मतदान के दिन निजी वाहनों के दुरूपयोग रोकने के संबंध में निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किये गये दिशा-निर्देश

मतदान के दिन निजी वाहनों के दुरूपयोग रोकने के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये है।

जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि जो वाहन व्यक्तिगत उपयोग में लाये जाते हैं, जैसे-कार या स्कूटर या मोपेड, उनमें वाहन स्वामी स्वयं तथा अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मतदान हेतु केन्द्र के पास तक कर सकते है। अपने वाहन में अन्य मतदाताओं को लाने-ले जाने का कार्य नहीं करना चाहिए। यदि इस प्रकार व्यक्तिगत स्वामित्व के वाहनों अथवा भाड़े पर लिये गये अन्य सवारी वाहनों जैसे कि टेक्सी, टेम्पो आदि का दुरुपयोग मतदाताओं को लाने-ले जाने के लिये किया जाना पाये जाने पर कार्यवाही की जायेगी। यह कृत्य मध्यप्रदेश स्थानीय प्राधिकारी (निर्वाचन अपराध) अधिनियम, 1964 की धारा 9 के अंतर्गत एक अपराध है और इस प्रकार का अपराध करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक आपराधिक प्रकरण कायम करने के साथ साथ उसके वाहन को भी जब्त (Seize) करने की कार्यवाही की जायेगी।

माल वाहक वाहनों जैसे कि लारियों, ट्रकों, ट्रेक्टर ट्रालियों आदि का उपयोग सवारियां ढोने के लिए नहीं किया जा सकता है। ऐसे वाहनों में केवल सामान चढ़ाने या उतारने वाले श्रमिकों को छोड़कर अन्य लोगों को बैठाने पर पाबंदी रहेगी। ऐसा करना लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है। यदि माल वाहक वाहनों का मतदाताओं को ढोने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा हो तो ऐसे वाहनों को जब्त करके, मोटर यान अधिनियम, 1988 के अन्तर्गत आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

राज्य निर्वाचन आयोग की मंशा है कि मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से उन्हें वाहनों में लाने-ले जाने के प्रयासों को सख्ती से रोका जाये। निर्देश दिये गये है कि इस संबंध में सम्पूर्ण नगरपालिका क्षेत्र में मतदान के एक दिन पहले ही इस आशय की घोषणा कर दी जाए कि ऐसे वाहनों का चालान होगा और वे जब्त किए जायेंगे। आग्रह किया गया है कि परेशानी से बचने के लिए मतदाता किसी भी उम्मीदवार द्वारा इस प्रकार की सुविधा के ऑफर को स्वीकार नहीं करें।

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