सोच पॉजिटिव तो कोरोना नेगेटिव: आशीष तिवारी

*सोच पॉजिटिव तो कोरोना नेगेटिव: आशीष तिवारी*
भोपाल से संतोष योगी की विशेष खबर
अगर आपके शरीर में दर्द है!
बुखार भी है!
हल्की सर्दी खराश या थोड़ा बहुत कफ भी है!
सिर दर्द भी है!
कमजोरी, सुस्ती ,चक्कर भी आते हैं! तो आपको……. कोई कोरोना वोरोना नहीं है! आपको केवल कोरोना जैसी फीलिंग का वहम है! क्योंकि हमारा शरीर वैसे रिएक्ट करता है, जैसा हमारा मन महसूस करता है! आपको हो रही ऊपर लिखी में से आधी तकलीफें है कोरोना नहीं, बल्कि व्हाट्सएप, फेसबुक, टीवी पर कोरोनावायरस सुनने-पढ़ने और अपने नेगेटिव पहचान वालों से कोरोना कि बात करने से हो रही है!
अफवाह फैलाने वाले और नेगेटिव बात करने वाले निकम्मे – फुरसतिया लोगों से दूर रहिए…. मास्क लगाइए, सेनीटाइजर लगाइए, हर एक – आधे घंटे में हाथ धोइए, इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजें खाइए ,योग – प्राणायाम – एक्सरसाइज कीजिए, सुबह – दोपहर – शाम हल्दी या आंवला जूस वाला गरम पानी पीजिए, सकारात्मक एक्टिविटी में खुद को बिजी कीजिए, घर के बाहर के लोगों से फिजिकली डिस्टेंस मेंटेन कीजिए, बाहर से जब भी आए तब सबसे पहले कपड़े स्टेरी क्लीन में डालकर व्हाइट पर्ल या एंटीबैक्टीरियल शॉप से स्नान कीजिए…..
याद रखिए कोरोना शरीर में आ गया तो शायद बच सकते हैं क्योंकि अब हमारे मेडिकल साइंस के पास कोरोना का तोड़ बहुत हद तक आ गया है पर कोरोना दिमाग मतलब सोच में आ गया तो बर्बादी निश्चित है!
अपने दिमाग की चौकीदारी कीजिए!
आशीष तिवारी अध्यक्ष श्री हरी प्रिया गौशाला

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