नीमच अफीम फैक्ट्री में स्थित अफीम प्रयोग शाला सेटिंग फिक्सिंग का गेम पुनः शुरू

नीमच। सबसे चर्चित डूंगलावदा गांव का कतिथ दलाल भूरालाल प्रजापति शासकीय सेवा होमगार्ड में होने के बावजूद अपने सेटिंग से मध्य प्रदेश पुलिस की सेवा में अपनी सेवाएं दे रहा है। मगर कथनी और करनी में फर्क होता है। कहने को तो एक अदना सा सुरक्षा एजेंसी का व्यक्ति है मगर इस कथित व्यक्ति ने लाखो किसानों के करोड़ों रुपए अपने अंटी में कर रखे है। किसानों का गला घोटकर खून से अपनी वर्दी को रंगा है। वर्तमान में भी इसने अपनी बंद हुई पटकथा को पुनः शुरू करने का प्रयास शुरू कर दिया है। ज्ञात हो कि दिनांक 28 व 29 सितंबर को मिलावट अफीम काश्तकारों की तारीख लगी हुई है, जिसका पैसा कथित दलाल के पास इकट्ठा हो चुका है। अब देखना यह है कि अब आगे क्या निर्णय क्या होता है और बनर्जी अपनी पंहुच से कितने किसानों का भला करता है या बनर्जी सेटिंग फिक्सिंग के तहत पैसा लेकर बैक टू पवेलियन वाली किसानों की पूर्ति करता है। ज्ञात हो कि भूरालाल प्रजापत निवासी डूंगलावदा जो कि कल का फटीचर आज का करोड़पति आज अरबों में खेल रहा है। क्या है उसका दिल्ली कनेक्शन जल्द हम आपको बताएंगे। बता दें कि कथित भूरालाल प्रजापति एक जमाने में नेताओं की गाड़ी धुलाई-करता था और यह कथित व्यक्ति शाम को गर्म गोश्त का शौकीन भी था। इसको नायाब तरीकों के साथ नेताओं की जी-हजूरी करने में आनंद आता था। इसकी अनंत और इसके द्वारा किए गए कुकृत्य करने से परहेज नहीं करता था। आजकल नीमच अफीम कारखाने में स्थित प्रयोगशाला में मालिश करने में बनर्जी व इसके दस दलाल लगातार क्षेत्र में सक्रिय है। मगर ये कथित गुंडा दलाल बनर्जी की मालिश का राज़ अपने दलालों को नहीं बताता है। वह कहता है कि नीमच अफीम फैक्ट्री मेरे अंडर में चलती है। अधिकारियों की मालिश करने की अदा मुझमें है। मैं कभी कभी भूरा के रूप में भूरी बनकर मालिश करती हूँ। आगे कतिपय कथित भूरा प्रजापति निवासी डूंगलावदा अफीम प्रयोगशाला में मेरा एकाधिकार है। अनफेयर मतलब घटिया अफीम को पास करवाने का काम चालू हो चुका है। कृपया किसी की भी अफीम अगर घटिया पास हुई हो तो बनर्जी से या इसके संपर्क वालों से कॉन्टेक्ट करें। रेट डेढ़ लाख से लगा कर के दो लाख रुपये तक की है। प्रबंधक बोली बदल गया हो मगर भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ है। इनके इस कामों में चार दलाल सक्रिय है। यह दलाल मुख्य रूप से चंपा, जेंडर, प्रकाश और बिजोरा हैं…!!!

क्या नारकोटिक्स विभाग, एन्टी करप्शन ब्यूरो व फैक्ट्री मैनेजर महोदय द्वारा कोई कार्यवाही होगी..????

अब देखना यह है कि किसानों की जो अफीम घटिया व मिलावटी साबित हुई है उनको भूरा और बनर्जी कैसे क्लीन चीट करेंगे। अगर करतें है तो प्रयोगशाला की आंच दिल्ली तक जाएगी। 29 सितंबर की तारीख के बाद हमारे अगले अंक की खबर का इंतज़ार करें।

!!!!…..जय हिंद…..!!!!

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