प्लेस मेन्ट एजेंसियों के कर्मचारियों का हो रहा है शोषण

नगर पालिका में प्लेसमेंट कर्मचारियों ने की नारेबाजी ठेकेदार पर लगाया आर्थिक और मानसिक शोषण का आरोप
• कर्मचारियों को ठेकेदार नहीं दे रहा कलेक्टर रेट पर वेतन
• ठेकेदार प्रजापति ने आरोपों को नकारा
• सीएमओ ने कहा पांच माह से नहीं दे रहा ठेकेदार हिसाब
• कई पार्षदों ने भी की थी ठेकेदार की षिकायत

सागर:- मकरोनिया नगर पालिका में डाटा लिंक सिस्टम एण्ड साॅफ्टवेयर के माध्यम से कार्यरर्त कर्मचारियों ने सोमवार को नगर पालिका कार्यालय के सामने ठेकेदार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की बाद में कर्मचारियों ने ठेकेदार द्वारा आर्थिक एवं मानसिक शोषण किये जाने के संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी रामचरण अहिरवार को एक ज्ञापन भी सौंपा कर्मचारियों का कहना था कि हम सभी नगर पालिका में विगत 3-4 वर्षों से विभिन्न ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत हैं और चाहे लोकसभा या विधानसभा चुनाव हों या फिर कोरोना काल में अपने कर्तव्यों का निर्वाहन ईमानदारी से काम करते हैं सितम्बर 2019 तक हम प्लेसमेंट ऐजेंसी विनायक कंम्प्यूटर के अंतर्गत कार्यरत रहे इसके बाद कुछ समय साईं सुनील प्लेसमेंट ऐजेंसी के माध्यम से भी सेवाऐं दी बाद में नई टेंडर प्रक्रिया हुई जिसमें डाटा लिंक सिस्टम एण्ड साॅफ्टवेयर ऐजेंसी द्वारा कलेक्टर दर पर जीरो प्रतिषत के सुपरवीजन चार्ज पर संतोष प्रजापति ने ठेका प्राप्त किया इसके बाद ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों का आर्थिक शोषण किया जाने लगा जिसका हम लोगों ने विरोध भी किया और तत्कालीन सीएमओ वी.एस.चैहान से षिकायत भी की जिस पर चैहान द्वारा हम सभी कर्मचारियों को आष्वासन दिया गया कि हम लोगों को कलेक्टर दर का भी भुगतान किया जायेगा लेकिन आज भी हम लोगों को ठेकेदर द्वारा कलेक्टर दर पर भुगतान नहीं किया जा रहा है जबकि टेंडर की शर्तों के अनुसार पूर्व में कार्यरत प्लेसमेंट ऐजेंसी द्वारा उपलब्ध कराये गये कर्मचारियों को कलेक्टर दर से वेतन दिया जाना एवं उनके खाते में जमा किया जाना वर्णित था। शर्ताें में यह भी उल्लेख था कि पूर्व में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को नगर पालिका की अनुमति के बगैर नहीं निकाला जायेगा फिर भी सात कर्मचारियों को निकाय से बिना अनुमति के हटाकर उनके स्थान पर नये कर्मचारी रख लिये। कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुये कहा कि वर्क आर्डर जारी होने के बाद ऐजेंसी प्रमुख प्रजापति ने कर्मचारियों से डेढ़ माह के वेतन काटे जाने की मांग की और धमकी भी दी गई कि यदि आप मुझे यह भुगतान नहीं करोगे तो आपको हटाकर किन्हीें दूसरे कर्मचारियों से कार्य कराऊंगा। ठेकेदार द्वारा निकाय में बिल प्रस्तुत कर 15 दिसम्बर 2019 से 31 दिसम्बर 2019 तक का भुगतान प्राप्त कर लिया और यह भुगतान हम लोगों को नहीं दिया गया। इस संबंध में जब हम लोगों ने बात की कि यह भुगतान क्यों नहीं किया तो उनका कहना था कि हमने जीरो प्रतिषत सुपरवीजन चार्ज पर ठेका लिया है इसलिये मैं तुम्हीं लोगों से अपना मुनाफा वसूल करूंगा। यहां तक कि उस समय का ईपीएफ भी हमें नहीं दिया गया यह ठेकेदार नगर पालिका से प्रति माह कलेक्टर दर का भुगतान कुषल एवं उच्चकुषल श्रेणी का भुगतान लेते हैं और हमें केवल 7000 रू. प्रतिमाह भुगतान किया जाता है। इन्होंने कुछ कर्मचारियों से खाली पेमेंट वाउचर भी दबाव डालकर हस्ताक्षर करा लिये हैं। हम शोषित कर्मचारियों के पक्ष को संज्ञान को लेकर कुछ पार्षदगणों ने भी निकाय में ठेकेदार के खिलाफ एक षिकायती पत्र दिया था जिसकी जांच मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा की जा रही है। ठेकेदार द्वारा जांच के डर से नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी होने के बाद भी वेतन भुगतान संबंधी कोई भी प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है और इस षिकायत के बाद हम लोगों को कार्य से निकालने की धमकी दी जा रही है फीमेल कर्मचारी द्वारा यह भी बताया गया कि ठेकेदार द्वारा लगाये गये अन्य कर्मचारी निकाय में आते हैं और किसी भी कर्मचारी को धमकाने लगते हैं साथ ही कंम्प्यूटर पोर्टल आदि के पासवर्ड की मांग करते हैं ताकि हम सुचारू रूप से कार्य न कर पायें। इन कर्मचारियों ने नगर पालिका अधिकारी से नगर पालिका द्वारा ही उनके खातों में भुगतान कराने की मांग की है मांगे पूरी न होने पर सामूहिक रूप से अनिष्चित कालीन हड़ताल पर जाने का भी अल्टीमेटम दिया गया है। इस आषय की षिकायत कर्मचारियों ने कलेक्टर, नपा अध्यक्ष, सहायक श्रमायुक्त, संयुक्त संचालक नगरीय प्रषासन से भी की है।
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हम लोगों का घर इसी सैलेरी से चलता है समय पर सैलरी न मिलने से हमारी आर्थिक व्यवस्था गड़बड़ा गई है हमें कलेक्ट रेट पर वेतन मिलना चाहिए। ठेकेदार ने एक नई मैडम को रखा है वह आईडी पासवर्ड मांग रहीं हैं जब हमने देने से मना किया तो ठेकेदार द्वारा हमें निकालने की धमकी दी जा रही है।

