केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज असम के तामुलपुर में BSF के सेंट्रल

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अपनी दो दिन की असम यात्रा के पहले दिन आज तामुलपुर में सीमा सुरक्षा बल(BSF) के सेंट्रल वर्कशॉप और स्टोर (CENWOSTO) का भूमि पूजन किया। श्री अमित शाह ने केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) कैंटीन में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिश्व शर्मा, बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (Bodoland Territorial Region-BTR) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (CEM) श्री प्रमोद बोडो, केन्द्रीय गृह सचिव, बीएसएफ़ के महानिदेशक और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जब जब भी मैं बोडोलैंड आता हूँ तो यहाँ से एक नया उत्साह और ढेर सारा प्यार लेकर दिल्ली वापस जाता हूँ। उन्होंने कहा कि 7 साल पहले जब मैं पहली बार बोडोलैंड आया था तब यहाँ हमारी पार्टी की सरकार नहीं थी और यहाँ के युवा हाथ में हथियार लेकर संघर्ष कर रहे थे और हिंसा की राजनीति चल रही थी, सैकड़ों युवा मारे जा चुके थे। उस समय असम विधानसभा चुनाव के दौरान हमने वायदा किया था कि अगर हमारी पार्टी की सरकार बनती है तो हम आतंकवाद को असम से बाहर खदेड़ कर दम लेंगे। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिश्व शर्मा के अथक प्रयासों से भारत के गृह मंत्रालय ने एक-एक कर असम के सारे हथियारबंद ग्रुपों के साथ समझौता कर आज असम में शांति स्थापित करने का काम किया है। अकेले असम में हथियारबंद ग्रुपों के 9000 से अधिक लोगों ने आत्मसमर्पण करके देश की मुख्यधारा में शामिल होना पसंद किया है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण बोडोलैंड का समझौता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमने कहा था कि यह क्षेत्र गोलियों, आतंकवाद और बम धमाकों से मुक्त होगा। यहाँ शिक्षा, उद्योग, रोज़गार और खेती बाड़ी की बात आगे बढ़ाएँगे। आज हमें इस बात का बहुत संतोष है कि इतने कम समय में भारत सरकार और असम सरकार ने समझौते की 90 प्रतिशत शर्तों को पूरा कर लिया है और बोडोलैंड के साथ हमने जो वायदा किया था उसे पूरा कर दिया है। श्री शाह ने कहा कि पहले असम विधानसभा अध्यक्ष पद पर किसी बोडो युवा का बैठना संभव नहीं हुआ था लेकिन आज असम विधानसभा का अध्यक्ष बोडोलैंड से गया हमारा भाई है। पूरा असम और बोडोलैंड उन पर गर्व करता है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मैं यहाँ के लोगों को एक बार फिर आश्वस्त कराना चाहता हूँ कि बोडोलैंड की जनता सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से और अधिक सशक्त होगी। यहाँ की भाषा, संस्कृति और आर्थिक विकास केवल आपकी चिंता नहीं है बल्कि भारत सरकार और असम सरकार की चिंता का भी विषय है।

गृह मंत्री ने कहा कि जहां तक बीटीआर समझौते का सवाल है हमें 3 वर्ष की अवधि के अंदर 1500 करोड़ रुपए बीटीआर के विकास के लिए देने थे, आज पूरा विशेष पैकेज मंजूर कर असम सरकार और भारत सरकार ने 1500 करोड़ की जगह 1980 करोड़ रुपए देने का काम किया है और हमने इसमें संस्थागत विकास को प्राथमिकता दी है। 500 करोड़ रुपए का डीपीआर भारत सरकार के पास विचाराधीन है और बहुत ही कम समय के अंदर हम इसको मंजूरी दे देंगे। श्री शाह ने कहा कि मैं आज बोडोलंड के लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मोदी जी के नेतृत्व में जो सरकार चल रही है वह बोड़ो क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध है। यह सरकार बोड़ो क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, भाषा, संगीत और नृत्य के संरक्षण और संवर्धन तथा इस क्षेत्र के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए भी कटिबद्ध है।

