महानायक अमिताभ बच्चन दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के बुजुर्गों के लिए नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर अब विवादों में

जोहानिसबर्ग. बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) का नाम साउथ अफ्रीका (South Africa) के एक ओल्ड ऐज होम के चलते विवादों में आ गया है. दरअसल बिग बी दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के बुजुर्गों की मदद के लिए चल रहे एक ओल्ड ऐज होम के लिए दुनिया भर से चंदा जुटाने में भी मदद करते हैं. अब ये ओल्ड ऐज होम लॉकडाउन के नियमों की अनदेखी करने के चलते विवादों में आ गया है.

जोहानिसबर्ग
बॉलिवुड के महानायक अमिताभ बच्चन दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के बुजुर्गों के लिए एक सदी पुराने आवासीय देखभाल केंद्र की खातिर पिछले कई वर्षों से पैसा जुटाते रहे हैं। यह केंद्र कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण लगाए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर अब काफी विवादों में आ गया है। 

आर्यन बेनेवोलेंट होम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन पुत्तुनदीन और ठेकेदार रोशन लक्ष्मण को पुलिस ने बुजुर्गों के चैट्सवर्थ होम में कोविड-19 पृथक वार्ड तैयार करने के लिए आवश्यक अनुमति न होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। एबीएच इस केंद्र में कोरोना वायरस फैलने की आशंका के मद्देनजर तैयारी के तौर पर 24 बिस्तरों का वार्ड बना रहा था, उसी दौरान पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। 

लक्ष्मण ने वेबसाइट ‘इंडिपेंडेंट ऑनलाइन’ (आईओएल) को बताया कि उनके और पुत्तुनदीन के पास लॉकडाउन के दौरान काम करने के लिए वैध दस्तावेज थे जिन्हें पुलिस ने कानून सम्मत मानने से इनकार कर दिया। लक्ष्‍मण ने बताया कि वे सभी मजदूरों समेत उन्हें पुलिस थाने ले गए। पुलिस थाने में सामाजिक दूरी बनाए रखना संभव नहीं था और सभी को एक बरामदे में रखा गया, जब तक कि पुलिस ने उनके मजदूरों को चेतावनी देकर छोड़ नहीं दिया। 

एबीएच का समर्थन करते हैं अमिताभ बच्चन 
लक्ष्मण और पुत्तुनदीन को शाम को रिहा किया गया, जब उनके वकील ने जमानत राशि जमा की। लक्ष्मण के मुताबिक यह घटनाक्रम उनके लिए अपमानजनक था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके साथ इस तरह का बर्ताव किया, मानो वे नशीले पदार्थ या शराब बेच रहे थे। अमिताभ बच्चन तब से एबीएच का समर्थन करते रहे हैं जब वह बॉलीवुड कार्यक्रम ‘नाऊ ओर नेवर’ के सिलसिले में 2002 में दक्षिण अफ्रीका की यात्रा के दौरान पहली बार यहां आए थे। 



पिछले साल अक्टूबर में बच्चन राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के साथ एबीएच के लिए निधि जुटाने के अभियान में शामिल हुए थे। एबीएच उन जरूरतमंद भारतीय मूल के वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए एक सदी पहले शुरू हुआ था जिन्हें समुदाय की ओर से अनदेखी होती है। 

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