लता चतुर्वेदी, ऐजेंसी कर्मचारी

हम लोगों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है हमारी मांग है कि नगर पालिका सीधा हमारे खातों में पेमेंट करे जिससे हम आर्थिक शोषण का षिकार न हो सकें। ठेकेदार को 11810 रू. करीब भुगतान किया जाता है और ठेकेदार द्वारा हमें 7300 रू. ही दिया जा रहा है।

विनय अहिरवार ऐजेंसी कर्मचारी

जिन कर्मचारियों को भगा दिया गया उन्हें वापस लिया जाये और इन लोगों को विभागीय कर्मचारी घोषित किया जाये।

आनंद पथरौल

हम लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और समय पर वेतन भी नहीं दिया जाता हमारे वेतन में ठेकेदार द्वारा कटौती कर हमारा आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

हेमंत रैकवार, ऐजेंसी कर्मचारी

इनका कहना है:- कर्मचारियों ने ज्ञापन दिया है जिसमें कलेक्टर रेट पर भुगतान न करने की षिकायत की है हम ठेकेदार को बगैर कोई कटौती करते हुये पेमेंट करते हैं नगर पालिका द्वारा कलेक्टर रेट पर ही ठेकेदार को पेमेंट किया जा रहा है हमने ऐजेंसी को हिसाब बताने नोटिस भी जारी किया है कि आपने अभी तक नगर पालिका से कितना पेमेंट लिया और कितना कर्मचारियों को किया गया। लेकिन अभी तक साढ़े पांच माह का हिसाब ठेकेदार द्वारा अभी तक नहीं दिया गया है जो संदेह पैदा करता है हम इस मामले में अध्यक्ष महोदया से चर्चा करेंगे और जो भी उचित होगा हम करेंगे – रामचरण अहिरवार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मकरोनिया

रिपोर्टर अर्पित बिल्थरे

हमारे द्वारा पूरा पेमेंट कर्मचारियों के खाते में किया जाता है हमारे पास रिकार्ड है जितना काम करते हैं श्रम विभाग के नियमानुसार उन्हें पेमेंट किया जाता है यह 22-23 दिन काम करते हैं जो पैसा कलेक्टर रेट से कर्मचारियों को दिया जाता है – संतोष प्रजापति, ठेकेदार

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