DG NEWS

मास्क नहीं लगाने वालों के विरुद्ध सख्ती से करें चालान की कार्रवाई – प्रभारी मंत्री श्री Bhuppendra Siingh

भोपाल जिला क्राइसिस मैनेजमेंट समिति की बैठक सम्पन्न नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा भोपाल जिले केप्रभारी मंत्री श्री भूपेंद्र…

Read More

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने आज जीवन सार्थक फाउंडेशन के सदस्यों के साथ स्मार्ट उद्यान में पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री…

Read More

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में भाई उद्धव दास मेहता स्मृति न्यास द्वारा प्रकाशित स्मारिका…

Read More

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan को India Today के सीनियर एसोसिएट एडिटर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ श्री राहुल नरोन्हा ने आज इंडिया टुडे समूह की ओर से इंडिया टुडे स्टेट ऑफ द स्टेट कॉन्क्लेव 2021

उल्लेखनीय है कि इंडिया टुडे द्वारा प्रतिवर्ष राज्यों को कृषि क्षेत्र में 2 कैटेगरी में पुरस्कृत किया जाता है। यह…

Read More

संरक्षित वन क्षेत्रों से ग्रामों के पुनर्वास के लिए अब प्रति परिवार मुआवजा 10 से बढ़ाकर 15 लाख हुआ
मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राष्ट्रीय उद्यानों/अभयारण्यों (संरक्षित क्षेत्रों) एवं टाईगर रिजर्व…

Read More

कोविड-19 अपडेट

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 123.25 करोड़ खुराकें लगाई गईं। रिकवरी दर मौजूदा समय 98.35 प्रतिशत…

Read More

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 वैक्सीन की उपलब्धता पर अपडेट


राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की 137 करोड़ से अधिक खुराकें उपलब्ध कराई गईं

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास वैक्सीन की 22.70 करोड़ से अधिक अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें मौजूद
केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया दौर 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क प्रदान करेगी।

वैक्सीन की खुराक



(30 नवंबर, 2021 तक)



अब तक हुई आपूर्ति



1,37,71,08,100



अतिरिक्त खुराकें उपलब्ध





22,70,98,006



केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक वैक्सीन की 137 करोड़ से अधिक (1,37,71,08,100) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सरकारी स्रोत (नि:शुल्क) और राज्यों द्वारा सीधी खरीद प्रक्रिया के जरिये प्रदान की गई हैं।

राज्यों के पास वैक्सीन की 22.70 करोड़ से अधिक (22,70,98,006) अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें मौजूद हैं, जिन्हें लगाया जाना है।

***

एमजी/एएम/एकेपी/एसएस

Release Id :-1776346

भारत में कोविड-19 टीकाकरण का समग्र कवरेज 123.25 करोड़ के पार


पिछले 24 घंटों में 78.80 लाख से अधिक खुराकें लगाई गईं

मौजूदा रिकवरी दर इस समय 98.35 प्रतिशत है

पिछले 24 घंटों में 6,990 दैनिक नये मामले दर्ज

भारत का सक्रिय केसलोड 1,00,543 है

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर (0.84 प्रतिशत) पिछले 16 दिनों से एक प्रतिशत से कम पर

पिछले 24 घंटों के दौरान टीके की 78,80,545 खुराकें लगाने के साथआज सात बजे सुबह तक की अनन्तिम रिपोर्ट के…

Read More

प्रधानमंत्री तीन दिसंबर को ‘इनफिनिटी-फोरम’ का उद्घाटन करेंगे


फोरम ‘बियॉन्ड’ विषय पर ध्यान केंद्रित करेगा; ‘फिन-टेक बियॉन्ड बाऊंड्रीज’, ‘फिन-टेक बियॉन्ड फाइनेन्स’ और ‘फिन-टेक बियॉन्ड नेक्सट’ जैसे उप-विषय शामिल होंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तीन दिसंबर, 2021 को सुबह 10 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इनफिनिटी फोरम का उद्घाटन…

