MPPSC में नियमों की अनदेखी को लेकर दिया ज्ञापन ,परिणाम निरस्त करने की मांग

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट

सीहोर । लोक सेवा आयोग मध्यप्रदेष ने 21 दिसंबर को जारी परिणामों पर आपत्ति लेते हुए भारतीय विद्यार्थी युवा बेरोजगार मोर्चा ने प्रदेष के 51 जिलों सहित सीहोर में भी राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर प्रगती वर्मा को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा परिणामों में अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के 87 फीसद प्रतियोगी छा़त्रों के साथ घोर अन्याय करते हुए सामान्य वर्ग के प्रतियोगियों को नियम विरूद्ध अतिरिक्त लाभ देकर परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है। घोषित परीक्षा परिणाम की उच्च स्तरीय समीक्षा कर परिणाम निरस्त करने की मांग ज्ञापन में की गई है।

ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व करते हुए रत्नदीप बांगरे ने कहा कि 13 फीसद सामान्य वर्ग के प्रतिभागियों को 50 फीसद अतिरिक्त लाभ देते हुए संविधान द्वारा प्रदत्त प्रतिनिधित्व की मूलभावना के साथ खुला खिलवाड किया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार तथा सभरवाल बनाम पंजाब सरकार के मामले में स्पष्ट रूप से आदेश पारित किया गया है कि आरक्षित वर्ग का प्रतिभागी यदि अनारक्षित वर्ग के प्रतिभागी के समकक्ष अंक प्रदान करता है तो उसका चयन अनारक्षित श्रेणी में किया जाएगा। परंतु जारी परिणामों में इस आदेष की खुली धज्जियां उडाई गई हैं। इसके साथ ही महिलाओं व विकलांग श्रेणी के प्रतिभागियों को भी नियम होने के बावजूद भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। इस संबंध में भारतीय विद्यार्थी मोर्चा मध्यप्रदेष यूनिट द्वारा शीघ्र ही एक याचिका मध्यप्रदेष हाई कोर्ट में दायर की जा रही है। जिससे अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा विकलांग श्रेणी के प्रतिभागियों को संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत पर्याप्त लाभ मिल सकें। ज्ञापन सौंपने वालो में प्रतिभागी रत्नदीप बांगरे, भारतीय युवा मोर्चा के प्रदेष अध्यक्ष जनम सिंह परमार, विद्यार्थी मोर्चा के राज्य मीडिया प्रभारी संजय भारती, जिला मीडिया प्रभारी बीएस भदौरिया, गौरव दुगारिया, बलराम सिंह घनघोर, प्रदीप रैकवार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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