श्री अमित शाह ने कहा कि यहां केंद्रीय कर्मशाला और स्टोर की स्थापना से केंद्रीय सशस्त्र बलों के हथियारों की मरम्मत और आपूर्ति का काम असम से ही होगा, जिससे असम की सुरक्षा और अधिक सुनिश्चित होगी। इससे यहाँ करीब 50 करोड़ रुपए का निवेश होने वाला है। दक्षिण बंगाल, उत्तर बंगाल, गुवाहाटी, शिलांग, मणिपुर, कछार और त्रिपुरा फ्रंटियर को यहीं से शस्त्र और गोला बारूद की आपूर्ति होगी और उनकी मरम्मत करने का काम भी यहीं होगा। इससे लगभग 25 करोड़ रुपए की बचत के साथ यहां रोजगारी भी बढ़ेगी। इसके साथ-साथ खादी और ग्रामोद्योग आयोग के उत्पादों को 107 पैरामिलेट्री कैंटीन में उपलब्ध करवाएँगे। उन्होने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड न केवल ग्रामीण विकास के लिए काम करता है बल्कि खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का मतलब देश के हर बेरोजगार को रोजगार देने का एक प्रयास है। उन्होने कहा कि खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की गतिविधियों में ही देश की बेरोजगारी की समस्या का समाधान है और आज मुझे आनंद है कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के टर्न ओवर में करीब 250 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसका कुल टर्नओवर एक लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अगर एक लाख करोड़ रुपए का टर्नओवर करता है तो देश के करोड़ों लोगों को रोजगार मिलता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हनी मिशन के लिए हमारा यह बोडोलैंड और असम बहुत उपयुक्त क्षेत्र है। इसको ध्यान में रखते हुए खादी ग्रामोद्योग को बोडोलैंड के हर किसान को हनी मिशन के साथ जोड़कर इनकी इनकम को आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। कुम्हार सशक्तिकरण, हनी मिशन, अगरबत्ती निर्माण, कृषि आधारित प्रोसेसिंग यूनिट्स, कागज उद्योग, फुटवियर डिजाइन, लकड़ी और फर्नीचर समेत बहुत सारे क्षेत्र में बोडोलैंड बहुत उपयुक्त जगह है। अगर खादी ग्रामोद्योग बोडोलैंड को एक मिशन के तहत हाथ में लेता है तो यहां  लंबे समय से रक्तपात से परेशान हुए मेरे बोडोलैंड युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि खादी, गांधी जी द्वारा दिये गए स्वदेशी मंत्र और मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को सिद्ध करने वाला एक मंत्र है। खादी का मतलब ही शुद्धता की गारंटी है। आज मुझे बहुत आनंद है कि पैरामिलेट्री फोर्स के जवानों को सभी कैंटीन से कुछ ही समय में खड़ी ग्रामोद्योग उत्पाद मिलने लगेंगे।

इससे पहले गृह मंत्री ने असम में भारत-बांग्लादेश सीमा की मनकाचर BOP का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और बृहद एकीकृत सीमा प्रबंधन व्यवस्था (Comprehensive Integrated Border Management System) की समीक्षा की। अपने ट्वीट्स में श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए हमारे सुरक्षा बलों को आधुनिक से आधुनिक तकनीक उपलब्ध करा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों की सबसे बड़ी समस्या विकास का अभाव था जिससे वहाँ पलायन होता था। मोदी सरकार वहाँ निरंतर विकास पहुँचा रही है, जिससे पलायन में बहुत कमी आई है। उन्होंने कहा कि आज मनकाचर BOP के सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों के उत्साह व विश्वास को देखकर मन को बहुत प्रसन्नता हुई।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अपनी दो दिन की असम यात्रा के पहले दिन आज तामुलपुर में सीमा सुरक्षा बल(BSF) के सेंट्रल वर्कशॉप और स्टोर (CENWOSTO) का भूमि पूजन किया। श्री अमित शाह ने केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) कैंटीन में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिश्व शर्मा, बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (Bodoland Territorial Region-BTR) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (CEM) श्री प्रमोद बोडो, केन्द्रीय गृह सचिव, बीएसएफ़ के महानिदेशक और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जब जब भी मैं बोडोलैंड आता हूँ तो यहाँ से एक नया उत्साह और ढेर सारा प्यार लेकर दिल्ली वापस जाता हूँ। उन्होंने कहा कि 7 साल पहले जब मैं पहली बार बोडोलैंड आया था तब यहाँ हमारी पार्टी की सरकार नहीं थी और यहाँ के युवा हाथ में हथियार लेकर संघर्ष कर रहे थे और हिंसा की राजनीति चल रही थी, सैकड़ों युवा मारे जा चुके थे। उस समय असम विधानसभा चुनाव के दौरान हमने वायदा किया था कि अगर हमारी पार्टी की सरकार बनती है तो हम आतंकवाद को असम से बाहर खदेड़ कर दम लेंगे। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिश्व शर्मा के अथक प्रयासों से भारत के गृह मंत्रालय ने एक-एक कर असम के सारे हथियारबंद ग्रुपों के साथ समझौता कर आज असम में शांति स्थापित करने का काम किया है। अकेले असम में हथियारबंद ग्रुपों के 9000 से अधिक लोगों ने आत्मसमर्पण करके देश की मुख्यधारा में शामिल होना पसंद किया है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण बोडोलैंड का समझौता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमने कहा था कि यह क्षेत्र गोलियों, आतंकवाद और बम धमाकों से मुक्त होगा। यहाँ शिक्षा, उद्योग, रोज़गार और खेती बाड़ी की बात आगे बढ़ाएँगे। आज हमें इस बात का बहुत संतोष है कि इतने कम समय में भारत सरकार और असम सरकार ने समझौते की 90 प्रतिशत शर्तों को पूरा कर लिया है और बोडोलैंड के साथ हमने जो वायदा किया था उसे पूरा कर दिया है। श्री शाह ने कहा कि पहले असम विधानसभा अध्यक्ष पद पर किसी बोडो युवा का बैठना संभव नहीं हुआ था लेकिन आज असम विधानसभा का अध्यक्ष बोडोलैंड से गया हमारा भाई है। पूरा असम और बोडोलैंड उन पर गर्व करता है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मैं यहाँ के लोगों को एक बार फिर आश्वस्त कराना चाहता हूँ कि बोडोलैंड की जनता सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से और अधिक सशक्त होगी। यहाँ की भाषा, संस्कृति और आर्थिक विकास केवल आपकी चिंता नहीं है बल्कि भारत सरकार और असम सरकार की चिंता का भी विषय है।