Read More

किसानों को अब नाबार्ड से मिलेगा ज्यादा ऋण

कृषि क्षेत्र में उद्यमिता को सर्वोच्च प्राथमिकता—एमएसएमई, निर्यात, आवास, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र प्राथमिकताओं में अव्वलआत्म-निर्भर मध्यप्रदेश बनाने में नाबार्ड की…

Read More

कोविड-19 अपडेट

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 118.44 करोड़ कोविड रोधी टीके लगाए जा चुके हैं स्वस्थ होने की दर वर्तमान…

Read More

कोविड-19 अपडेट

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 116.87 करोड़ कोविड रोधी टीके लगाए जा चुके हैं

स्वस्थ होने की दर वर्तमान में 98.31 प्रतिशत। मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक

पिछले 24 घंटों के दौरान 12,510 रोगी स्वस्थ हुए, देश भर में अभी तक कुल 3,39,34,547 मरीज स्वस्थ हुए

बीते चौबीस घंटे के दौरान 8,488 नए मामले सामने आए,538 दिनों में सबसे कम मामले

भारत में वर्तमान में 1,18,443 सक्रिय मामले हैं,534 दिनों में सबसे कम

सक्रिय मामले कुल मामलों के 1 प्रतिशत से कम हैं,वर्तमान में 0.34 प्रतिशत,मार्च 2020 के बाद से सबसे कम

दैनिक पॉजिटिविटी दर 1.08 प्रतिशत है,पिछले 49 दिनों से 2 प्रतिशत से कम

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर वर्तमान में 0.93 प्रतिशत है; पिछले 59 दिनों से 2 प्रतिशत से कम है

अभी तक कुल 63.25 करोड़ जांचें की जा चुकी हैं

***

एमजी/एएम/एजे



Release Id :-1773869

Ministry of Information & Broadcasting

“द स्पेल ऑफ पर्पल” महिलाओं के हौसले का जश्न मनाती है : निर्देशक प्राची बजानियाफ़िल्म “द स्पेल ऑफ पर्पल” महिलाओं के हौसले का जश्न मनाती है, लेकिन ये उस थकान की बात भी करती है जो पितृसत्ता से लगातार संघर्ष करने के बाद उनमें आ जाती है। इस फ़िल्म की निर्देशक प्राची बजानिया ने कहा कि हमारे यहां हजारों महिलाओं की संपत्ति हड़पने के लिए या उन्हें परेशान करने के लिए उन पर डायन का लेबल लगा दिया जाता है और ये फ़िल्म आदिवासी गुजरात में एक छोटे से क्षेत्र में पितृसत्ता की ताकतों के खिलाफ इन्हीं महिलाओं की लड़ाई की कहानी कहती है। वे आज गोवा में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (इफ्फी-52) में एक प्रेस वार्ता में बोल रही थीं और उनके साथ फ़िल्म के सिनेमैटोग्राफर राजेश अमारा राजन भी मौजूद थे।



इस फ़िल्म का विचार निर्देशक को तब आया जब वे अंबी दुमाला के जंगलों में से यात्रा कर रही थीं। अंबी दुमाला के इन जंगलों में उन्होंने जो 10 सेकंड का एक लोक गीत सुना, उसके स्रोत की खोज फ़िल्म “द स्पेल ऑफ पर्पल” के निर्माण पर आकर रुकी।





इस फ़िल्म के शीर्षक के पीछे की प्रेरणा पर बात करते हुए निर्देशक प्राची ने कहा कि बैंगनी रंग जादू और रहस्यवाद से जुड़ा है। प्राची इस रंग का इस्तेमाल इस विषय की थीम पर बात करने के लिए और साथ ही ये दिखाने के लिए करना चाहती थी कि महिलाएं इन मुश्किलों के बावजूद अब भी खिल रही हैं।

प्राची ने कहा कि महिलाओं को चुड़ैल या डायनों के रूप में लेबल करने की कई कोशिशें उनकी संपत्ति हथियाने या उनका यौन उत्पीड़न करने के इरादे से की जाती हैं।उन्होंने कहा, “ये फ़िल्म हौसले का जश्न मनाती है, लेकिन उस थकावट के बारे में भी बात करती है जो लगातार उत्पीड़न का सामना करते हुए उनमें आ जाती है। ये फ़िल्म संदेश देती है कि प्यार करने में ही आज़ादी छुपी है।”

