भगवान की प्रभु में जो बाधक बने उसे त्याग दो- साध्वी वैष्णवी

भगवान की प्रभु में जो बाधक बने उसे त्याग दो- साध्वी वैष्णवी,,, भोपाल से संतोष योगी की खबर
पूर्णाहुति एवं भंडारे के साथ कथा विश्राम
भोपाल- रतनपुर शिव मंदिर में चल रही भागवत कथा की आयोजक राखी परमार ने बताय कि कथा के सातवे दिवस एवं अंतिम कथा वाचक साध्वी वैष्णवी जी ने भगवान कृष्ण-जामवंती विवाह, सुदामा चरित्र प्रसंग सुनाए। उन्होने कहा कि यदि प्रभु की भक्ति में कोई बाधक बने तो उसे त्याग दो वो जाहे माता-पिता, भाई-बहन ही क्यो न हो। उन्होने उदाहरण देते हुए बताया कि विभीषण राम नाम जपते थे उनके भाई रावण ने राम नाम जप करने से मना किया तो विभीषण ने अपने सगे भाई का त्याग कर दिया, इसी तरह भक्त प्रहलाद भगवान विष्ण के भक्त थे लेकिन उसके पिता हिरण्यकश्यप प्रहलाद को भक्ति करने से रोकते थे तो उन्होने पिता का त्याग कर दिया इसलिए जो भी व्यक्ति प्रभु की भक्ति में बाधक बने उसका त्याग कर देना चाहिए।
कथा विश्राम के साथ हुआ भंडारा-
रतनपुर शिव मंदिर पर कथा विश्राम के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें आसपास के ग्रामीणों ने भक्ति भाव से प्रसादी का आनंद लिया। आयोजक राखी परमार ने सभी रतनपुर ग्रामवासियों, आयोजन में सहयोगी बने ग्रामीणों, माताओं-बहनों, युवाओ- बुजुर्गों को ह्दय से धन्यवाद दिया और कहा कि वे रतनपुर गांव की बेटी है जो भी आयोजन में गलती हुई हो तो वे क्षमा करे। मंच पर सभी समिति के सदस्यों का सम्मान किया गया।
ये हुए शामिल-
पूर्व महापौर विभा पटेल, राजेन्द्र मीणा, पूर्व पार्षद महेन्द्र परमार, ब्रजलाल परमार, संदीप परमार, मुख्य संरक्षक- नारायण सिंह परमार, श्री अर्जुन सिंह परमार, श्री हरि पाटीदार, श्री सोभाराम परमार, श्री गजराज सिंह परमार, श्री प्रेम नारायण परमार, श्री संजीव परमार, श्री प्रमोद सिंह परमार, श्रीमती रेखा सिंह परमार, सवई सिंह परमार, सुजीत परमार, रेखा परमार, धर्मेन्द्र सिंह परमार, अशोक परमार, संदीप, योगेश, रवि, शंकर, भूपेन्द्र, संतोष, सुमित , हनुमत, सुनील शैलेन्द्र, जशरथ, दिनेश, सोनू, आयूष, श्रीमती मीनाक्ष सिंह, गायक कक्कजी सहित क्षेत्रीय रहवासी एवं श्रद्धालु शामिल हुए।
सभी समाचार पत्रों एवं ईलेक्ट्रानिक मीडिया की संपादकीय टीम, पत्रकार, रिपोर्टर, कैमरामेन, फोटोग्राफर सभी का धन्यवाद आपने कथा से संबंधित खबरों को अपने समाचार पत्रो में प्रमुखता से स्थान देकर हमें अनुग्रहित किया सभी का पुन: धन्यवाद।


राखी परमार, आयोजक

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