पुलिस ने वापस दिलाई बच्ची 28 घंटे बाद मां ने देखा चेहरा

पुलिस ने वापस दिलाई बच्ची, 28 घंटे बाद मां ने देखा चेहरा

पुलिस ने वापस दिलाई बच्ची, 28 घंटे बाद मां ने देखा चेहरा
जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड से स्टाफ की लापरवाही के चलते बदली नवजात बच्ची शनिवार को करीब 28 घंटे बाद मिली। इसकी शिकायत सुबह बच्ची के परिजन ने पुलिस से की, जिसके बाद कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने इसे डेंगा मोहचार गांव से बरामद किया। यहां से पुलिस बच्ची और प्रसूता दोनों को जिला अस्पताल लाई।

अशोकनगर। जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड से स्टाफ की लापरवाही के चलते बदली नवजात बच्ची शनिवार को करीब 28 घंटे बाद मिली। इसकी शिकायत सुबह बच्ची के परिजन ने पुलिस से की, जिसके बाद कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने इसे डेंगा मोहचार गांव से बरामद किया। यहां से पुलिस बच्ची और प्रसूता दोनों को जिला अस्पताल लाई। तहसीलदार की मौजूदगी में यह बच्ची उसकी असली मां को सुपुर्द की। मालूम हो, कि जिला अस्पताल में दो प्रसूताओं के एक ही नाम होने के कारण एसएनसीयू वार्ड से नवजात बच्ची बदल गई थी। नीलम केवटी की बच्ची को नीलम आदिवासी को दे दिया, जबकि नीलम आदिवासी की बच्ची यहां एसएनसीयू में ही भर्ती थी। नीलम आदिवासी की अस्पताल से छुट्टी हो गई, तो वह बच्ची को लेकर यहां से चली गई। इसके बाद जब नीलम केवट के परिजन एसएनसीयू वार्ड में पहुंचे, तो फिर स्टाफ ने बच्ची को तलाशने की बात कही। अस्पताल प्रबंधन शुक्रवार को देर रात तक इन्हें बच्ची वापस आने की दिलाशा देता रहा। इसके लिए एक एंबुलेंस भी नीलम आदिवासी के गांव भेजी गई। बताया जाता है कि लेकिन गांव में नीलम नहीं मिली। शनिवार को सुबह नीलम केवट के पति ने सिटी कोतवाली पहुंचकर मामले की शिकायत की। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन द्वारा भी पुलिस को इस बारे में जानकारी दी गई।

सुबह सक्रिय हुई पुलिस, रिश्तेदार के घर मिली नीलम आदिवासी

घटना की जानकारी मिलने के बाद ही शनिवार को सुबह से कोतवाली पुलिस इस मामले में सक्रिय हो गई। पुलिस ने नीलम आदिवासी के पति से संपर्क किया, तो उसने कहा कि पत्नी घर पर नहीं आई है। इसके बाद उसके रिश्तेदारों व आशा कार्यकर्ता का भी सहयोग लिया। कोतवाली टीआइ विवेक शर्मा ने बताया कि नीलम आदिवासी के उसके रिश्तेदार के घर ग्राम डेंगा मोहचार में होने की जानकारी लगी, जिसके बाद ईसागढ़ पुलिस का सहयोग लिया गया। ईसागढ़ थाना प्रभारी रवि चौहान डेंगा मोहचार गांव पहुंचे। यहां उन्होंने इनको समझाया। बताया जाता है कि नीलम आदिवासी का स्वास्थ्य खराब हो रहा था, तो थाना प्रभारी श्री चौहान बच्ची और नीलम दोनों को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर जिला अस्पताल लाए। यहां उक्त बच्ची नीलम केवट के सुपुर्द की गई। अशोक नगर से आकाश यादव की रिपोर्ट

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