पढ़ें आज का जीवन सन्देश

✍🏻 अनिल मालवीय

हमारा जीवन बहुत खूबसूरत है, दुनिया की इस खूबसूरती को देखने के लिए हमें सकारात्मक होने की जरूरत है। यदि हम सकारात्मक सोच नहीं रखेंगे तो दुनिया में हमें खूबसूरती नजर न आकर केवल परेशानियां नजर आएंगी। सकारात्मक सोच को पाने के लिए हमें सकारात्मक ऊर्जा की जरूरत होती है और सकारात्मक ऊर्जा हमें सकारात्मक पढ़ने, लिखने और सुनने से मिलती है।

हमारे अन्दर वही है जिसे हमने आंख व कान से अंदर ले गए और बाहर वही आता है जो हमारे अंदर है। हम क्या सोचते हैं या हमारा नजरिया कैसा है? इस बात का हमारे जीवन में बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है क्योंकि विचारों में बहुत शक्ति होती है। हमारी सकारात्मक सोच, सकारात्मक संवाद और सकारात्मक कार्यों का असर हमें सफलता की ओर अग्रसर करते हैं जबकि निराशा तथा नकारात्मक संवाद व्यक्ति को अवसाद की ओर ले जाते हैं।

निराशा के दिनों में मनोवैज्ञानिक भी सकारात्मक संवाद एवं सकारात्मक विचारों को पढ़ने-सुनने और सोचते रहने की सलाह देते हैं। हमारे सकारात्मक विचार ही मन में उपजे निराशा के अंधकार को दूर करके आशाओं के द्वार खोलकर जीवन को प्रकाशमय करते हैं।

हम इस बात को इस तरह से भी समझ सकते हैं, जैसे कि हमारे पास दो तरह के बीज हैं, सकारात्मक विचार एंव नकारात्मक विचार, जो आगे चलकर हमारे दृष्टिकोण एवं व्यक्तित्व रुपी पेड़ का निर्धारण करते हैं। क्योंकि हम जैसा सोचते हैं वैसा बन जाते हैं, जैसे हमारे विचार होते हैं वैसा ही हमारा आचरण होता है। यह हम पर निर्भर करता है कि हम अपने दिमाग रुपी उपजाऊं जमीन में कौन-सा बीज बौते हैं। थोड़ी-सी चेतना एंव सावधानी से हम कांटेदार पेड़ को महकते फूलों के पेड़ में बदल सकते हैं, इसके लिए हमे हमारे भीतर सकारात्मक विचारों को रोपित करना होगा।

जिस इंसान में सकारात्मक सोच नहीं होती उसकी जिंदगी निराशा के घोर अंधकार से घिरी होती है और जिसके पास सकारात्मक सोच की शक्ति होती है वह घोर अंधकार को भी आशा की किरणों में बदलने में सक्ष्म होता है। यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि उसे अपनी सोच को सकारात्मक रखना है या नकारात्मक।

नकारात्मकता को नकारात्मकता समाप्त नहीं कर सकती, नकारात्मकता को तो केवल सकारात्मकता ही समाप्त कर सकती है। इसीलिए जब भी कोई छोटा सा नकारात्मक विचार मन में आये उसे उसी पल सकारात्मक विचार में बदल देना चाहिए। क्योंकि नकारात्मकता का जवाब सकारात्मकता के अलावा कुछ भी नहीं हो सकता।

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