कोरोना से मरे या न मरे लेकिन कर्ज़ से ज़रूर मरेंगे

कोरोना से मरे या न मरे लेकिन कर्ज़ से ज़रूर मरेंगे
भोपाल से संतोष योगी की खबर हर साल की तरह गन्ने का रस का व्यवसाय करने वाले थोक एवम् फुटकर व्यापारियो को हो रहा 10 से 12 लाख का नुकसान गर्मी के चलते सभी जगह गन्ने की चरकी लग जाती हे जिससे गर्मी में लोगो को रस उपलब्ध् करा सके लेकिन कोरोना के चलते सारी दुकाने बन्द हे यु तो प्रशासन ने कुछ व्यापारियो को छूट तो दी हे लेकिन गन्ने के व्यापारियो को नही और गन्ना गर्मियों में जल्दी सूखता हे जिसके चलते व्यापारियो को नुकसान उठाना पड़ रहा हे।
साल में तो एक बार व्यापार करने का मौका मिलता हे। कई क़र्ज़ लेके व्यापारी अपना व्यापार चलाते हे लेकिन आलम ये हे के अब उन्हें शासन से न तो कोई अर्थिक मदद मिल रही हे न ही दुकान खोलने या होम डिलिवरी की छूट नारियल खेड़ा पर गन्ने का व्यापार करने वाले दुकानदार पप्पू मिया एवं आसिफ मंसूरी ने बताया के पिछले लोकडाउन में भी 8 से 10 लाख तक का नुकसान उठाना पड़ा जिसका क़र्ज़ अभी तक चुकाना पड़ रहा हे घरो में हालात ये हे के रोज़ी रोटी के लाले पड़े हे ऐसा ही चलता रहा तो हम रोड पर अजाएंगे या क़र्ज़ से मर जायँगे लगातार अपनी प्रशासन से गुहार लगा रहे हे लेकिन कही कोई सुनवाई नही अगर ऐसा चलता रहा तो हम गन्ना व्यवसायी किस के आगे हाथ फैलाएंगे ।

Leave a Reply