आजादी का अमृत महोत्सव के तहत संवाद एवं परिचर्चा सम्पन्न



मध्यप्रदेश की नई जरूरतों और पर्यटन की संभावनाओं को केन्द्र में रखकर संसाधन एटलस बनायें : डॉ बजाज

मध्यप्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन के विस्तार की बहुत संभावनाएँ हैं। नई आवश्यकत्ताओं, तकनीकी विकास और भावी संभावनाओं को केंद्र में रखकर संसाधन एटलस को जनोपयोगी बनाने की जरूरत है। ये विचार डॉ. जे.के बजाज, डायरेक्टर सेंटर फॉर पॉलिसी स्टडीज, नई दिल्ली एवं सदस्य पिछड़ा वर्ग आयोग, भारत सरकार ने गुरुवार को मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत संवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।

व्याख्यान का विषय ‘ओवरव्यू एंड न्यू एप्रोच फॉर रिसोर्स एटलस प्रोग्राम ऑफ मध्यप्रदेश था। श्री बजाज ने कहा कि परिषद् द्वारा एमपीआरए प्रोग्राम के अंतर्गत विभिन्न जिलों के बनाये गये एटलस प्रामाणिक और वैज्ञानिक अध्ययनों से प्राप्त डाटा पर आधारित हैं। लेकिन अब इनके अद्यतन की आवश्यकता है। महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि हम परिषद के इस प्रोग्राम को पुनः परिभाषित कर समाज और सरकार की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाएंगे।

उल्लेखनीय है कि मेपकास्ट द्वारा 2007 में मध्यप्रदेश के संसाधनों पर केंद्रित प्रथम रिसोर्स एटलस प्रकाशित किया गया था। इसके बाद जिलेवार एटलस प्रकाशित किये गये।

इस अवसर पर परिषद के वैज्ञानिकों ने विभिन्न योजनाओं और प्रोजेक्ट के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया।

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