35 साल बाद परिवार में जन्मी बेटी तो किया ऐसा काम, जीत लिया सबका दिल

इंदौर. आम तौर पर बेटे के जन्म पर जश्न मनाने की बात तो सामने आती है, लेकिन अब मानसिकता बदल रही है। बेटी को बोझ न मानते हुए उसे लक्ष्मी मानकर उसके आगमन पर जश्न मनाया जाने लगा है। ऐसा ही एक मामला नार्थ तोड़ा का है। यहां पर परिवार में बेटी ने जन्म लिया तो परिवार और समाज बैंड-बाजे के साथ नाचते-गाते हुए उसे घर लेकर आया।
नार्थ तोड़ा में रहने वाले आनंद वर्मा के यहां पर बेटी ने जन्म लिया है। आनंद के पिता शेखर वर्मा ने बताया कि उनकी भी कोई बेटी नहीं थी। 35 साल बाद परिवार में बेटी का जन्म हुआ है। इस पर मां और बच्ची को अस्पताल से घर बैंड-बाजे के साथ लाना चाहा था। इसके लिए परिवार और समाज के लोगों से भी बात हुई और सब सहर्ष ही इसके लिए तैयार हो गए। इस पर कल बच्ची और उसकी मां को सजी-धजी गाड़ी में अस्पताल से घर तक परिवार नाचते-गाते लेकर आया। उसे घर लाने पर आतिशबाजी भी की गई। उनका कहना है कि वह बेटी और बेटे में कोई फर्क नहीं मानते हैं। बेटी के जन्म पर उन्हें खुशी तो है ही, साथ ही समाज में भी बेटी को लेकर संदेश देना चाहते थे।
अनाथ बच्ची का किया कन्यादान
शेखर वर्मा ने बताया कि उनके परिवार में 35 साल से कोई भी बेटी नहीं हुई है। उनके भी दो बेटे हैं। उनके परिवार में कोई बेटी नहीं थी। इस पर एक अनाथ बच्ची को अपना मानकर उसकी शादी की थी। अब उनके परिवार में भी एक बेटी आ गई है।

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