वनग्राम खामखेड़ा के जंगलों में हो रही सागौन की जोरो सोरों से अवैध कटाई

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट

सीहोर बिलकिसगंज । कस्बे से मात्र दस किमी दूरी पर स्थित वन ग्राम खामखेड़ा में अवैध रूप से सागौन तस्करी की घटनाए दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं, जिसके चलते बीते कुछ माह पूर्व जहां सागौन के घने जंगल हुआ करते थे, वहां पर अब खेती हो रही है। इस ग्राम के हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अवैध रूप से सागौन की तस्करी करने वाले लोग बेशकीमती पेड़ो को बेंच कर उसे खेती करने वालों की भी शासकीय भूमी औने- पौने दामों में बेंच रहे हैं, जिसके चलते बेशकीमती सागौन का जंगल तेजी से नष्ट हो रहा है। खास बात तो यह है कि कई बार ऐसे मामले सामने आने के बाद भी विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई इन लकड़ी तस्करों पर नही किया जाना विभाग की लाचार कार्य प्रणाली को उजागर कर रहा है। ज्ञात हो कि ग्राम खामखेड़ा जंगल में दूर-दराज अलग-अलग स्थानों पर बसा होने के कारण यहां पर सागौन की ईमारती लकड़ी बड़ी संख्या में पाई जाती है, जिसके चलते इस ग्राम की सागौन की मांग इंदौर, भोपाल, नीमच तथा आसपास के ग्रामों में सागौन की मांग अधिक होती है, जिसके चलते ये सागौन तस्कर स्थानीय वनवासियों को पैसे का लालच देकर सागौन पेड़ कटवाकर सीधे बाहर भेज देते हैं। पेड़ कटने के बाद रिक्त हुआ स्थान भी यह लोग औने-पौने दामों पर बेंच देते हैं और तो और इस पूरे गोरख धंधे की वन विभाग के कर्मचारी जानकारी होने से ही साफ इंकार करते हैं।

हमेशा ही तस्करी व अतिक्रमण के मामले में चर्चित रहता है खामखेड़ा

सूत्रों का कहना है कि वैसे तो वन विभाग की लापरवाही कई बार सामने आ चुकी है पर भू-माफिया एवं सागौन तस्करो का आतंक जितना इन क्षेत्र में देखने को मिलता है वह शायद और कही भी वन ग्रामों में नजर नहीं आता। इसी के चलते इस क्षेत्र में हमेशा ही अवैध रूप से सागौन कटाई एवं अतीक्रमण की शिकायत अधिक आती हैं, जिसमें कही न कही विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लग जाता है। वैसे सूत्रों का कहना है कि इतना बड़ा गोरख धंधा विभाग के चंद कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लगा रहा है, जिनकी 24 घण्टे वनो की रक्षा में ड्यूटी करने की सरकार वेतन दे रही है।

इनका कहना है

मुझे इस ग्राम की जानकारी पूर्व में भी मिली थी, जिसकी जांच जारी है अभी वर्तमान के घटना क्रम को में संघान में लेकर कार्रवाई करूंगा अगर जरूरत हुई तो मैं स्वंय घटना स्थल का निरीक्षण कर दोषियों पर कार्रवाई भी करूंगा।

राजेश शर्मा एसडीओ सीहोर वन विभाग

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