गृह मंत्री ने कहा कि जहां तक बीटीआर समझौते का सवाल है हमें 3 वर्ष की अवधि के अंदर 1500 करोड़ रुपए बीटीआर के विकास के लिए देने थे, आज पूरा विशेष पैकेज मंजूर कर असम सरकार और भारत सरकार ने 1500 करोड़ की जगह 1980 करोड़ रुपए देने का काम किया है और हमने इसमें संस्थागत विकास को प्राथमिकता दी है। 500 करोड़ रुपए का डीपीआर भारत सरकार के पास विचाराधीन है और बहुत ही कम समय के अंदर हम इसको मंजूरी दे देंगे। श्री शाह ने कहा कि मैं आज बोडोलंड के लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मोदी जी के नेतृत्व में जो सरकार चल रही है वह बोड़ो क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध है। यह सरकार बोड़ो क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, भाषा, संगीत और नृत्य के संरक्षण और संवर्धन तथा इस क्षेत्र के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए भी कटिबद्ध है।

श्री अमित शाह ने कहा कि यहां केंद्रीय कर्मशाला और स्टोर की स्थापना से केंद्रीय सशस्त्र बलों के हथियारों की मरम्मत और आपूर्ति का काम असम से ही होगा, जिससे असम की सुरक्षा और अधिक सुनिश्चित होगी। इससे यहाँ करीब 50 करोड़ रुपए का निवेश होने वाला है। दक्षिण बंगाल, उत्तर बंगाल, गुवाहाटी, शिलांग, मणिपुर, कछार और त्रिपुरा फ्रंटियर को यहीं से शस्त्र और गोला बारूद की आपूर्ति होगी और उनकी मरम्मत करने का काम भी यहीं होगा। इससे लगभग 25 करोड़ रुपए की बचत के साथ यहां रोजगारी भी बढ़ेगी। इसके साथ-साथ खादी और ग्रामोद्योग आयोग के उत्पादों को 107 पैरामिलेट्री कैंटीन में उपलब्ध करवाएँगे। उन्होने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड न केवल ग्रामीण विकास के लिए काम करता है बल्कि खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का मतलब देश के हर बेरोजगार को रोजगार देने का एक प्रयास है। उन्होने कहा कि खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की गतिविधियों में ही देश की बेरोजगारी की समस्या का समाधान है और आज मुझे आनंद है कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के टर्न ओवर में करीब 250 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसका कुल टर्नओवर एक लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अगर एक लाख करोड़ रुपए का टर्नओवर करता है तो देश के करोड़ों लोगों को रोजगार मिलता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हनी मिशन के लिए हमारा यह बोडोलैंड और असम बहुत उपयुक्त क्षेत्र है। इसको ध्यान में रखते हुए खादी ग्रामोद्योग को बोडोलैंड के हर किसान को हनी मिशन के साथ जोड़कर इनकी इनकम को आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। कुम्हार सशक्तिकरण, हनी मिशन, अगरबत्ती निर्माण, कृषि आधारित प्रोसेसिंग यूनिट्स, कागज उद्योग, फुटवियर डिजाइन, लकड़ी और फर्नीचर समेत बहुत सारे क्षेत्र में बोडोलैंड बहुत उपयुक्त जगह है। अगर खादी ग्रामोद्योग बोडोलैंड को एक मिशन के तहत हाथ में लेता है तो यहां  लंबे समय से रक्तपात से परेशान हुए मेरे बोडोलैंड युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि खादी, गांधी जी द्वारा दिये गए स्वदेशी मंत्र और मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को सिद्ध करने वाला एक मंत्र है। खादी का मतलब ही शुद्धता की गारंटी है। आज मुझे बहुत आनंद है कि पैरामिलेट्री फोर्स के जवानों को सभी कैंटीन से कुछ ही समय में खड़ी ग्रामोद्योग उत्पाद मिलने लगेंगे।

इससे पहले गृह मंत्री ने असम में भारत-बांग्लादेश सीमा की मनकाचर BOP का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और बृहद एकीकृत सीमा प्रबंधन व्यवस्था (Comprehensive Integrated Border Management System) की समीक्षा की। अपने ट्वीट्स में श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए हमारे सुरक्षा बलों को आधुनिक से आधुनिक तकनीक उपलब्ध करा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों की सबसे बड़ी समस्या विकास का अभाव था जिससे वहाँ पलायन होता था। मोदी सरकार वहाँ निरंतर विकास पहुँचा रही है, जिससे पलायन में बहुत कमी आई है। उन्होंने कहा कि आज मनकाचर BOP के सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों के उत्साह व विश्वास को देखकर मन को बहुत प्रसन्नता हुई।

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