जो भी दे सको

जो भी दे सको
राज्य आनंद संस्थान द्वारा आयोजित आनंद सभा के 1 अध्याय की अवधारणा जो भी दे सको सीखने के बाद मुझे लगने लगा कि मैं समाज को क्या दे सकता हूं और इसी विचार के तहत में अपने आसपास संभावनाओं को तलाशने लगा ।तब मेरे घर के पास ही विद्युत का पोल याद आया, जो विगत एक या डेढ़ माह से उसकी लाइट बंद है और इसकी शिकायत कॉलोनी वालों ने कई बार संबंधित विभाग को की किंतु वह नहीं बन पाई ,तब मुझे याद आया कि क्यों ना हम ही इसमें एक लाइट की व्यवस्था कर दें ।
साथियों आज मैंने राज्य आनंद संस्थान की अवधारणा के तहत एक एलईडी लाइट का सेट नगर निगम के कर्मचारियों के सहयोग से उस पोल में लगवाया ।आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि कई महीनों बाद उस खंभे में लाइट जल पायी है । आज मुझे लगा कि इसी तरह जो संभव हो हम स्वयं को आनंदित करने के लिए कुछ प्रयास कर सकते हैं धन्यवाद राज्य आनंद संस्थान एवं धन्यवाद आनंद सभा का सत्र जो भी दे सको
आज मैं और मेरा परिवार उस लाइट को देखकर आनंदित है ।🙏🙏🙏🙏🙏🙏😊

About shivansh mishra news editor reporter katni

ब्यूरो चीफ
View all posts by shivansh mishra news editor reporter katni →

Leave a Reply