कैरोना महामारी और मजदूर दिवस की सार्थकता


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भोपाल से संतोष योगी की खबर 01 मई को हम सभी मजदूर दिवस मनाने जा रहे हैं इस बावत अपने ह्रदय मे हाथ रख कर थोड़ा सोचे की जिनके नाम पर इतना तामझाम होगा उनकी वास्तविक स्थिति क्या है आज मजदूरों को क्या उनके वाजिब मूलभूत अधिकार जिसमे शिक्षा स्वास्थ्य आवास शामिल है हमारा समाज दे पाया है अथवा मात्र मजदूर दिवस के नाम पर कुछ सरकारी खानापूर्ति और थोथी राजनीती कर मात्र वोट बैंक के रूप मे उपयोग किया गया है।
आज जानलेवा विनाशकारी महामारी के परिप्रेक्ष्य मे जब सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त पड़ी हुई है एक गरीब मजदूर अपना ईलाज करा पाने मे समर्थ है या ईलाज के आभाव मे ही दम तोड़ने के लिए मजबूर होरहा है इसके अलवा पिछले एक साल से लाक डाउन के कारण उसके रोजगार एवम् जीवन यापन की सम्मानजनक व्यवस्था हो पाई है या सरकार की अस्त व्यस्त सहायता या कुछ गिने चुने सामजिक संस्थाओ अथवा व्यक्तियो से प्राप्त सहायता को ही पर्याप्त मान कर उनके नाम पर राजीनीति की जाती है
मैं इस निवेदन भरे संदेश के माध्यम से देश के समस्त सरकारी संस्थानो एवं रजनैतिक दलो से अनुरोध करती हूँ मज़दूरों को सबसे पहले उनके जीवन की मूल भूत सुविधाएं प्रदान करे तभी सार्थक रूप से मजदूर दिवस मनाए
श्रीमती राखी परमार
प्रदेश अध्यक्ष
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा
मध्यप्रदेश भोपाल

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