गुजराती में इस फ़िल्म का मूल शीर्षक “खिलशे तो खरा” (वे तो खिलेंगी) है, जो ये दर्शाता है कि समाज में तमाम बाधाओं और बुरी ताकतों के बावजूद महिलाएं खिलेंगी।

निर्देशक प्राची ने कहा कि गुजराती सिनेमा को पहले सिर्फ ग्रामीण केंद्रों में ही दिखाया जाता था, लेकिन अब 2012-13 के बाद से शहरी केंद्रों में भी इनका प्रदर्शन होने लगा है और वे धीरे-धीरे वहां लोकप्रिय भी हो रही हैं।

फ़िल्म के डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी राजेश अमारा राजन ने बताया कि उन्होंने अपने लेंस के जरिए दृश्यरतिक निगाह यानी वॉयेरिस्टिक गेज़ के लिए पुरुष की वृत्ति को कैप्चर करने की कोशिश की जैसा कि फ़िल्म में चित्रित किया गया है।

सृजना अदुसुमल्ली (एडिटर), जिक्कू जोशी (साउंड डिज़ाइनर) और शिखा बिष्ट (प्रोडक्शन डिज़ाइनर) ने भी मीडिया से बातचीत की।

इफ्फी-52 में भारतीय पैनोरमा के गैर-फीचर फ़िल्म खंड में दिखाई गई ये फ़िल्म एफटीआईआई, पुणे में उनके प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में बनाई गई स्नातक फ़िल्म थी।फ़िल्म “द स्पेल ऑफ पर्पल” के बारे में

आदिवासी गुजरात में एक छोटे से खेत की मालकिन इनास ईर्ष्यालु पड़ोसियों के निशाने पर है जो उसे ‘चुड़ैल’ कहते हैं। वो डर से घिरी हुई है और अन्य महिलाओं में ताकत ढूंढती है। ये अन्य महिलाएं हैं अकेलेपन से जूझ रही एक नई नवेली मां और एक युवा विवाहित महिला जो अपने जीवन की उथल-पुथल का सामना करने को मजबूर होती है। ये महुआ का जंगल उनकी गुप्त बातचीत का मूक गवाह बनता है, जो कभी-कभी प्राचीन लोक गीतों के जरिए बात करती हैं। ये फ़िल्म उस गहरे तक बैठी थकान को भी दिखाने की कोशिश करती है जो अक्सर ऐसी महिलाओं के रोज़मर्रा के साहस के पीछे होती है।



निर्देशक: प्राची बजानिया

निर्माता: एफटीआईआई/भूपेंद्र कैंथोला

पटकथा: प्राची बजानिया

डीओपी: राजेश अमारा राजन

संपादक: सृजना

कलाकारः स्वाति दास, श्रद्धा कौल, विदिशा पुरोहित





केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से मणिपुर में रानी गैदिनलिउ आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का भूमि पूजन किया

Posted Date:- Nov 22, 2021
रानी माँ गैदिनलिउ के नाम पर बन रहे इस संग्रहालय के माध्यम से सैकड़ों सालों तक हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का जज़्बा, देशभक्ति और उनके कार्यों की सुगंध आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगी



हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा जी की जन्म जयंती के दिन हर वर्ष 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाकर देश की संस्कृति की रक्षा स्वतंत्रता के लिए आदिवासी समाज के योगदान को गौरव प्रदान करने का काम किया है



आज़ादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में हम 15 से 22 नवंबर तक पूरा सप्ताह आदिवासी गौरव सप्ताह के रूप में मना रहे हैं



प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार देश के जनजातीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है

चाहे एकलव्य स्कूल हों, जंगल उत्पादों को एमएसपी पर खरीदना हो, कई प्रकार के जनजातीय विकास के कार्य नरेन्द्र मोदी सरकार ने किए हैं





प्रधानमंत्री जी की अमृत महोत्सव की कल्पना के पीछे तीन उद्देश्य देश की जनता के सामने रखे हैं



