासा तहसील में था। क्योंकि गांव में कोरोना वायरस भयानक रूप लेने का कारण यह था कि गांव के कुछ लोग कोरोना के पति लापरवाही एवं कोरोना वायरस से बचाओ के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे और हंसी मजाक में टाल रहे थे। जिसका परिणाम यह हुआ कि उन्हें दूसरी लहर में अत्यधिक प्रभावित होना पड़ा। दूसरी लहर मैं पुरे देश और नीमच जिले में हाल यह था कि हॉस्पिटल तो हॉस्पिटल कोविड- सेंटर में भी बेड एवं ऑक्सीजन की हाहाकार और कमी का सामना करना पड़ा। और मनासा में हाल तो यह था कि रोज 15 से 20 मौतें रोज मनासा में ही हो रही थी। और हाल तो यह था कि लोग अपने रिश्तेदारों की आखिरी रस्म अंतिम संस्कार तक करने से डर रहे थे। मनासा में हर गली मोहल्ला कोरोना हॉटस्पॉट बना हुआ था। और सभी लोग बहुत डरे हुए थे। क्योंकि अस्पताल में भी इसका इलाज संभव नहीं हो रहा था मौतों का आंकड़ा बढ़ ही रहा था। इस से बचाव ही इसकी दवाई थी।

मनासा कोविड-19 केयर सेंटर

कोरोना की दूसरी लहर में केसेस के साथ-साथ मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा था। क्योंकि पूरे देश में हास्पिटल एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को मौत का सामना करना पड़ रहा था वही नीमच जिले में भी सभी अस्पतालों में बेड एवं ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए एवं अस्पतालो मे जगह नहीं होने के कारण मनासा में कोविड- केयर सेंटर शुरू किया गया। जिससे कि मनासा के लोगों को नीमच नहीं जाना पड़े और मनासा में ही कोरोना का सही उपचार और स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके। ताकि जो मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा था। वह कम हो सके और मनासा तहसील में बढ़ रही मौतों को आंकड़ों को कम किया जा सके। लेकिन फिर भी मनासा तहसील में मौतों आंकड़ा कम नहीं हो रहा था। पूरे नीमच जिले में सब जगह कोरोना वायरस के केस एवं मौतों के आंकड़ों में कमी आने लगी थी। लेकिन मनासा तहसील में स्थिति वही के वही थी। जो कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टर और अन्य कोरोना योद्धाओं के लिए लिए बहुत ही चिंता का विषय बना हुआ था। फिर धीरे-धीरे लोग जागरूक होते गए और कुछ दवाइयां और मेडिसिन कोरोना को कम करने में सहायक हुए तो केसेस और मौतों का आंकड़ा धीरे-धीरे कम होने लगा तब जाकर प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग और लोगों ने कुछ चैन की सांस ली।

अन्य सामाजिक संस्थाएं एवं जन अभियान परिषद के कोरोना वॉलिंटियर एवं कोरोना योद्धाओं का महत्वपूर्ण योगदान

कोरोना वायरस की पहली और दूसरी लहर में विशेषकर दूसरी लहर में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं एवं कुछ लोगों को भूखमरी का सामना करना पड़ा था। इस दौर में सामाजिक संस्थाएं एवं कोरोना वॉलिंटियर उनके लिए भगवान का रूप बनकर सामने आए। जिन्होंने ऑक्सीजन एवं भोजन के पैकेट निशुल्क लोगों तक पहुंचाएं। और कोरोना कोरोना वायरस को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जब कोरोनावायरस की लहर में ऑक्सीजन एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की हाका और लूटमार चल रही थी। नीमच जिले में भी लूटमार चल रही थी। लेकिन कुछ समाजसेवी एवं कुछ सामाजिक संस्थाएं एवं कोरोना वॉलिंटियर ऑक्सीजन रिफिल एवं भोजन के पैकेट एवं एंबुलेंस आदि स्वास्थ्य सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवा रहे थे। कि लोगों के लिए भगवान के रूप में सामने आए।

ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ

कोरोना काल में लोगों को ऑक्सीजन की कमी के कारण मौतों का सामना करना पड़ा था। जिसके चलते मनासा में जनता जनप्रतिनिधियों एवं विधायक महोदय की तत्परता एवं सहयोग से मध्य प्रदेश का पहला विकासखंड स्तरीय एवं नीमच जिले का पहला ऑक्सीजन प्लांट मनासा में स्थापित हो सका।जो कि मनासा वासियों ने संकट के समय में एकता और समर्पण की मिसाल पूरे मध्यप्रदेश में कायम की अब मनासा पूरी तरह से ऑक्सीजन आत्मनिर्भर हो गया। और यह ऑक्सीजन को अन्य शहरों में तक पहुंचाने की क्षमता है। क्योंकि मनासा तहसील वासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है।

