पोहरी क्षेत्र के जंगलो में अज्ञात भैंस चोर गिरोह सक्रिय,एक सप्ताह में 40 भैंस चोरी होने खबर

बी.एल शाक्य, ब्यूरो चीफ

बैराड़। पोहरी विधानसभा क्षेत्र के जंगलों में पिछले एक माह से भैंस चोर गिरोह अपनी आमद दर्ज कराए हुए हैं। इस गिरोह के द्वारा अभी तक अलग-अलग थाना क्षेत्रों के जंगलों से 20 लाख से अधिक कीमत की 40 भैंसों को हांककर ले जाने में सफल रहे हैं।
भैंस चोर गिरोह की सक्रियता से पशु पालकों में हडक़ंप मचा हुआ हैं वहीं पुलिस प्रशासन शिकायतों के बाद भी गिरोह के खिलाफ जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन चलाने में कोई दिल चस्पी नहीं दिखा रहा हैं। यहां तक की संबंधित थाना पुलिस भैंस चोरी की एफआईआर दर्ज न करते हुए आवेदन लेकर पशुपालकों को वहां रवाना कर देते हैं।

पोहरी विधानसभा क्षेत्र के थाना गोपालपुर, गोवर्धन, बैराड़ के जंगलों में अज्ञात पशु चोर गिरोह पिछले एक माह से अपनी सक्रियता दिखा रहा हैं। 15 दिन में इस गिरोह द्वारा इन तीनों थाना क्षेत्रों के जंगलों से 20 लाख रूपए से अधिक कीमत की 50 भैंसों को हांक कर ले जाने में सफल हो गए। पशुपालकों की शिकायत के बाद इन थाना क्षेत्रों की पुलिस प्रशासन द्वारा अज्ञात चोर गिरोह के खिलाफ बड़ा सर्च ऑपरेशन न चलाने के कारण गिरोह के हौंसले बुलंद हैं।

सूत्रों से मिली खबर के अनुसार गोपालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डेंडरी के पशुपालकों की 22 भैंसों को गांव से महज दो कि.मी. की दूरी पर स्थित जंगल से प्रात: लगभग 10 बजे अज्ञात पशु चोर गिरोह हांक कर ले गया। भैंसों की चोरी होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने गोपालपुर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस प्रशासन ने महज सर्च ऑपरेशन के नाम पर खाना पूर्ति करते हुए ग्रामीणों से आवेदन लेकर वहां से रवाना कर दिया। बताया गया है कि चोरी गई 22 भैंसों की कीमत लगभग 11 लाख रूपए से अधिक हैं। जिन लोगों की भैंसे चोरी गई है वह निहायती गरीब और मजदूर लोग हैं। वमुशिकल अपने परिवार का भरण पोषण करने में लगे हैं।
जिनमें ग्राम डेंडरी के केदार यादव की सात भैंसे, चरणू आदिवासी की दो भैंसें, विष्णु प्रजापति की दो भैंसें, विष्णु शर्मा की तीन भैंसें, दिनेश शर्मा की दो भैंसें सहित अन्य लोगों की भैंसे शामिल हैं। यहां के लोगों का कहना हैं कि भैंस चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने गोपालपुर थाना पहुंचे थे। इन लोगों से पुलिस द्वारा बाद में एफआईआर दर्ज करने की बात कहते हुए उन्हें वहां से रवाना कर दिया।
इसी प्रकार गोवर्धन थाना क्षेत्र की सीमा से सटे गिलाई के जंगल से सुमैढ़ वैचाई गांव के लोगों की 18 भैंसों को अज्ञात चोर चुरा ले गए। हालांकि इस जंगल की सीमा गसमानी थाने के अंतर्गत आती हैं वहीं बैराड़ थाना क्षेत्र के नए गांव से भी भैंसें चोरी गई थी जिन्हें ग्रामीणों ने चोर गिरोह के चंगुल से अपने बल बुते पर छुड़ा लिया गया।
वहीं हुसैनपुर के पास भी रात्रि के समय अज्ञात चोर भैंसों को ट्रक में लाद रहा था तभी सूचना पाकर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने घटना स्थल पर पहुंचकर गिरोह को खदेड़ कर अपनी भैंसों को मुक्त करा लिया। जंगलों में चोर गिरोह की सक्रियता से पशु पालकों में भय का माहौल बना हुआ हैं। यदि पुलिस प्रशासन इस गिरोह के खिलाफ शीघ्र सर्चिंग अभियान नहीं चलाती तो इनके हौंसले और बुलंद होते जाएगे।
इनका कहना हैं।गोपालपुर थाना प्रभारी अनुप मिश्रा ने कहा कि डेंडरी के पशुपालकों द्वारा भैंसें चोरी होने की सूचना उन्हें दी गई थी जिस पर से तत्काल स्वयं और पुलिस के जवानों को लेकर जंगल में खोजने के लिए जंगलों में सर्चिंग की जा रही हैं साथ ही मुखबिरों द्वारा बताए गए स्थानों पर दविश दी जा रही हैं। उन्हें उम्मीद हैं कि वे शीघ्र ही भैंसों को खोजने में सफल होंगे। 

