दो दिन से हो रही रिमझिम बारिश से फसलों को हो रहा फायदा

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट

सीहोर ,आष्टा । शहर सहित आसपास के इलाकों में शुक्रवार-शनिवार को मौसम बदल गया। देर रात से शुरू हुई बारिश का दौर शुक्रवार-शनिवार को दिनभर चला। रिमझिम और हल्की बारिश ने वातावरण में कड़ाके की ठंडक घोल दी। फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद एवं अमृत के समान है। इधर नगर में शुक्रवार-शनिवार को एक दर्जन से अधिक शादियां बारिश की वजह से प्रभावित हुई। गार्डन व पंडाल बारिश के कारण पूरी तरह भीग गए। इस कारण लोगों को छोटे-छोटे हाल व कमरों में शादियों की व्यवस्था करना पड़ी। हालांकि शाम करीब 4 बजे से बारिश रुकने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों में 5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विशेषज्ञों ने अगले दो दिनों तक ऐसी ही बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। गुरुवार रात करीब 11-12 बजे से ही बूंदाबांदी के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया था। शुक्रवार सुबह मौसम पूरी तरह बदल गया और घने बादल छाने के साथ ही दिनभर रिमझिम और हल्की बारिश होती रही। यही स्थिति शनिवार को रही। इस कारण पूरे नगर में व्यापार-व्यवसाय प्रभावित रहा। लोगों को स्वेटर व जैकेट के साथ रैनकोट और छतरियां भी निकालना पड़ी। बारिश का ज्यादा असर शादियों पर पड़ा। इस सीजन में 11 दिसंबर को आखिरी मुहूर्त होने के कारण शुक्रवार-शनिवार को एक दर्जन से अधिक शादियां थी। इसके चलते लगभग सभी होटल, मैरिज गार्डन और धर्मशालाएं बुक थीं। होटल-गार्डन संचालक ने बताया शुक्रवार को उनके पास शादियों की बुकिंग थी, लेकिन बारिश के कारण पूरा समारोह स्थल भीग गया। इस कारण होटल के एक हाल व अन्य कमरों में शादी व रिसेप्शन की व्यवस्था जुटाना पड़ी। बारिश से एक ही दिन में लगभग 1.5 से 2 लाख रुपए का नुकसान हो गया। ठंड के कारण शादियों के रिसेप्शन में भी लोगों की भीड़ कम रही।

मावठे स्व किसी भी फसल को नुकसान नही

कृषि विभाग के बीएल मेवाड़ा ने बताया मावठे की बारिश से किसी भी फसल को नुकसान नहीं होगा। क्योंकि फसलों में फ्लावर स्टेज निकल चुकी है। यदि तेज बारिश हुई तो नुकसान होने की संभावना रहेगी। इस बीच अगर ओलावृष्टि होती है तो वह हर फसल को नुकसान पहुंचाएगी। वहीं अचानक से बदले मौसम में स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। चिकित्सक डॉ एचएल दलोद्रिया ने बताया कोरोना संक्रमण के इस दौर में यह मौसम सबसे ज्यादा घातक है।

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