आजादी के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान देने वाले और संघर्ष करने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का मौका है क्योंकि आज मोदी जी के नेतृत्व में देश जहां दुनिया में गौरव के साथ खड़ा है, उनका बलिदान इसकी नींव में है



हमारा जीवन देश के विकास में लगे, देश को गौरव दिलाने में लगे और देश को आगे बढ़ाने में लगे इसलिए आजादी के अमृत महोत्सव को मनाने की जरूरत है



75 से 100 साल को प्रधानमंत्री जी ने आजादी का अमृत काल के रूप में मनाने का निर्णय किया है, आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर भारत कैसा होगा, कहां खड़ा होगा, भारत विश्व के प्रमुख देशों में अपनी जगह बना लेगा, इस आत्मविश्वास के साथ देश की जनता को संकल्प लेना है और यह संकल्प लेने के लिए यह अमृत काल है



मणिपुर के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने प्रदेश में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़कर अपने देश का परचम ऊंचा करने का काम किया



आजादी के आंदोलन में मणिपुर के महाराजा श्री कुलचंद्र सिंह जी ने अपने साहस व पराक्रम से पूर्वोत्तर में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई की शुरूआत की जिसके लिए उन्हें काला पानी की सजा भी हुई



उनकी स्मृति में माउंट हैरियट का नाम बदलकर माउंट मणिपुर करके महाराजा कुलचंद्र सिंह और मणिपुर के सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धाजलि जेने का काम हमने किया है



सबसे ज़्यादा तकलीफ़ें उठाकर अगर किसी ने स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान दिए हैं तो हमारे आदिवासी समाज के स्वतंत्रता सेनानियों ने दिए हैं



देश भर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय बनने से पूरे समाज को एक करने में बड़ी मदद मिलेगी क्योंकि जहां जनजातीय आबादी नहीं है वहां की जनता को मालूम ही नहीं है कि जनजातीय समाज ने देश की आजादी के लिए कितना बड़ा संघर्ष किया है और उच्चतम बलिदान दिए हैं



15 अगस्त, 2016 को माननीय प्रधानमंत्री जी ने घोषणा की थी हमारी सरकार अलग-अलग राज्यों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय बनाएगी



सरकार ने इसके लिए 195 करोड़ रूपए की राशि आवंटित की है जिसमें से 110 करोड़ रूपए की राशि जारी भी की जा चुकी है



गुजरात, झारखंड, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मणिपुर में ऐसे संग्रहालय बनने वाले हैं



15 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले मणिपुर के संग्रहालय पूरे उत्तर-पूर्व के जनजातीय क्षेत्रों में फिर से एक बार देशभक्ति की चेतना जागृत होगी



पिछले 5 साल में श्री नरेन्द्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री बिरेन सिंह जी की जोड़ी के नेतृत्व मणिपुर में बहुत समय बाद शांतिकाल आया है और आज मणिपुर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है



एक समय में मणिपुर में कई हथियारबंद समूह आतंक फैलाते थे और कई मामलों में शासन भी उनके साथ लिप्त होता था, लेकिन श्री बिरेन सिंह जी के शासन में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति में बहुत बड़ा सुधार आया है



पांच साल में श्री नरेन्द्र मोदी और श्री बिरेन सिंह जी ने जो विकास किया है उसका पलड़ा 70 साल के मणिपुर के विकास पर ज़रूर भारी होगा



मणिपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर के ढेर सारे काम हुए हैं और जो गांव पहाड़ों पर बसे हैं उनको पहली बार ऐसा अनुभव हुआ है कि कोई केंद्र सरकार और राज्य सरकार उनकी चिंता कर रही है





केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से मणिपुर में रानी गैदिनलिउ आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन बिरेन सिंह और केन्द्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री श्री अर्जुन मुंडा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।







इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि रानी माँ गैदिनलिउ आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय के भूमिपूजन का अवसर मुझे मिला है और ये एक ऐसापवित्र काम है जिसके माध्यम से सैकड़ों सालों तक हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का जज़्बा, देशभक्ति और उनके कार्यों की सुगंध आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगी। उन्होंने इस अवसर पर मणिपुर के सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री अमित शाह ने कहा कि मणिपुर के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने प्रदेश में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़कर अपने देश का परचम ऊंचा करने का काम किया। श्री शाह ने कहा कि अंडमान-निकोबार के माउंट हैरियट पर मणिपुर के महाराजा कुलचंद्र सिंह और उनके साथियों को वहां सालों तक क़ैद रखकर कालापानी की सज़ा दी गई। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में मणिपुर के महाराजा श्री कुलचंद्र सिंह जी ने अपने साहस व पराक्रम से पूर्वोत्तर में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई की शुरूआत की जिसके लिए उन्हें काला पानी की सजा भी हुई। उनकी स्मृति में माउंट हैरियट का नाम बदलकर माउंट मणिपुर करके महाराजा कुलचंद्र सिंह और मणिपुर के सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धाजलि जेने का काम हमने किया है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ये संग्रहालय ना केवल मणिपुर बल्कि पूरे उत्तरपूर्वी राज्यों के आकर्षण का केन्द्र बनेगा क्योंकि हमारा स्वतंत्रता संग्राम हमारे आदिवासी भाईयों के बिना अधूरा है। अगर देखें तो सबसे ज़्यादा तकलीफ़ें उठाकर अगर किसी ने स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान दिए हैं तो हमारे आदिवासी समाज के स्वतंत्रता सेनानियों ने दिए हैं।



केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि ये वर्ष हमारी आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष है और अभी हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा जी की जन्म जयंती के दिन हर वर्ष 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाकर देश की संस्कृति की रक्षा और देश की स्वतंत्रता के लिए आदिवासी समाज के योगदान को गौरव प्रदान करने का काम किया है। आज़ादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में हम 15 से 22 नवंबर तक पूरा सप्ताह आदिवासी गौरव सप्ताह के रूप में मना रहे हैं।श्री अमित शाह ने रानी मां को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आप से हम सभी प्रेरणा लेते हैं और आने वाली पीढ़ियां भी प्रेरणा लेंगी। आप जन्म से रानी नहीं थीं और ना रानी का खिताब आपको किसी ने दिया, मगर जिस तरह से आपने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया, आज पूरा देश आपको रानी मां कहकर सम्मानित करता है। जब सरकारें खिताब देती हैं तब कुछ साल में वह भुला दिए जाते हैं, मगर जनता जब खिताब देती हैं तो लोग उसे युगों युगों तक याद करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा तिलका मांझी, सिद्धो कानू, चांद भैरव, तेलंगा खड़िया, मध्य प्रदेश के शंकर शाह, रघुनाथ शाह, सेठ भिखारी, गणपत राय, उमराव सिंह टिकैत, विश्वनाथ सहदेव, निलांबर पितांबर, नारायण सिंह, जत्रा उरांव, जदोनांग और राज मोहन देवी जैसे कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अलग-अलग मौकों पर अंग्रेजों के दांत खट्टे करने का काम किया है। इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को कैसे भुलाया जा सकता है क्योंकि देश में सबसे पहले आजादी की अलख जगाने वाला व्यक्ति हमारा आदिवासी नेता, जिनको पूरा देश भगवान बिरसा मुंडा के नाम से जानता है, उन्होंने ये अलख जगाई थी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि इस वर्ष को हम अमृत महोत्सव वर्ष के रूप में मना रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री जी की अमृत महोत्सव की कल्पना के पीछे तीन उद्देश्य देश की जनता के सामने रखे हैं। पहला, जिन्होंने आजादी के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया और संघर्ष किया, ऐसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का मौका है क्योंकि आज मोदी जी के नेतृत्व में देश जहां दुनिया में गौरव के साथ खड़ा है, उनका बलिदान इसकी नींव में है। अगर वे उस वक्त बलिदान न देते तो आज देश को यह दिन देखने को नहीं मिलता। देश की नई पीढ़ी को जाने-अनजाने, गुमनाम, कई शहीदों और संघर्षरत स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने के लिए आजादी के अमृत महोत्सव को स्थान स्थान पर मनाने का निर्णय किया है। दूसरा लक्ष्य है, देश की नई पीढ़ी में देशभक्ति का जज्बा जगाना। हमारा जन्म ही आजादी के बाद हुआ है और आजादी के लिए मरने का मौका इस पीढ़ी और अगली पीढ़ी को नहीं मिलेगा लेकिन देश के लिए जीने का मौका हमें जरूर मिला है। हमारा जीवन देश के विकास में लगे, देश को गौरव दिलाने में लगे और देश को आगे बढ़ाने में लगे इसलिए आजादी के अमृत महोत्सव को मनाने की जरूरत है। तीसरी बात है कि 75 से 100 साल को प्रधानमंत्री जी ने आजादी का अमृत काल के रूप में मनाने का निर्णय किया है। आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर भारत कैसा होगा, कहां खड़ा होगा। भारत विश्व के प्रमुख देशों में अपनी जगह बना लेगा, इस आत्मविश्वास के साथ देश की जनता को संकल्प लेना है और यह संकल्प लेने के लिए यह अमृत काल है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि रानी मां का जन्म मणिपुर के एक गांव में हुआ और वे 13 साल की उम्र में ही जदोनांग के स्वतंत्रता आंदोलन के साथ जुड़ गईं और उनके दो साल के जुड़ाव ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ स्वतंत्रता सेनानी बनने के लिए तैयार कर दिया। रानी मां ने आंदोलन का नेतृत्व संभाला और जदोनांग की शहादत के बाद उनके करिश्माई नेतृत्व में भीषण स्‍वतंत्रता संग्राम हुआ। एक छोटी सी लड़की पूर्वोत्तर की सुदूर पहाड़ियों में रहकर विश्व के सबसे बड़े साम्राज्य को चुनौती देती है, वो उनकी ताक़त का परिचय था। आज पूरा देश उन्हें सम्मान के साथ याद करता है। प्रधानमंत्री जी ने उनके जन्मशती समारोह के अवसर पर 5 रूपए और 100 रूपए के सिक्के भी जारी किए। उन्हें पद्म भूषण भी दिया गया। भारतीय तटरक्षक बल ने 19 अक्तूबर, 2016 को हमारी गश्ती बोट को उनका नाम देकर उन्हें सम्मानित किया है।