ूत्रों से मिली खबर के अनुसार गोपालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डेंडरी के पशुपालकों की 22 भैंसों को गांव से महज दो कि.मी. की दूरी पर स्थित जंगल से प्रात: लगभग 10 बजे अज्ञात पशु चोर गिरोह हांक कर ले गया। भैंसों की चोरी होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने गोपालपुर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस प्रशासन ने महज सर्च ऑपरेशन के नाम पर खाना पूर्ति करते हुए ग्रामीणों से आवेदन लेकर वहां से रवाना कर दिया। बताया गया है कि चोरी गई 22 भैंसों की कीमत लगभग 11 लाख रूपए से अधिक हैं। जिन लोगों की भैंसे चोरी गई है वह निहायती गरीब और मजदूर लोग हैं। वमुशिकल अपने परिवार का भरण पोषण करने में लगे हैं।
जिनमें ग्राम डेंडरी के केदार यादव की सात भैंसे, चरणू आदिवासी की दो भैंसें, विष्णु प्रजापति की दो भैंसें, विष्णु शर्मा की तीन भैंसें, दिनेश शर्मा की दो भैंसें सहित अन्य लोगों की भैंसे शामिल हैं। यहां के लोगों का कहना हैं कि भैंस चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने गोपालपुर थाना पहुंचे थे। इन लोगों से पुलिस द्वारा बाद में एफआईआर दर्ज करने की बात कहते हुए उन्हें वहां से रवाना कर दिया।
इसी प्रकार गोवर्धन थाना क्षेत्र की सीमा से सटे गिलाई के जंगल से सुमैढ़ वैचाई गांव के लोगों की 18 भैंसों को अज्ञात चोर चुरा ले गए। हालांकि इस जंगल की सीमा गसमानी थाने के अंतर्गत आती हैं वहीं बैराड़ थाना क्षेत्र के नए गांव से भी भैंसें चोरी गई थी जिन्हें ग्रामीणों ने चोर गिरोह के चंगुल से अपने बल बुते पर छुड़ा लिया गया।
वहीं हुसैनपुर के पास भी रात्रि के समय अज्ञात चोर भैंसों को ट्रक में लाद रहा था तभी सूचना पाकर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने घटना स्थल पर पहुंचकर गिरोह को खदेड़ कर अपनी भैंसों को मुक्त करा लिया। जंगलों में चोर गिरोह की सक्रियता से पशु पालकों में भय का माहौल बना हुआ हैं। यदि पुलिस प्रशासन इस गिरोह के खिलाफ शीघ्र सर्चिंग अभियान नहीं चलाती तो इनके हौंसले और बुलंद होते जाएगे।
इनका कहना हैं।गोपालपुर थाना प्रभारी अनुप मिश्रा ने कहा कि डेंडरी के पशुपालकों द्वारा भैंसें चोरी होने की सूचना उन्हें दी गई थी जिस पर से तत्काल स्वयं और पुलिस के जवानों को लेकर जंगल में खोजने के लिए जंगलों में सर्चिंग की जा रही हैं साथ ही मुखबिरों द्वारा बताए गए स्थानों पर दविश दी जा रही हैं। उन्हें उम्मीद हैं कि वे शीघ्र ही भैंसों को खोजने में सफल होंगे। 

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