दो घरों को जोड़ती हैं बेटियां- पंडित भट्ट, भागवत कथा के पांचवे दिन श्रीकृष्ण ने फोड़ी मटकी

सुसनेर। आज हर व्यक्ति को बेटा चाहिए चाहे वह बेटा वृद्धावस्था में आपको संभालेगा या नहीं यह किसी को नहीं पता बेटे की चाह रखने वाले लोग बेटियों को गर्भ में ही नष्ट कर देते हो यह नहीं सोचते कि जो गर्भ में है वह भी एक जीव है आपका बेटा कल आपके घर को दो टुकड़ों में बांट देगा लेकिन बेटियां एक घर नहीं दो घर को जोड़ देती है दो फूलों को तार देती है बेटियां क्यों नहीं मिलती जिस प्रकार से बहुत जन्मों के पुण्य का उदय होता है तब भागवत सुनने को मिलती है उसी प्रकार से बहुत जन्मों के कर्म हो तब बेटी प्राप्त होती है यह बात नगर के सत्यनारायण गली स्थित धर्मशाला में चल रही भागवत कथा के पांचवे दिन मंगलवार को पंडित ब्रह्मप्रकाश भट्ट ने कही।

कथा में श्रीकृष्ण ने माखन से भरी मटकी फोड़ी कथा के विश्राम पर भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह कांवल, जिला महामंत्री डॉ गजेंद्रसिंह चंद्रावत, भाजपा मण्डल उपाध्यक्ष दिलीप जैन, सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु भावसार, भाजपा मंडल महामंत्री पवन शर्मा, कमल गर्ग, राणा प्रथमपालसिंह, मोहन कानूड़िया, सीताराम परमार, सुरेश गोहाटिया, पीरूलाल गोहाटिया, नारायणसिंह परमार, सौरभ जैन, राजेन्द्र राठी के द्वारा आरती कर प्रसादी का वितरण किया गया। सभी ने कथावाचक पंडित ब्रम्हप्रकाश भट्ट का साफा बांधकर स्वागत भी किया। संचालन मुकेश जगताप ने किया।

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