शिक्षा के माध्यम से ही हम रूढ़िवादी परंपराओं को नष्ट कर सकते है । अनिता बड़गुज्जर

पचामा में आयोजित हुआ महिला जागरूकता कार्यक्रम  

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट

सीहोर । शासकीय हाई स्कूल पचामा सीहोर के एस.पी.सी. के छात्र – छात्राओं ने महिला जागरूकता कार्यक्रम के तहत ग्राम पचामा मे नुक्कड़ नाटक कर महिला और बालिकाओं को उनके अधिकार के बारे मैं बताया । डॉ अनीता बडग़ुर्जर भालेराव ने महिलाओं को बताया भारतीय समाज में अशिक्षा और रुढि़वादी दृष्टिकोण ने नारी की भूमिका की स्थिति को केसे शौचनीय बना रखा हैं महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्यों को मारने वाले उन सभी राक्षसी सोच को मारना जरुरी है। जैसे दहेज प्रथा, यौन हिंसा, अशिक्षा, भ्रूण हत्या, असमानता,लैंगिक भेदभाव राष्ट्र में सांस्कतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक अंतर ले आता है जो देश को पीछे की ओर ढकेलता है. इन सब को दूर करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी नारी को जाग्रत करने कि जरूरत है। इसको ध्यान में रखते हुए पचामा स्कूल के एस पी सी के छात्र छात्राओं के दुरा महिला जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक कर ग्रामीण महिलाओं को जागरूक किया गया। नाटक एस पी सी नोडल, चंद्रपाल सिंह व नेहा तिवारी ओजस यूथ क्लब प्रभारी सुरेखा गौर  ने तैयार करवाया। नाटक क मंचन मुस्कान गौर, बस कन्या मेवाड़ा, गायत्री मेवाड़ा , छाया वंशकार, पायल मेवाड़ा,विवेक विश्वकर्मा, सावन सोनी आदि छात्रों ने किया। इस अवसर पर शाला सभी शिक्षक, सूरज सिंह परमार, राजेश राठौर, कैलाश नारायण मालवीय, बरखा मिश्रा, रजनी श्रीवास्तव, शसुमन गुप्ता, वंदना व्यास, सकून मालाकार, सुषमा ठाकुर, साधना सोलंकी,आबिदा अंजुम व ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहे।

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