शिक्षा के साथ रोजगार भी जरूरी – मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री ने की पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा की

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग की बेहतरी के लिये सतत रूप से काम कर रही है। इसके लिये कई कल्याणकारी योजनाएँ लागू की गई हैं, जिनके सुपरिणाम भी देखने में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शिक्षा को रोजगार-मूलक बनाने की दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं। साथ ही रोजगार-मूलक प्रशिक्षण की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार-मूलक प्रशिक्षण के लिये केन्द्र सरकार से बड़ी राशि लाने की पहल की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि अल्पसंख्यक वर्ग के लिये आवंटित राशि का सदुपयोग सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उक्त निर्देश दिये। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग (स्वतंत्र प्रभार), पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री रामखेलावन पटेल, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि पिछड़ा वर्ग प्री-मेट्रिक एवं पोस्ट-मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2020-21 में 8 लाख 39 हजार विद्यार्थियों को 515 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति स्वीकृत कर वितरित की गई है। अल्पसंख्यक प्री-मेट्रिक एवं पोस्ट-मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में कुल एक लाख 35 हजार 807 विद्यार्थियों को 50 करोड़ 32 लाख की छात्रवृत्ति स्वीकृति की गई। अल्पसंख्यक मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति योजना के तहत भारत सरकार ने वर्ष 2020-21 के दौरान 2 हजार 204 अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के आवेदन स्वीकृत किये गये और 6 करोड़ 31 लाख की राशि स्वीकृत की गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि प्री एवं पोस्ट-मेट्रिक लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि इस वर्ग के कल्याण के लिये दी गई राशि का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आवश्यकतानुसार केन्द्र से उक्त वर्ग के लिये पर्याप्त राशि प्राप्त की जा सकती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लोहापीटा तथा इस तरह के अन्य वर्गों के कौशल को उन्नत करने के लिये बढ़ावा दिया जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि जनजातीय ‍दिवस पर की गई घोषणाओं को शीघ्र अमल में लाया जाये। उन्होंने अधिकारियों को पाबंद किया कि विमुक्त जाति के लोगों की संस्कृति जैसे कला और नृत्य आदि को संरक्षण देने के लिये जिम्मेदारी से कार्य हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिये युवाओं को प्रोत्साहित करें। उन्होंने प्री एवं पोस्ट-मेट्रिक लंबित छात्रवृत्ति के भुगतान के लिये अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ वर्ग के लोगों के लिये उपलब्ध राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिये तत्काल कदम उठाये जायें। इस संबंध में उन्होंने ब्यौरा भी तलब किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिये और उनकी जिंदगी सुधारने के लिये वरिष्ठ अधिकारी पहल करें।

मंत्री श्री रामखेलावन पटेल ने पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण तथा घुमक्कड़ और अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति के लिये संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की उपलब्धियाँ बताईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के निर्देशानुसार इन वर्गों को प्रगति-पथ पर अग्रसर करने के लिये कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेंगे।

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