*कोरोना वैक्सीनेशन एवं टीकाकरण अभियान

कोरोना पूरे देश एवं विदेश में तबाही मचाई किसी को देखते हुए भारत एवं अन्य देशों ने कोरोना वायरस की वैक्सीन दवाई बनाई। लेकिन कुछ वैक्सीन दवाइयां ही कोरोना से लड़ने में कारगर हुई। फिर धीरे-धीरे वैक्सीन हर शहर एवं गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया। पर स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार के लिए एक और चिंता का विषय यह था कि स्वास्थ्य विभाग और सरकार कोरोना के प्रभाव को कम करने एवं भविष्य में कोरोना नहीं फैले इसके लिए वैक्सीन के स्लाट निकालते थे। लेकिन 8 से 10 स्लाट या ज्यादा से ज्यादा *50 से *60 स्लाट ही बुकिंग** होते थे बाकी सभी स्लाट खाली जा रहे थे। हालत यह हो गई थी। कि वैक्सीन तो थी लेकिन लोग वैक्सीन लगवाने नहीं आ रहे थे। जिससे वैक्सीन का उपयोग नहीं हो रहा था एवं वेस्ट जा रही थी। जो की चिंता का विषय का वैक्सीन नहीं लगवाने का एक प्रमुख कारण यह था कि सोशल मीडिया एवं कुछ लोगों के भ्रामक प्रचार एवं अंधविश्वास के कारण लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे थे और तों और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों एवं शहरों में वैक्सीन लगवाने जाती थी तो कुछ लोग उन्हें अपशब्द एवं कहीं-कहीं तो स्वास्थ्य विभाग की टीमों को मारने की घटना भी सामने आई। जो कि बहुत ही दुर्भाग्य एवं चिंता की बात थी। फिर धीरे-धीरे प्रशासन स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सामाजिक संस्थाएं एवं जन अभियान परिषद के कोरोना वॉलिंटियर ने जागरुकता को लेकर एक अभियान चलाया और अपने मोहल्ले गांव एवं शहरों में वैकसीन लगवाने के प्रति जागरूक करते थे। लेकिन जो जागरूक करवाने जाते थे। उनके साथ भी कुछ लोग अपशब्द कहते थे। कि हमें नहीं लगवाना वैक्सीन इससे तो लोग मर रहे हैं। फिर कोरोना वॉलिंटियर तथा अन्य सामाजिक संस्थाओं ने अपने और अपने परिवार को वैक्सीन लगवाई और लोगों को बताया कि वैक्सीन हमने भी लगवाई है । वैक्सीन से कुछ नहीं होता है। यह तो हमारी सुरक्षा के लिए है फिर धीरे-धीरे गांवों एवं शहरों के लोग थोड़ा जागरूक हुए और वैक्सीन लगवाई उनको देखकर अन्य लोग भी जागरूक हुए और वैक्सीन लगवाने के प्रति अपना उत्साह दिखाया। पहले जो लोग वैक्सीन लगवाने के प्रति सभी को भ्रमक प्रचार एवं वैक्सीन लगवाने की मना कर रहे थे वहीं अब वैक्सीन लगवाने के लिए लाइनों में सबसे पहले लग रहे हैं। पहले स्थिति यह थी कि व्यक्ति तो थे लेकिन लोग वैक्सीन लगवाने नहीं आ रहे थे। अब हालत यह है कि वैक्सीन लगवाने वाले तो बहुत सारे हैं लेकिन शासन वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। इन दोनों स्थिति के बीच जागरूकता का महत्वपूर्ण सहयोग मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के कोरोना वॉलिंटियर एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं ने किया। और अब स्थिति यह है कि देश की हर छोटे से लेकर बड़े शहर से लेकर गांव तक हर टीकाकरण केंद्र पर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें एवं भीड़ रहती है। और लोग वैक्सीन लगवाने के लिए सुबह 3-3 और 4-4बजे लाइनों में लग जाते हैं ताकि वैक्सीनेशन के लिए उनका नंबर आ सके। और मध्य प्रदेश के हर वैक्सीनेशन सेंटर पर भी मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के कोरोना वॉलिंटियर अपनी निस्वार्थ भाव से सेवाएं दे रहे हैं

चिंता का विषय
वैक्सीनेशन का इतना उत्साह कहीं बन जाए देश के लिए खतरा
फिर देखने में आ रहा है कि लोग ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और ना ही मास्क लगा रहे हैं। और कोरोना के बचाव का नियमों का पालन भी नहीं कर रहे हैं। और फिर से लापरवाह हो चले जा रहे हैं जो कि की चिंता का विषय है
लोगो ने कोरोना काल में अपने परिचित और रिश्तेदारों को खोया है। इसके डर से वह वैक्सीन लगवाने वैक्सीनेशन सेंटर पर आ रहे हैं लेकिन वैक्सीनेशन सेंटर पर कुछ लोग ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। और ना ही मास्क लगा रहे हैं। और कहीं-कहीं वैक्सीनेशन सेंटर पर लड़ाई और हाथापाई तक हो जाती है। जो की चिंता का विषय है। क्योंकि वैज्ञानिकों एवं सरकार ने तीसरी लहर के लिए चेता दिया है। अगर लोग सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का उपयोग नहीं करेंगे तो तीसरी लहर दूर नहीं है और यह कहने से मना भी नहीं किया जा सकता है कि कोरोना की दूसरी लहर से कई गुना ज्यादा खतरनाक एवं भयावक तीसरी लहर हो सकती है। इसलिए लोगों से निवेदन है कि शासन को वैक्सीनेशन सभी को करवाना है। आज नहीं तो कल लेकिन वैक्सीनेशन सेंटर पर इस तरह की भीड़ अपने लिए ही कल नुकसानदायक हो सकती है

इसलिए मेरा सभी से निवेदन है। कि मास्क सैनिटाइजर एवं सोशल डिस्टेंसिंग एवं शासन की गाइडलाइन एवं नियमों का पालन करें। और साथ ही वैक्सीनेशन सेंटर पर भी कोरोना वायरस से बचाव के नियमों का पालन करें ज्यादा भीड़ नहीं लगाएं शासन को वैक्सीन सभी को लगवानी है🙏🙏 **समीर मंसूरी मनासा (कोरोना वालेंटियर)* *जिला नीमच मध्यप्रदेश* *म.प्र.जन अभियान परिषद*

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