श्री अमित शाह ने कहा कि देश भर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय बनने से पूरे समाज को एक करने में बड़ी मदद मिलेगी क्योंकि जहां जनजातीय आबादी नहीं है वहां की जनता को मालूम ही नहीं है कि जनजातीय समाज ने देश की आजादी के लिए कितना बड़ा संघर्ष किया है और उच्चतम बलिदान दिए हैं। इसीलिए 15 अगस्त, 2016 को माननीय प्रधानमंत्री जी ने घोषणा की थी हमारी सरकार अलग-अलग राज्यों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय बनाएगी जिससे आने वाली पीढ़ियां जान सकें कि हमारे आदिवासी और जनजातीय भाई बलिदान देने में हमसे भी आगे थे। सरकार ने इसके लिए 195 करोड़ रूपए की राशि आवंटित की है जिसमें से 110 करोड़ रूपए की राशि जारी भी की जा चुकी है। गुजरात, झारखंड, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मणिपुर में ऐसे संग्रहालय बनने वाले हैं। मणिपुर का संग्रहालय 15 करोड़ रूपए की बड़ी लागत से बनने वाला है और इससे पूरे उत्तर-पूर्व के जनजातीय क्षेत्रों में फिर से एक बार देशभक्ति की चेतना जागृत होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार देश के जनजातीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चाहे एकलव्य स्कूल हों, जंगल उत्पादों को एमएसपी पर खरीदना हो, कई प्रकार के जनजातीय विकास के कार्य नरेन्द्र मोदी सरकार ने किए हैं।



केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले 5 साल में श्री नरेन्द्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री बिरेन सिंह जी की जोड़ी के नेतृत्व मणिपुर में बहुत समय बाद शांतिकाल आया है और आज मणिपुर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मणिपुर में हमारी पार्टी ने किए गए सारे वादे पूरे किए हैं कि अब कोई हड़ताल, बंद और ब्लॉकेड नही होगा। एक समय में मणिपुर में कई हथियारबंद समूह आतंक फैलाते थे और कई मामलों में शासन भी उनके साथ लिप्त होता था। लेकिन श्री बिरेन सिंह जी के शासन में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति में बहुत बड़ा सुधार आया है। पांच साल में श्री नरेन्द्र मोदी और श्री बिरेन सिंह जी ने जो विकास किया है उसका पलड़ा 70 साल के मणिपुर के विकास पर ज़रूर भारी होगा। मणिपुर में कई काम हुए हैं, खेल यूनिवर्सिटी बन रही है, नया विधानसभा भवन बन कर तैयार है। मणिपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर के ढेर सारे काम हुए हैं और जो गांव पहाड़ों पर बसे हैं उनको पहली बार ऐसा अनुभव हुआ है कि कोई केंद्र सरकार और राज्य सरकार उनकी चिंता कर रही है। श्री शाह ने कहा कि सब ने इनके वोट लिए किंतु विकास की चिंता नहीं की और अब पहाड़ी गांवों में बिजली पहुंचाने का काम हुआ है। हर मणिपुरवासी को 5 लाख रूपए तक का स्वास्थ्य का खर्चा नरेन्द्र मोदी सरकार उठा रही है। सबके घर में गैस पहुंचाने का काम किया गया, शौचालय बनाने का काम हुआ, पहाड़ों पर स्कूल बनाए गए तथा कनेक्टिविटी की चिंता की गई है।

*****

एनडब्ल्यू / एवाई / आरआर / डीडीडी

Release Id :-1773970

कोविड-19 अपडेट

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 115.79 करोड़ कोविड रोधी टीके लगाए जा चुके हैं स्वस्थ होने की दर…

Read More

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 टीकों की उपलब्धता पर अपडेट


राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक 129 करोड़ से अधिक टीके उपलब्ध कराये गए हैं

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी भी 21.65 करोड़ से अधिक बची हुई और अप्रयुक्त वैक्सीन की खुराक उपलब्ध हैं

Posted Date:- Nov 20, 2021

केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण के दायरे का विस्तार करने और लोगों को टीके लगाने की गति को…

Read More

भारत में कोविड-19 टीकाकरण का कुल कवरेज 115.79 करोड़ के पार


पिछले 24 घंटों में 51.59 लाख से अधिक खुराकें लगाई गईं

मौजूदा रिकवरी दर इस समय 98.29 प्रतिशत है

पिछले 24 घंटों में 10,302 दैनिक नये मामले दर्ज

भारत में 1,24,868 सक्रिय मामले

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर (0.93) पिछले 57 दिनों से दो प्रतिशत से कम पर कायम

पिछले 24 घंटों के दौरान टीके की 51,59,931 खुराकें लगाने के साथ आज सात बजे सुबह तक की अनन्तिम रिपोर्ट…

Read More

कार्तिक पूर्णिमा की रोशनी में 28वे निमाड़ उत्सव का भव्य शुभारंभ

—श्री रामचरितमानस पर आयोजित होगी प्रतियोगिता-संस्कृति मंत्री सुश्री ठाकुर—विजेताओं को अयोध्याजी के होंगे हवाई दर्शन—संस्कृति मंत्री सुश्री ठाकुर ने शुभारम्भ…

Read More

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री नारायण राणे ने सेवा क्षेत्र के लिए ऋण से जुडी विशेष पूंजीगत अनुदान योजना (एससीएलसीएसएस) का शुभारंभ किया

पूर्वोत्तर सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम सम्मेलन के दूसरे दिन केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री नारायण राणे ने आज गुवाहाटी में सूक्ष्म,लघु…

Read More

कोविड-19 अपडेट

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 115.23 करोड़ खुराकें लगाई गईं। रिकवरी दर मौजूदा समय 98.28 प्रतिशत…

Read More

पर्यटन बोर्ड को मिला गोल्ड स्कॉच अवार्ड

महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल कार्यक्रम और ड्राइव इन वैक्सीनेशन सेंटर के लिए मिला अवार्ड—पर्यटन विभाग सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका…

Read More