मौसम मोहब्बत मंटो’ का मंचन कर कलाकारों ने दर्शकों को किया भावुक

ओम मंच पर अस्तित्व के रंगकर्मियों ने किया अभिनय, दर्शकों ने प्रतिक्रिया में फिल्म सा अहसास बताया


छिंदवाड़ा / रंगकर्म को समर्पित संस्था ओम मंच पर अस्तित्व के रंग कर्मियों ने सोमवार को सदाबहार अफसाना निगार सहादत हसन मंटो की कहानियों का नाट्य रूपांतरण ‘मौसम मोहब्बत मंटो’ का मंचन किया। मंटू की बहुचर्चित तीन कहानियां टूटू माचिस की डिबिया और मिस्टर हमीदा का कथा कोलाज रूपांतरण व निर्देशन युवा नाट्य निर्देशक शिरिन आनंद दुबे ने बखूबी किया।
मानवीय संवेदनाओं को झकझोरती गाथाओं में आजादी पूर्व से लेकर आज के माहौल को रेखांकित करते हुए शहर के रंगकर्मियों ने अपने भावपूर्ण अभिनय से उपस्थित दर्शक समुदाय को भावुक कर दिया। नाटक में फैसल अफरोज कुरेशी, हर्षल राजपूत, नेहा बानिया, पवन नेमा, तृप्ति विश्वकर्मा, शिवानी बानिया, समसुन्निशा कुरैशी, पंकेश बगमार, इंद्रेश धुर्वे, अनीता उईके, अमन साहू, वंश अंबालकर ने भूमिका निभाते हुए दर्शकों की भरपूर तालियां बटोरी। मंच से परे प्रकाश दीपन हिमांशु भार्गव, रंग संगीत शिरिन आनंद दुबे और यश साहू, मुख सज्जा स्पंदन आनंद दुबे, ध्वनि व्यवस्थापन दुर्गेश साहू तथा कला निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी विजय आनंद दुबे ने किया। इस सांस्कृतिक आयोजन के समापन पर कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दर्शकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कहा कि नाटक के हर दृश्य इतने संवेदनशीलता से रचे पगे थे कि ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कोई कला फिल्म चल रही हो।

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