गर्भवती महिला अमरपुरा की गत दिनों रामपुरा चिकित्सालय में हुई थी मौत मौत किसकी लापरवाही से हुई अधिकारियों ने बिना सोचे समझे वह बिना जांच किए निर्दोष सिस्टर राजश्री आर्य को झूठे आरोप लगाए गए होनी चाहिए सही जांच

केवल एक सिस्टर पर कार्यवाही करके प्रशासन अन्य दोषी सिस्टरों को बचा रहा है, जिनकी ड्यूटी सुबह 8 बजे से 2 बजे तक थी, महिला की मृत्यु दोपहर 12 बजे हुई।
सवाल ये उठता है कि सुबह 8 बजे से ड्यूटी पर तैनात सिस्टरों ने इस दौरान उस महिला को ना चेक किया ना उपचार किया ना रेफर किया, इनके ऊपर प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की।

रामपुरा अस्पताल से एकमात्र काबिल और नेक सिस्टर राजश्री आर्य को झूठे आरोप लगाकर कुछ लोगों ने साजिश पूर्वक हटवाया है, जबकि उनकी नाइट ड्यूटी सुबह 8 बजे खत्म हो गयी थी और उसके बाद डबल ड्यूटी करने कोविड वेक्सिनेशन पर चले गए थे।

उन्होंने सुबह 7:30 बजे सफलतापूर्वक महिला की डिलिवरी करवाई, दुर्भाग्य से बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ, उस समय महिला पूरी तरह स्वस्थ थी।
रामपुरा में सिस्टर राजश्री आर्य 11 साल से पदस्थ है और इनके द्वारा पिछले 11 साल से रामपुरा में हज़ारों सफ़ल डिलेवरियां करवाई है सभी से नम्रता से बात करती है, गरीब, असहाय लोगों की मदद भी करती है, जिसने एक बार उनसे डिलेवरी करवाई वो दूसरी डिलेवरी में उन्हीं को खोजता दिखता है और 24 घंटे अस्पताल में उपलब्ध रहकर सेवाएं देती है। उत्कृष्ट कार्य के लिए इनको जिला स्तर पर कलेक्टर एवं सीएमएचओ ने भी कई बार प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया है।

ऐसी ईमानदार और अच्छी सिस्टर के समर्थन में सोशल मीडिया में पोस्ट करें, शेयर करें और प्रशासन से आग्रह करें कि वास्तविक दोषियों पर कार्यवाही हो और राजश्री आर्य सिस्टर को वापस जल्दी रामपुरा अस्पताल भेजा जाये।
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जागरूक नागरिक मंच, रामपुरा
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