माफियाओं व गुंडों का सफाया करने में शिवराज सरकार भी नही पीछेमनासा- डॉ बबलु चौधरीऑपरेशन सफाया के तहत तत्कालीन सरकार में तोड़ बट्टे हुए थे

मंदसौर विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया का बड़ा बयान
15 महीने की कमलनाथ सरकार के दौरान ऐसा नहीं है कि उन्होंने ऑपरेशन सफाया अभियान मध्यप्रदेश में चला कर कोई बड़ा तीर मार लिया , कमलनाथ सरकार के दौरान ऑपरेशन सफाया अभियान जो चलाया गया था उसके पीछे कोई खेल खेला गया था उसकी परतें अब धीरे-धीरे खुलती जा रही है पूरे मध्यप्रदेश में ऑपरेशन सफाया के तहत मंदसौर जिला टॉप मोस्ट पर रहा है मंदसौर में तस्करों के खिलाफ जो कार्यवाही की गई वह किसी से छुपी नहीं है. 15 महीने के बाद अब मध्यप्रदेश में पुनः शिवराज सिंह सरकार सत्ता पर काबिज हुई है और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि माफियाओं, गुंडों चिटफंड कंपनियों, ब्याज खोरों, ड्रग माफियाओं और तस्करों के अवैध संपत्तियों को नस्तेनाबूद किया जाए, यह अच्छी बात है कि अवैध रूप से कमाई गई संपत्तियां यदि सरकार नष्ट करती है तो इसके आशातीत परिणाम देखने को मिलते हैं , शिवराज सिंह चौहान सरकार ने गुंडों, बदमाशों, तस्करों, ड्रग माफियाओं, रेत माफियाओं, चीटरों , ब्याज खोरों के खिलाफ प्रदेश व्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है जो सराहनीय है सरकार के इस निर्णय के बाद एक बार फिर मंदसौर चर्चाओं में है मंदसौर जिला पुलिस प्रशासन ने डोडा चूरा तस्कर बाबू बिल्लोद से इसकी शुरुआत कर दी है बिल्लोद गांव में बाबू बिल्लोद के नाम से मशहूर उसके आशियाने को धाराशाही कर दिया है , मुल्तानपुरा में मुंशी घोंचा के अवैध कांप्लेक्स को तोड़ दिया गया है और हाल ही में मर्दा दिन स्थित जाहिद पिता जुम्मा खान के मकान को भी तोड़ दिया गया, ऐसा लगता है कि कमलनाथ सरकार के दौरान जो ऑपरेशन सफाया अभियान चलाया गया था उसकी लिस्ट में अभी ढेर सारे नाम बाकी रह गए हैं जिन पर भी जिला प्रशासन के हथौड़े चलना चाहिए, क्योंकि यह सरकार का कदम है अब यह अफसरों को चाहिए कि इस ऑपरेशन के चलते सबके खिलाफ ईमानदारी से कार्यवाही होना चाहिए,
मंदसौर में पिछले तीन-चार दिन से जो ऑपरेशन अभियान चलाया जा रहा है,इस बीच मंदसौर के जागरूक विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया का एक बड़ा बयान सामने आया है उनका कहना है कि कमलनाथ सरकार के दौरान ऑपरेशन सफाया के नाम पर जो प्रशासनिक अधिकारियों ने खेल खेला है वह अब नहीं होना चाहिए, यदि इस अभियान के चलते कोई लेन-देन की बात होती है तो वह ऐसे अधिकारियों को भी नहीं बखसेंगे,यह बात सच है कि कमलनाथ सरकार के दौरान मंदसौर में जो ऑपरेशन सफाया अभियान चलाया गया था उसमें कई अधिकारियों ने बहती गंगा में हाथ धोए थे उनमें से कई अधिकारी आज भी मंदसौर में मौजूद है शिवराज सरकार के दौरान जो अभियान चलाया जा रहा है उसमें वह ऐसी गुस्ताखी ना करें और कमलनाथ सरकार के दौरान जो खेल खेला गया था वह फिर ना दोहराया जाए क्योंकि मंदसौर में जागरूक विधायक श्री सिसोदिया ने भी इस मर्म को समझते हुए खुली चेतावनी दी है इसलिए अधिकारी सावधान और सर्तक हो जाए इसलिए इस अभियान के चलते हुए अधिकारीगण पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करें, कमलनाथ सरकार द्वारा चलाया गया ऑपरेशन सफाया अभियान और हाल ही में शिवराज सिंह चौहान द्वारा चलाए जा रहे अभियान में जमीन आसमान का अंतर है उस समय कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता ऑपरेशन सफाया अभियान से छूट गए थे, क्या अब उनके खिलाफ भाजपा सरकार में सक्षम कार्यवाही होगी यह सवाल आज जनता के बीच में चर्चाओं का विषय बना हुआ है देखना है मंदसौर जिला इस अभियान के चलते हुए कितना अपराध मुक्त होता है और कितनी ईमानदारी और पारदर्शिता देखने को मिलती है,.

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