अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः। अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम्‌॥ #होलिका की अग्नि में दु:ख, पीड़ा, संताप और बुराई जलकर भस्म हो। खुशहाली, आनंद, शुभत्व और मंगल के प्रकाश से हर भाई-बहन का जीवन आलोकित हो, यही कामना!

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