मानकों की अनदेखी कर हो रहा शौचालय व सी.सी.सडक का निर्माण,जिम्मेदार बने अनजान

झाबुआ। (रिपोर्ट- कलसिंह भूरिया 9425945343) ग्राम पंचायतो मे किसी भी मद की राशि क्यों ना हो जिससे पंचायत के विकास कार्य मैं भारी अनियमितताएं देखने को मिल ही जाती है, जहां सरपंच-सचिव रोजगार सहायक अपने वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर मानक विहीन तरीके से शौचालय व पंचायत भवन सहित अन्य निर्माण कार्य करवाए जा रहे है। प्रदेश की शिवराज सरकार में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है पंचायती राज विभाग की मौन स्वीकृति तथा लचर कार्यशैली के चलते ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में भ्रष्टाचारियों द्वारा जमकर अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी से सरकारी धन का बंदरबांट कर मानक विहीन निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। सरपंच-सचिव के द्वारा नाली, सीसी सड़क, नाला, खड़ंजा, पुलिया, तालाब निर्माण तथा शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन को भ्रष्टाचारी पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक घर को शौचालय उपलब्ध कराए गए तथा गांव में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें जनपद पंचायत के भ्रष्ट अधिकारियों तथा सरपंचो के द्वारा नियम की धज्जियां उड़ाते हुए निर्माण कार्य कराए गये है, जनपद पंचायत झाबुआ की ग्राम पंचायत पिपलिया पारा रोड, जनपद पंचायत मेघनगर की ग्राम पंचायत कड़वापाड़ा में सार्वजनिक शौचालय व पंचायत भवन में नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए जिस तरह निर्माण कराया जा रहा है उससे तो यही लगता है कि सार्वजनिक एवं निजी शौचालय निर्माण, सीसी सड़क निर्माण निस्तार तालाब निर्माण में लाखों रुपयों का घोटाला किया होगा। ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार अपनी चरम पर है सरपंच सचिव द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जबकि कागजों में नम्बर एक का काम किया जाना बता रहे है। सार्वजनिक शौचालय निर्माण में नियमो की अनदेखी की जा रही हैँ। घटिया सीमेंट, मिट्टी वाली बालू व ईंट से निर्माण कार्य कराया जा रहा है,अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या जिला स्तरीय उच्च अधिकारी संज्ञान लेते है कि नहीं। अक्सर देखा गया कि अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ऐसे भ्रष्ट और घोटालेबाज सरपंच सचिवों पर कार्रवाई करने के बजाए मौखिक संरक्षण देकर बढ़ावा देते हैं इसी संदर्भ में लेकिन अगर जनपद पंचायत सीईओ श्री रावत से उनके मोबाइल से संपर्क करने पर उन्होंने कॉल रिसीव करना उचित नहीं समझा पूर्व में भी उक्त दोनों सीईओ को पंचायतों के नाम सहित निर्माण साइडों में हुई अनियमितताओं से अवगत करवा दिया गया था लेकिन कारवाही की कोई गतिविधि नजर नहीं आई।

यह बोले जिम्मेदार-:
जनपद पंचायत झाबुआ सीईओ चंद्र सिंह मंडलोई से संपर्क करने पर उन्होंने कहा फिलहाल में साहब के साथ हूं बाद में बात करता हूं।

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