मध्यप्रदेश ड्रोन को लेकर नई पॉलिसी लागू


भोपाल. सार्वजनिक स्थलों और आयोजनों में ड्रोन उड़ाना अब आसान नहीं होगा। इसको लेकर नगर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने नई पॉलिसी लागू कर दी है। इसके तहत ड्रोन का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए अंतिम तारीख 31 जनवरी तय की गई है।
शादी या किसी समारोह में ड्रोन से फोटोग्राफी करने के लिए मंजूरी लेना जरूरी होगा। ड्रोन के इस्तेमाल से 24 घंटे पहले इस बात की जानकारी स्थानीय थाने को देनी होगी, लेकिन 60 मीटर से ऊपर ड्रोन को नहीं उड़ा सकेंगे। ड्रोन को सिर्फ दिन में ही उड़ा सकते हैं। रात में इस्तेमाल के लिए डीजीसीए से अनुमति लेनी होगी।
ये हैं नियम
ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस के नियम भी तय किए गए हैं। लाइसेंस तभी मिलेगा, जब आवेदक की उम्र 18 साल से ज्यादा होगी और वह 10वीं पास होगा। इसके साथ ही अंग्रेजी जानना भी जरूरी है।
ड्रोन उड़ाने के लिए इसका रजिस्ट्रेशन, ऑपरेटर परमिट और उड़ाने से पहले क्लियरेंस लेना जरूरी है। इसके लिए डीजीसीए की वेबसाइट पर डिजिटल स्काय नाम से प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है।
डीजीसीए से इम्पोर्ट क्लीयरेंस के अलावा यूआईएन (यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर) और यूएओपी (अनमैन्ड एयरक्राफ्ट ऑपरेटर परमिट) जारी होगा, वही रिन्यूअल भी करेगा।
यूआईएन के लिए 1 हजार और यूएओपी के लिए 25 हजार रुपए फीस लगेगी। हालांकि यूएओपी 5 साल तक वैलिड होगा और बाद में रिन्यूअल के लिए 10 हजार रुपए की फीस देनी होगी।
प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन की अनुमति रक्षा मंत्रालय देगा। क्लीयरेंस गृह मंत्रालय से मिलेगा। ड्रोन उड़ाने के नियमों का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 287, 336, 337, 338 के तहत जुर्माने और सजा का प्रावधान है। डीजीसीए यूआईएन और यूएओपी निलंबित या रद्द भी कर सकता है।

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