भौंरा ग्राम पंचायत की ‘स्‍वच्‍छता’ के लिए अनूठी पहल, लोगों की मदद से किया ये काम

बैतूल जिले (Betul District) की भौंरा ग्राम पंचायत (Bhanura Gram Panchayat) ने अपने गांव को स्वच्छ बनाने के लिए एक अनूठी पहल की है,जो पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल है. पंचायत ने लोगों की सहायता से दो कचरा वाहन खरीदे हैं.

दीपा ghogharkar संवाददाता

बैतूल. इस वक्‍त पूरे देश में स्‍वच्‍छ भारत अभियान (Swachh Bharat Mission) का जोर दिखाई दे रहा है. जबकि मध्‍य प्रदेश के बैतूल जिले (Betul District) की भौंरा ग्राम पंचायत (Bhanura Gram Panchayat) ने अपने गांव को स्वच्छ बनाने के लिए एक अनूठी पहल की है जो पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल है. जी हां, ग्राम पंचायत ने बिना किसी सरकारी या एनजीओ (NGO) की मदद के ही 13 लाख के दो कचरा वाहन खरीद लिए हैं, जो कि कचरा ढुलाई में काम आएंगे. मजेदार बात येहै कि इन दो वाहनों के लिए पूरे गांव ने अपना योगदान दिया. अब गांव का जैविक-अजैविक कचरा अलग-अलग तरह से प्रबंधन किया जा सकेगा. आपको बता दें कि बैतूल में 77 ग्राम पंचायत हैं, लेकिन भौंरा कचरा वाहन इस्‍तेमाल करने वाली पंचायत है.

यूं मिली अभियान को सफलता

दरअसल, जब पंचायत ने गांव को साफ सुथरा बनाने का लक्ष्य बनाया तो इसमें सबसे बड़ी बाधा थी कचरा वाहन नहीं होना. आपको बता दें कि मध्‍य प्रदेश में अब तक ग्राम पंचायतों को कचरा वाहन देने की कोई योजना नहीं है, जिसके चलते यहां जैविक-अजैविक कचरे का प्रबंधन नहीं हो पाता है. खैर, ग्राम पंचायत भौंरा ने इसके लिए अपने स्तर पर प्रयास शुरू किए. गांव के लोगों से मदद मांगी और उन्हें समझाया, तो धीरे-धीरे ही सही पंचायत के पास लगभग 13 लाख रुपये जमा हो गए. अब इससे दो कचरा वाहन खरीदे गए हैं.

ग्राम पंचायत का ये है लक्ष्‍य

यही नहीं, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि और आम नागरिक गांव को ओडीएफ करवाने के लिए बिना सरकारी मदद के आगे बढ़ना चाहते हैं. भागवती तुमराम इसके सरपंच हैं, तो राजेश नायक ग्राम पंचायत भौरा के उपसरपंच हैं.

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