आशा ऊषा और आशा सहयोगिनी संघ की हड़ताल का आज ग्यारवा दिन प्रदेश स्तरीय हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा हो रहा है प्रभावित

हड़ताल पर बैठी समस्त कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी में निधन हुए नागरिकों को दो मीनट का मौन रख श्रद्धासुमन अर्पित किये

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट

सीहोर । आशा ऊषा और आशा सहयोगिनी संघ की प्रमुख 6 मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल के आज 11 दिन है। ज्ञातव्य है कि आशा ऊषा और आशा सहयोगिनी संघ की प्रदेश स्तरीय हड़ताल जारी है, जिसके तहत सीहोर के स्थानीय बाल बिहार ग्राउण्ड में आशा ऊषा एवं सहयोगिनी कार्यकर्ताओं की 6 सूत्रीय मांगों में प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल पर है।

जिसके कारण सभी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाऐं चरमरा गई हैं, वहीं कोविड-19 टीकाकरण अभियान एवं आशा ऊषा कार्यकर्ताओं की सेवाओं के अभावा में  गर्भवती महिलाओं की जांचें नही हो पा रही है, माता व नवजात शिशुओं की देखभाल नही हो पा रही है, हाई रिस्क गर्भवती जांचे भी नही हो पा रही है, परिवार नियोजन के साधन का वितरण भी नही हो पा रहा है, टीकाकरण भी 100 प्रतिशत नही हो पा रहा है, बीपी सुगर मरिजों का फॉलव एवं दवाई वितरण आशाओं के द्वारा किया जाता है वह भी नही हो पा रहा है, संस्थागत प्रशव में भी कमी हो रही है, लोग होम डिलेवरी करवाने पर मजबूर हो रहे हैं, आशा द्वारा किये जा रहे सर्वे भी नही हो पा रहे हैं, मलेरिया वाले मरिजों की सिलाईट व दवाई भी नही दी जा रही है, टीवी के मरिजों का भी फॉलव नही पा रहा है, इसी तरह आशा द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाऐं चरमरा गई है, इसके बावजूद भी सरकार द्वारा आशा ऊषा और आशा सहोगिनी की मांगों को पूर्ण करने में देरी की जा रही है। जिससे आम जनता स्वास्थ्य सेवाऐं नही मिलने से परेशान हो चुकी है।
हड़ताल के आज ग्यारहवे दिन आशा ऊषा और आशा सहयोगिनी संघ की जिलाध्यक्ष श्रीमति चिन्ता चौहान बताया कि हमारी जायज प्रमुख 6 मांगें जब तक पूर्ण नही होगी हम इसी तरह हड़ताल जारी रखेगें। आज के दिन सभी कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी में निधन हुए नागरिकों को दो मीनट का मौन रख श्रद्धांजली दी।

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